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शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021
 
 

म्यांमार तख़्तापलट: सेना के ख़िलाफ़ बढ़ते प्रदर्शनों में शिक्षक, छात्र और आम लोग शामिल

रविवार, 7 फ़रवरी, 2021  परवेज़ अनवर, एमडी & सीईओ, आईबीटीएन ग्रुप
 
 
म्यांमार के यंगून शहर में हज़ारों लोग सैन्य तख़्तापलट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। लोग सैन्य शासकों के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर आये हैं। इनमें महिलाओं और पुरुषों के अलावा कुछ बच्चे भी हैं।

म्यांमार में सेना के तख़्तापलट के ख़िलाफ़ आम लोगों का आंदोलन ज़ोर पकड़ रहा है। प्रदर्शन करने वालों में अब शिक्षक और छात्र भी शामिल हो गए हैं।

म्यांमार के सबसे बड़े शहर, यांगून के एक विश्वविद्यालय में प्रदर्शनकारियों ने जेल में बंद नेता आंग सान सू ची के प्रति समर्थन जताया। प्रदर्शनकारियों ने अपने कपड़ों पर लाल रिबन लगाए हुए थे, जो सू ची की पार्टी का रंग है।

सोमवार, 01 फरवरी 2021 को हुए तख़्तापलट के बाद से ही सू ची और अन्य नेता हिरासत में हैं।

इससे पहले सेना ने सू ची की नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया था।

हालांकि सू ची सोमवार, 01 फरवरी 2021 के बाद से ही सार्वजनिक तौर पर नज़र नहीं आई हैं, एनएलडी के एक अधिकारी के मुताबिक़, माना जा रहा है कि वो हाउस अरेस्ट में हैं।

म्यांमार, जिसे बर्मा के नाम से भी जाना जाता है, तख़्तापलट के बाद अधिकतर शांत स्थिति में है, जिसने दक्षिण पूर्व एशियाई देश को अनिश्चितता में डाल दिया है।

शुक्रवार, 05 फरवरी 2021 की दोपहर सैंकड़ों शिक्षक और छात्र यांगून के एक विश्वविद्यालय के बाहर जमा हुए, जहां उन्होंने थ्री-फिंगर सलूट दिखाया, जो सत्ताधारी शासन के प्रति अपना विरोध प्रदर्शित करने का क्षेत्र के प्रदर्शनकारियों का तरीक़ा है।

इन लोगों ने आंग सान सू ची के समर्थन में नारे लगाए और इनके हाथों में लाल झंडे थे।

म्यांमार तख़्तापलटः सैन्य शासन ने ट्विटर, इंस्टाग्राम पर प्रतिबंध लगाया

म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के बाद सोशल मीडिया साइट ट्विटर और इंस्टाग्राम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

म्यांमार की प्रमुख इंटरनेट सेवा प्रदाता टेलेनॉर ने पुष्टि की है कि उन्हें ''अगली सूचना तक'' दोनों साइट तक लोगों की पहुँच को रोकने का आदेश दिया गया है।

तख़्तापलट करने वाले सैन्य अधिकारियों ने स्थिरता के नाम पर गुरुवार, 04 फरवरी 2021 को फ़ेसबुक को ब्लॉक किया था।

लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेताओं की नज़रबंदी से देश सविनय अवज्ञा आंदोलन की ओर बढ़ रहा है।

शुक्रवार, 05 फरवरी 2021 को यंगून में यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक देश की नेता आंग सान सू ची और उनकी नैशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) पार्टी के अन्य वरिष्ठ सदस्यों के समर्थन में नारे लगाते हुए इकट्ठा हुए।

आंग सान सू ची के वकील के मुताबिक उन्हें नज़रबंद किया गया है।

वहीं पुलिस दस्तावेज़ के मुताबिक सू ची पर ग़ैरक़ानूनी ढंग से संचार उपकरण वॉकी-टॉकी का आयात और नाय पी ताव स्थित उनके घर पर उसका उपयोग करने का आरोप लगाया गया है।

म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ दूसरे दिन भी बड़े प्रदर्शन जारी

म्यांमार के यंगून शहर में रविवार, 07 फरवरी 2021 को भी हज़ारों लोग सैन्य तख़्तापलट के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

लोग सैन्य शासकों के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर आये हैं। इनमें महिलाओं और पुरुषों के अलावा कुछ बच्चे भी हैं।

लोग हाथों में नज़रबंद की गईं नेता आंग सान सू ची के पोस्टर थामे हुए हैं और अधिकांश लोगों ने लाल रंग के कपड़े पहने हैं।

लाल रंग आंग सान सू ची की नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी पार्टी का रंग है।

प्रदर्शन में शामिल लोग नारे लगा रहे हैं कि 'हमारे वोट का सम्मान करो।' ग़ौरतलब है कि नवंबर 2020 में हुए आम चुनावों में सू ची की पार्टी को बड़ी जीत हासिल हुई थी।

शनिवार, 06 फरवरी 2021 को सैन्य शासकों के आदेश पर म्यांमार में इंटरनेट की सुविधा बंद कर दी गई थी, पर इसके बावजूद लोग प्रदर्शनों के वीडियो और तस्वीरें बाहर निकाल पाने में सफल हुए हैं।

इन प्रदर्शनों में शामिल लोगों ने हाथों में लाल गुब्बारे लिये हुए हैं। वहीं कुछ लोग अपनी कारों का हॉर्न बजाकर इन प्रदर्शन के लिए अपना समर्थन ज़ाहिर कर रहे हैं।

म्यो विन नाम के एक 37 वर्षीय प्रदर्शनकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से बातचीत में कहा कि 'हम तब तक आगे बढ़ते रहेंगे और लड़ते रहेंगे, जब तक हमें लोकतंत्र वापस नहीं मिल जाता।'

यंगून यूनिवर्सिटी के पास स्थानीय पुलिस बलों की भारी तैनाती की गई है। पुलिस की तैयारी देखकर लगता है कि वो किसी भी अप्रिय घटना का सामना करने के लिए तैयार है।

अब तक कहीं भी सेना ने प्रदर्शनों को रोकने की कोशिश नहीं की है। सेना म्यांमार के नागरिकों को अपना असंतोष ज़ाहिर करने दे रही है। लेकिन बीबीसी में दक्षिण-पूर्व एशिया के संवाददाता जोनाथन हेड के अनुसार, लोग यह मान रहे हैं कि प्रदर्शन ज़्यादा बड़े हुए तो सेना कोई कार्रवाई कर सकती है।

म्यांमार के अन्य शहरों में भी रविवार, 07 फरवरी 2021 को कुछ छोटे-मोटे प्रदर्शन होने की ख़बर है।

उधर, आंग सान सू ची और उनकी कैबिनेट के कई वरिष्ठ नेता अब भी अपने घरों में नज़रबंद हैं। सैन्य शासकों ने 1 फ़रवरी 2021 को उन्हें नज़रबंद किया था और देश में इमरजेंसी की घोषणा कर दी थी।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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