एससीओ की इस्लामाबाद में चल रही बैठक में भारत हुआ शामिल
एससीओ की इस्लामाबाद में चल रही बैठक में भारत हुआ शामिल
मंगलवार, 29 सितम्बर, 2026
भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बावजूद शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्रीय समन्वयकों की इस्लामाबाद में चल रही बैठक में भारत समेत संगठन के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
भारत ने एससीओ के समन्वयकों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद भेजा है।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी आलोक डिमरी कर रहे है।
आलोक डिमरी विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं। वह एससीओ के लिए भारत के समन्वयक भी हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच लगभग एक दशक से द्विपक्षीय वार्ता नहीं हुई है।
दोनों देशों के बीच आख़िरी बार दिसंबर 2015 में बातचीत हुई थी। उस समय भारत की तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज "व्यापक द्विपक्षीय वार्ता" प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के अनुरोध के साथ इस्लामाबाद गई थीं।
हालांकि जनवरी 2016 में पठानकोट हमले के बाद यह प्रक्रिया फिर से ठप पड़ गई थी।
भारत सरकार का रुख़ रहा है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तभी संभव है जब "माहौल पूरी तरह चरमपंथ से मुक्त हो"।
हालांकि भारत एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंचों पर पाकिस्तान के साथ भागीदारी के लिए तैयार है।
अगले साल एसईओ शिखर सम्मेलन की पाकिस्तान अध्यक्षता करेगा
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पाकिस्तान ने इसी महीने 2026-27 के लिए एससीओ की अध्यक्षता संभाली है। इसके साथ ही अगस्त 2027 में संगठन के राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन की मेज़बानी भी इस्लामाबाद को करनी है।
28 सितंबर से शुरू हुई इस तीन दिवसीय बैठक का समापन 30 सितंबर को होना है। पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान एससीओ की गतिविधियों के कार्यक्रम पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा आने वाली बैठकों, महत्वपूर्ण आयोजनों की तैयारियों और संगठन के एजेंडे से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है।
इस बैठक में भारत की भागीदारी इसलिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के माहौल के बीच हो रही है।
इस्लामाबाद में हो रही यह बैठक अगले साल होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन की तैयारियों की प्रक्रिया का शुरुआती चरण भी है।
पाकिस्तान ने कहा है कि अगस्त 2027 में होने वाले शिखर सम्मेलन में एससीओ के सभी सदस्य देशों के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा यानी यह निमंत्रण भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जाएगा।
