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सोमवार, 6 दिसम्बर 2021
 
 

बाइडन से शी जिनपिंग ने कहा, ताइवान में आज़ादी का समर्थन करना आग से खेलने की तरह है

मंगलवार, 16 नवम्बर, 2021  आई बी टी एन खबर ब्यूरो
 
 
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आमने-सामने की वर्चुअल बैठक ख़त्म हो गई है।

राष्ट्रपति बाइडन ने शी जिनपिंग से कहा कि ताइवान की स्थिति में किसी भी तरह के एकतरफ़ा बदलाव का अमेरिका मज़बूती से विरोध करता है।

दोनों नेताओं के बीच शिंजियांग और हॉन्ग कॉन्ग को लेकर भी बात हुई। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, शी जिनपिंग ने चेतावनी देते हुए राष्ट्रपति बाइडन से कहा कि ताइवान में आज़ादी का समर्थन करना आग से खेलने की तरह है और जो आग से खेलेगा वो जल जाएगा।

बैठक के बाद व्हाइट हाउस ने प्रेस रिलीज जारी किया और कहा कि अमेरिका वन चाइना पॉलिसी को लेकर प्रतिबद्ध है। वन चाइना पॉलिसी को मानने वाले देश इसे स्वीकार करते हैं कि ताइवान चीन का हिस्सा है। अक्टूबर 2021 में बाइडन ने कहा था कि चीन अगर ताइवान पर हमला करेगा तो अमेरिका ताइवान का बचाव करेगा।

दोनों नेताओं के बीच यह बैठक ताइवान, व्यापार और मानवाधिकारों के मुद्दों पर जारी तनाव की बीच हुई है। शी जिनपिंग से राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि दोनों देशों की यह ज़िम्मेदारी है कि अपनी प्रतिद्वंद्विता को टकराव की ओर नहीं जाने दें। जनवरी 2021 में अमेरिकी सत्ता संभालने के बाद बाइडन और शी जिनपिंग की इस वार्ता को काफ़ी ठोस बताया जा रहा है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि दोनों नेताओं की वार्ता काफ़ी रचनात्मक और लाभकारी रही। उन्होंने कहा कि इससे आपसी समझ बढ़ाने में मदद मिलेगी।

दोनों नेताओं की बैठक की शुरुआत अभिवादन के साथ हुई। शी जिनपिंग ने कहा कि वो अपने 'पुराने दोस्त' बाइडन को देखकर ख़ुश हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, बाइडन ने कहा, ''मुझे लगता है कि वार्ता की शुरुआत औपचारिक रूप से होनी चाहिए लेकिन हम दोनों एक-दूसरे को लेकर कभी औपचारिक रहे नहीं हैं।''

बाइडन ने कहा, ''हम दोनों हमेशा संपर्क में रहे हैं और एक दूसरे के प्रति ईमानदार और स्पष्ट रहे हैं। हमने इसका कभी ध्यान नहीं दिया कि हम एक दूसरे के बारे में क्या सोचते हैं।''

वहीं शी जिनपिंग ने कहा कि सीओवीआईडी महामारी और जलवायु परिवर्तन के संकट के दौर में दोनों देशों का साथ रहना बहुत ज़रूरी है। शी जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच संवाद को और दुरुस्त करने पर ज़ोर दिया। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि वो राष्ट्रपति बाइडन के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।

इस बातचीत में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन अमेरिका के साथ संबंधों को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए तैयार है। दोनों नेताओं ने उन क्षेत्रों को रेखांकित किया, जिन पर दोनों देशों को बातचीत की ज़रूरत है।

बाइडन ने वार्ता में मानवाधिकारों और इंडो-पैसिफ़िक का मुद्दा भी उठाया। वहीं चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए और स्थिर द्विपक्षीय संबंधों पर ज़ोर दिया।

शुक्रवार, 12 नवंबर 2021 को व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा था कि दोनों नेता चीन और अमेरिका में जारी होड़ के प्रबंधन पर बात करेंगे और साथ ही साझे हितों को लेकर साथ मिलकर काम करने पर भी बात करेंगे।

शी जिनपिंग ने इस बैठक में कहा कि दोनों देशों में संवाद बढ़ाने की ज़रूरत है और चुनौतियों का सामना साथ मिलकर करने की ज़रूरत है।

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, बाइडन ने ये भी कहा, ''शायद मुझे और औपचारिक तरीक़े से शुरू करना चाहिए, हालांकि मैं और आप कभी एक दूसरे के साथ औपचारिक नहीं रहे हैं।''

उन्होंने कहा कि, ''हम दोनों ने हमेशा एक दूसरे के साथ पूरी ईमानदारी और स्पष्टता के साथ बातचीत की है, हम कभी ये सोच कर पीछे नहीं हटते कि दूसरा क्या सोच रहा है।''

हाल के महीनों में चीन और अमेरिका के बीच ताइवान समेत कई अहम मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ा है।

शी जिनपिंग ने ये भी कहा कि दोनों देशों के संबंध पटरी पर रहना इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि पूरी दुनिया सीओवीआईडी महामारी और जलवायु परिवर्तन के संकट की चपेट में है।

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले दो सालों से चीन से बाहर नहीं गए हैं। यहाँ तक कि वो जी-20 समिट में भी शामिल नहीं हुए थे।
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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