• Name
  • Email
शनिवार, 6 मार्च 2021
 
 

टूलकिट मामला: दिशा रवि की ज़मानत याचिका पर कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

शनिवार, 20 फ़रवरी, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
भारत में दिल्ली के पटियाला हाऊस कोर्ट ने शनिवार, 20 फरवरी 2021 को बेंगलुरू से गिरफ्तार की गई पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की जमानत याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है।

कोर्ट इस मामले में मंगलवार, 23 फरवरी 2021 को आदेश देगी।

सुनवाई के दौरान एडिशनल सेशन जज जस्टिस धर्मेंद्र राणा ने अभियोजन पक्ष से दिशा रवि पर लगाए गए आरोपों और उन्हें साबित करने के लिए ज़रूरी सबूतों के बारे में सवाल किए।

अभियोजन पक्ष की तरफ से एडिशिनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट से कहा कि जांच अभी प्रारंभिक स्टेज पर है और इस मामले में दिशा रवि समेत अन्य लोगों से पूछताछ बाक़ी है इसलिए दिशा रवि की ज़मानत याचिका को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

उनका कहना था कि दिशा रवि ने माना था कि उन्होंने ही वो व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था जिसके ज़रिए टूलकिट को बनाने को लेकर बातचीत हुई थी।

उनका कहना था कि ''पुलिस को शक़ है कि दिशा रवि सबूत नष्ट कर सकती हैं या फिर उनके साथ छेड़छाड़ कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि दिशा रवि ने ही पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग से संपर्क किया था।''

उन्होंने कहा कि ये योजना दिशा रवि और निकिता ने मिल कर बनाई थी।

दिशा रवि के वकील ने क्या कहा?

दिशा रवि के वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि दिशा ने ग्रेटा थनबर्ग से बात की थी और एक ट्वीट कर किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने खालिस्तानी आंदोलन की बात नहीं की थी। क्या ये कोई समस्या है?

उन्होंने कहा, "पहले ही दिशा को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया था। फिर भी अब पुलिस का कहना है कि दिशा के पास और डिवाइसेस हो सकते हैं, ये चौंकाने वाला बयान है।''

उन्होंने कहा कि ''शांतनु जिन पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें कुछ दिनों तक हिरासत में नहीं लिया जा सकता क्योंकि उनके पास अंतरिम जमानत है, न तो निकिता को हिरासत में लिया जा सकता है क्योंकि ऐसा करने के लिए ऑर्डर नहीं हैं तो दिशा को ही अकेले गिरफ्तार क्यों किया गया है?"

उन्होंने कहा, ''अगर दो लोग बिना गिरफ्तार हुए जांच में सहयोग कर सकते हैं तो दिशा भी कर सकती हैं। जांच के दौरान वो दिल्ली में रहेंगी और जांच टीम के साथ पूरा सहयोग करेंगी।''

अग्रवाल ने कहा कि ''पुलिस ने जिस टूलकिट की बात की है न तो उसमें हिंसा की बात की गई है और न ही झंडा फहराने को लेकर कुछ कहा गया है। टूलकिट में केवल मार्च करने की बात की गई है और इसके लिए खुद दिल्ली पुलिस ने इजाज़त दी थी। दिशा किसी भी तरह से रैली के आयोजन में शामिल नहीं थीं। ऐसे में जो हुआ उसके लिए दिशा को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।''
 
 
 
 
 
 
 
 
 

खास खबरें

 
नाइजीरिया में एक स्थानीय अधिकारी का कहना है कि पिछले हफ़्ते उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में स्थित एक स्कूल की जिन क़रीब 300 लड़कियों को अग़वा किया गया था, उन्हें रिहा कर दिया गया ...
भारत के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर चीनी हैकरों के कथित हमले को लेकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि साइबर हमले केवल मुंबई तक सीमित नहीं हैं बल्कि इसका दायरा देश भर में फैला ...
 

खेल

 
कोरोना वायरस संक्रमण के सात मामले सामने आने के बाद पाकिस्तान प्रीमियर लीग ट्वेन्टी-ट्वेन्टी क्रिकेट चैंपियनशिप को रद्द कर दिया गया है। पाकिस्तान प्रीमियर लीग ट्वेन्टी-ट्वेन्टी चैंपियनशिप को रद्द करने के ...
 

देश

 
भारत में दिल्ली की सीमाओं पर नवंबर 2020 से डटे हुए किसानों ने कड़कड़ाती ठण्ड झेलने के बाद अब गर्मियों की तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। ये किसान केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाये गये तीन नये कृषि ...
 
भारत में रविवार, 28 फ़रवरी 2021 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में किसान महापंचायत को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार पर किसानों की पीठ में छुरा घोंपने का ...