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शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021
 
 

वैक्सीन की कमी से रूस और चीन को प्रभुत्व बढ़ाने का मौक़ा मिल सकता है: इमैनुअल मैक्रों

शनिवार, 20 फ़रवरी, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से अपील की है कि वे कोरोना वायरस वैक्सीन की अपनी सप्लाई का 5 फीसदी तक हिस्सा दूसरे देशों को तत्काल भेजें।

मैक्रों ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स को बताया है कि वैक्सीन को उचित तरीके से अगर साझा नहीं किया गया तो इससे दुनिया में असमानता और बढ़ेगी।

मैक्रों ने शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2021 को जी- 7 देशों के सम्मेलन से पहले इस असंतुलन को हल करने की अपनी योजना का प्रस्ताव रखा है।

मैक्रों ने कहा है कि इस तरह की स्कीम की ग़ैर-मौजूदगी में चीन और रूस इस अंतर को पूरा भरेंगे और इससे वैक्सीन को लेकर अपना प्रभुत्व बढ़ाने की जंग का रास्ता खुल जाएगा।

गौ़रतलब है कि बीते कुछ वक्त से रूस और चीन कई विकासशील देशों को अपनी कोरोना वैक्सीन मुहैय्या करा रहे हैं।

दुनियाभर में चल रही वैक्सीनेशन की मुहिम का ज़्यादातर हिस्सा अमीर देशों में चल रहा है।

मैक्रों ने कहा है कि जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने वैक्सीन साझा करने की यूरोप की मुहिम का समर्थन किया है। मैक्रों ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अमरीका भी इसका समर्थन करेगा।

मैक्रों ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स से कहा, ''हम तत्काल अरबों डोज या अरबों यूरो की बात नहीं कर रहे हैं। हम अपने पास मौजूद वैक्सीन का 4-5 फीसदी हिस्सा तेज़ी से दूसरे देशों को देने की बात कर रहे हैं।''

माना जा रहा है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन जी-7 देशों के सम्मेलन में सीओवीएएक्स कार्यक्रम के लिए कोरोना वैक्सीन की अतिरिक्त डोज़ देने का ऐलान कर सकते हैं।

वहीं व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन दुनिया के सभी मुल्कों तक समान रूप से वैक्सीन पहुंचाने के अंतरराष्ट्रीय सीओवीएएक्स कार्यक्रम के लिए चार अरब डॉलर देंगे।

ग़रीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाले एक समूह की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि अमीर देश जिन्होंने कोरोना वैक्सीन रिसर्च में निवेश किया है, उन्होंने अपनी ज़रूरत से ज़्यादा वैक्सीन अपने लिए सुरक्षित कर ली है।

वन कैंपेन नाम की स्टडी में पता चला है कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने सीओवीआईडी-19 वैक्सीन की तीन अरब से ज़्यादा डोज़ खरीद ली हैं। यह सप्लाई इन देशों की आबादी को दो डोज़ देने के हिसाब से क़रीब एक-तिहाई यानी 1.2 अरब डोज़ अधिक है। वहीं दुनिया के 100 से ज़्यादा देश ऐसे हैं जहां वैक्सीन लगना शुरू भी नहीं हुआ है।

इससे पहले बुधवार, 17 फरवरी 2021 को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने दुनिया के देशों के बीच सीओवीआईडी-19 वैक्सीन के वितरण को 'असमान और अनुचित' बताया था।

उनका कहना था कि दुनिया भर में जितनी कोरोना वैक्सीन उपलब्ध है उसका 75 फीसदी हिस्सा दुनिया के 10 देशों के पास है जबकि 130 देशों को वैक्सीन की एक भी डोज़ नहीं मिल सकी है।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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