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शनिवार, 6 मार्च 2021
 
 

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, हम वापसी कर रहे हैं

रविवार, 21 फ़रवरी, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
अमेरिका के नए विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बीबीसी से कहा है कि 'अमेरिका इज़ बैक' यानी अमेरिका वापसी कर रहा है और वो महामारी, जलवायु परिवर्तन और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं समेत कई मसलों को सुलझाने में मदद के लिए पूरी तरह लगा हुआ है।

ये डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फ़र्स्ट' की नीति से अलग है।

अपने पहले अंतरराष्ट्रीय इंटरव्यू में ब्लिंकन ने सीओवीआईडी-19 के ख़िलाफ़ दुनिया भर में टीकाकरण के महत्व पर ज़ोर दिया।

उन्होंने बताया कि अमेरिका सीओवीएएक्स वैक्सीनेशन स्कीम के लिए 4 अरब डॉलर दे रहा है, जिसका एक साल से कम वक़्त में 190 देशों के लोगों के लिए दो अरब से ज़्यादा डोज़ डिलिवर करने का मक़सद है।

उन्होंने कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर पारदर्शिता में कमी बरतने के लिए चीन की आलोचना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन कोरोना वायरस की उत्पत्ति पर रोशनी डालने वाली जानकारी साझा करने में नाकाम रहा।

2021 की शुरुआत में विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक टीम चार हफ़्ते के लिए फैक्ट-फाइंडिंग मिशन पर चीन गई थी। हालांकि डब्ल्यूएचओ की टीम के दो विशेषज्ञों ने कहा कि चीन ने उन्हें पूरा डेटा मुहैया कराने से इनकार कर दिया।

एंटनी ब्लिंकन जी-7 के सबसे अमीर औद्योगिक देशों के नेताओं के वर्चुअल सेशन में बोल रहे थे।

ईरान को लेकर ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी ईरान पर एक बार फिर एकमत हैं।

उन्होंने कहा, ''राष्ट्रपति बाइडन ने स्पष्ट किया है कि अगर ईरान परमाणु समझौते के तहत अपने दायित्वों पर लौटता है, तो अमेरिका वही करेगा।''

उन्होंने कहा कि फिर अमेरिका दूसरे देशों के साथ मिलकर क्षेत्र में ईरान के प्रभाव और उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम जैसे अन्य मसलों पर ईरान से निपटेगा।

बीबीसी की याल्दा हकीम ने जब उनसे उन आरोपों के बारे में पूछा जिनमें कहा जाता है कि अमेरिका ने ईरान को रियायतें दी थीं, तो उन्होंने कहा कि पिछली अप्रोच नाकाम रही थी।

उन्होंने कहा, ''हाल के सालों में हमारी नीति ईरान पर तथाकथित 'अत्याधिक दबाव' बनाने की रही है, जिससे कोई नतीजा नहीं निकला बल्कि समस्या और गंभीर हो गई। ईरान अब परमाणु हथियार के लिए पर्याप्त सामग्री का उत्पादन करने के ज़्यादा नज़दीक आ गया है।''

मानवाधिकारों और दुबई की प्रिंसेज़ लतीफा पर विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका स्थिति पर क़रीबी नज़र बनाए हुए है। उन्होंने कहा, ''हम अपने विरोधियों, प्रतिद्वंदियों और सहयोगियों को लेकर एक सोच रखते हैं, हम मानवाधिकारों को गंभीरता से लेते हैं और राष्ट्रपति ने इसे हमारी विदेश नीति के केंद्र में रखा है और देशों को हमसे इसी पर चलने की उम्मीद करनी चाहिए।''
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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