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सोमवार, 6 दिसम्बर 2021
 
 

संजय राउत ने अमरावती हिंसा के मामले में विपक्ष पर निशाना साधा

शनिवार, 13 नवम्बर, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार, 13 नवम्बर 2021 को भारत के राज्य महाराष्ट्र में अमरावती हिंसा के मामले में नाम लिए बग़ैर बीजेपी पर निशाना साधा है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, संजय राउत ने कहा है कि महाराष्ट्र के अमरावती समेत अन्य स्थानों पर हिंसा का मकसद महाविकास अगाड़ी सरकार को अस्थिर करना है।

शनिवार, 13 नवम्बर 2021 की सुबह अमरावती में कुछ लोगों ने कथित रूप से बीजेपी द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान पत्थरबाज़ी करते हुए दुकानों को नुकसान पहुंचाया है।

इस हिंसा के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि राज्य सरकार मजबूत स्थिति में है और इस हिंसा के लिए ज़िम्मेदार चेहरों को जल्द सामने लाया जाएगा।

इससे पहले मुस्लिम संगठनों ने शुक्रवार, 12 नवंबर 2021 को महाराष्ट्र के कई ज़िलों में त्रिपुरा की सांप्रदायिक हिंसा के विरोध में रैलियां निकाली थीं। इस दौरान पत्थरबाज़ी की घटनाएं भी सामने आई थीं।

शनिवार, 13 नवम्बर 2021 को इसी पत्थरबाज़ी के विरोध में बंद का आह्वान किया गया था।

अमरावती पुलिस से जुड़े एक अधिकारी ने बताया है कि अमरावती के राजकमल चौक पर सैकड़ों लोग हाथ में भगवा झंडे पकड़कर नारे लगाते नज़र आए हैं। इनमें से कुछ लोगों ने दुकानों पर पत्थर बरसाकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जिसकी वजह से पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

संजय राउत ने कहा, ''महाराष्ट्र में जो हिंसा हो रही है उसका उद्देश्य महाविकास अगाड़ी सरकार को अस्थिर करना है। हिंसक घटनाओं की बात करते हुए वे (विपक्ष) राज्यपाल से मिलेंगे और केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर दावा करेंगे कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। भविष्य में ये सब भी होगा। लेकिन राज्य सरकार बिल्कुल स्थिर है।''

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र गृह मंत्रालय की जांच में इस हिंसा के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सामने लाया जाएगा।

महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने मिलकर सरकार बनाई है जिसे महाविकास अगाड़ी सरकार कहा जाता है।

इसी बीच एआईएमआईएम सांसद इम्तियाज़ ज़लील ने अमरावती हिंसा की निंदा करते हुए कहा है, ''मैं त्रिपुरा और महाराष्ट्र दोनों जगह हुई हिंसा की निंदा करता हूं। मैं मुसलमानों के वोटों की मदद से सत्ता में आने वाले नेताओं से सवाल करना चाहता हूं कि उन्होंने त्रिपुरा में हुई हिंसा की निंदा क्यों नहीं की। अगर महाराष्ट्र में किसी पार्टी ने इस हिंसा को बदले की कार्रवाई के रूप में इस्तेमाल किया है तो मैं कहूंगा कि ये ग़ैर ज़िम्मेदारी का परिचय है।''

पुलिस ने अब तक शुक्रवार, 12 नवंबर 2021 को हुई हिंसा के मामले में 20 लोगों को गिरफ़्तार किया है।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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