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बुधवार, 29 सितम्बर 2021
 
 

संयुक्त राष्ट्र: अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय त्रासदी टालने के लिए 60 करोड़ डॉलर की ज़रूरत

सोमवार, 13 सितम्बर, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
संयुक्त राष्ट्र: अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय त्रासदी टालने के लिए 60 करोड़ डॉलर की ज़रूरत

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की सहायता के लिए साठ करोड़ अमेरिकी डॉलर की ज़रूरत है।

यूएन ने साफ़ कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान एक बड़े मानवीय संकट का सामना कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने सोमवार, 13 सितम्बर, 2021 को जिनेवा में एक सम्मेलन के दौरान बताया कि अफ़ग़ानिस्तान में ''तत्काल भोजन, दवा, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षित पानी की आवश्यकता है''।

उनका कहना था कि लोगों को राहत के लिए 60 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाने होंगे।

एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, ''दशकों की जंग के बाद अब वक़्त आ गया है कि दुनिया अफ़ग़ान लोगों के साथ खड़ी हो। पिछले हफ़्तों के नाटकीय घटनाक्रम से पहले भी अफ़ग़ानिस्तान, दुनिया भर में सबसे ख़राब मानवीय संकट से जूझ रहा था। लेकिन अब लाखों लोग बेघर हैं। साथ ही देश में भयानक सूखा पड़ने के आसार हैं।''

उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के बहुत सारे लोगों के पास इस महीने के आख़िर तक खाने के लिए कुछ नहीं होगा।

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान को एक लाइफ़लाइन की ज़रूरत है, वरना वहां के हालात भयावह हो सकते हैं।

तालिबान: रूस के इनकार पर चीन ने क्या कहा?

सोमवार, 13 सितम्बर, 2021 को चीनी विदेश मंत्रालय की दैनिक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में चाइना डेली ने सवाल पूछा कि अफ़ग़ान तालिबान ने अंतरिम सरकार का उद्घाटन समारोह रद्द कर दिया है। रूसी राष्ट्रपति के प्रेस सेक्रेटरी दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान की नई सरकार के उद्घाटन समारोह में रूस शामिल नहीं होगा। इस आपकी क्या टिप्पणी है?

इस सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजिअन ने कहा, ''अफ़ग़ानिस्तान की अंतरिम सरकार का उद्घाटन समारोह होगा या नहीं, ये उनका आंतरिक मामला है। इसके साथ ही सभी देशों को अधिकार है कि वे किसी के उद्घाटन समारोह में जाएं या नहीं जाएं. चीन सभी देशों के फ़ैसलों का सम्मान करता है।''

चाओ लिजिअन ने एक और टिप्पणी में कहा कि अफ़ग़ान तालिबान ने अपनी ज़मीन का इस्तेमाल किसी भी मुल्क के ख़िलाफ़ नहीं होने देने का वादा किया है और उसे इस वादा को निभाना चाहिए।

पंजशीर घाटी में जारी संघर्ष में कम से कम 20 नागरिक मारे गए: रिपोर्ट

बीबीसी ने अपनी पड़ताल में पाया है कि अफ़ग़ानिस्तान की पंजशीर घाटी में तालिबान और विरोधियों के बीच जारी संघर्ष में कम से कम 20 नागरिक मारे गए हैं।

पंजशीर घाटी में संचार माध्यमों के बंद होने से रिपोर्टिंग काफ़ी मुश्किल हो गई है।

लेकिन बीबीसी के पास इसके सबूत हैं कि संयम बरतने के वादे के बावजूद तालिबान ने लोगों को मारा है।

पंजशीर में धूल भरी सड़क के किनारे के वीडियो फुटेज में वर्दी पहने एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है और उसे तालिबान लड़ाकों ने घेर रखा है। तभी गोलियों की आवाज सुनाई देती है और वह जमीन पर गिर जाता है।

यह साफ़ नहीं है कि मारा गया व्यक्ति सेना का सदस्य था या नहीं - इस क्षेत्र में सेना जैसी वर्दी आम बात है। वीडियो में एक व्यक्ति ज़ोर देकर कहता है कि वह एक आम नागरिक है।

बीबीसी का मानना है कि पंजशीर में कम से कम 20 इस तरह की मौतें हुई हैं।

पीड़ितों में से एक व्यक्ति अब्दुल सामी दुकानदार और दो बच्चों का पिता था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उसने तालिबान के लड़ाकों से कहा, ''मैं सिर्फ़ एक ग़रीब दुकान का मालिक हूँ और युद्ध से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।''

लेकिन उसे विरोधी लड़ाकों को सिम कार्ड बेचने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया।

कुछ दिनों बाद उसका शव उसके घर के पास फेंक दिया गया था। उसके शव को देखने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि उसके शरीर पर यातना के निशान थे।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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