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एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और नासा के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का सौदा

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और नासा के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का सौदा

गुरुवार, 27 जून, 2024

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा और एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के बीच 84.3 करोड़ डॉलर का समझौता हुआ है।

इस समझौते के अनुसार 2030 में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की मियाद पूरी होने के बाद उसे वापस धरती पर लाने में स्पेसएक्स की अहम भूमिका होगी।

समझौते के तहत लगभग 430 टन के आईएसएस को धरती पर वापस लाने के लिए स्पेसएक्स डीऑर्बिट व्हीकल नाम का अंतरिक्षयान बनाएगा।

साल 2030 में आईएसएस की मियाद पूरी हो जाएगी। इसे बनाने के लिए 1980 के दशक में अंतरिक्ष में इसके हिस्सों को एक-एक कर भेजा गया था।

नासा का कहना है कि अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद आईएसएस अंतरिक्ष में तैरकर स्पेस कचरे का हिस्सा बन जाएगा, और ये वापस धरती पर गिर सकता है। अगर इसके गिरने को नियंत्रित न किया गया तो इससे आबादी के लिए जोखिम पैदा हो सकता है।

1998 से पांच स्पेस एजेंसियां- अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा, कनाडाई स्पेस एजेंसी सीएसए, यूरोपीय स्पेस एजेंसी ईएसए, जापान की स्पेस एजेंसी जाक्शा और रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के रखरखाव और ज़रूरतों का काम करती रही हैं।

नासा का कहना है कि आईएसएस को सुरक्षित तरीके से डीऑर्बिट करना और वापस लाना पाचों एजेंसियों की ज़िम्मेदारी है।

ये स्टेशन धरती से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में मौजूद है और हर 90 मिनट पर धरती का एक चक्कर लगाता है।

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Weekly News

डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला करने वाले थॉमस मैथ्यू क्रुक्स कौन हैं?

ओवरसाइट कमेटी ने सीक्रेट सर्विस की निदेशक किंबर्ली चीटल को समन किया

रविवार, 14 जुलाई 2024

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (यूएस हाउस ऑफ रिप्रज़ेंटेटिव) की मुख्य जांच एजेंसी ओवरसाइट कमेटी ने सीक्रेट सर्विस की निदेशक किंबर्ली चीटल को समन किया है।

ओवरसाइट एजेंसी ने 22 जुलाई 2024 को होने वाली सुनवाई में किंबर्ली चीटल को गवाही देने के लिए समन जारी किया है।

सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ओवरसाइट कमेटी के पैनल ने कहा, "ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले पर जवाब की मांग कर रहे हैं।''

इससे पहले एक न्यूज़ कॉन्फ्रेंस में एफ़बीआई के स्पेशल एजेंट केविन रोजेक ने कहा, "यह हैरानी भरा है कि सीक्रेट सर्विस के हाथों मारे जाने से पहले कैसे कोई हमलावर खुलेआम स्टेज पर गोली चलाने में कामयाब रहा?"

हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि क्या सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी। उन्होंने कहा, "बिना सही जांच के वे इस पर कोई भी आकलन पेश नहीं कर सकते।''

न्यूज़ कॉन्फ्रेंस के दौरान सीक्रेट सर्विस मौजूद नहीं थी। वहीं एफबीआई ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले की जांच कर रही है।

लेकिन फिलहाल सीक्रेट सर्विस पर ही सबसे ज़्यादा उंगलियां उठ रही हैं।

सीक्रेट सर्विस को लेकर कहा जा रहा है, उनका केवल एक ही काम है अमेरिका के वर्तमान और पूर्व राष्ट्रपतियों की सुरक्षा करना और कल रात वे इसमें बुरी तरह विफल रहे।

ट्रंप पर हुए हमले से लगभग 43 साल पहले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन की हत्या का प्रयास भी किया गया था। उस वक्त रीगन के फेफड़े में गोली लगी थी लेकिन वे बच गए।

आज अमेरिकी राजनेता और जनता यह जानना चाह रही है कि एक संभावित हत्यारा राइफल से लैस होकर छत पर कैसे चढ़ गया और कैसे उसने मंच की तरफ़ चार गोलियां दाग दीं।

पहले से चल रही जांच में एफबीआई, सीक्रेट सर्विस और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग शामिल हैं।

डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला करने वाले थॉमस मैथ्यू क्रुक्स कौन हैं?

रविवार, 14 जुलाई 2024

पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक रैली के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला हुआ।

इस घटना में ट्रंप बाल-बाल बच गए। ट्रंप के रैली में भाषण देते वक्त उन पर एक व्यक्ति ने गोली चलाई थी, लेकिन गोली उनके दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को छूते हुए निकल गई।

सीक्रेट सर्विस के सुरक्षाकर्मियों ने ट्रंप को मंच से वापस उतारा।

एफबीआई ने ट्रंप पर जानलेवा हमला करने वाले व्यक्ति की पहचान थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के तौर पर की है।

पूर्व राष्ट्रपति पर हमला करने के कुछ देर बाद ही सीक्रेट सर्विस ने क्रुक्स को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।

क्रुक्स पेंसिल्वेनिया में रैली की जगह से एक घंटे की दूरी पर स्थित बेथेल पार्क के रहने वाले थे। राज्य मतदाता रिकॉर्ड के अनुसार, वह एक पंजीकृत रिपब्लिकन थे।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, जब क्रुक्स 17 वर्ष के थे, उन्होंने एक्टब्लू को 15 डॉलर का दान दिए थे। एक्टब्लू एक राजनीतिक एक्शन कमिटी है जो कि वामपंथी और डेमोक्रेटिक राजनेताओं के लिए फंड जुटाती है।

पिट्सबर्ग ट्रिब्यून-रिव्यू के मुताबिक़ क्रुक्स ने 2022 में बेथल पार्क हाई स्कूल से पढ़ाई पूरी की।

इसके अलावा उन्हें नेशनल मैथ और साइंस इनीशिएटिव से 500 डॉलर का स्टार अवॉर्ड भी मिल चुका था।

हमलावर के 53 वर्षीय पिता मैथ्यू क्रूक्स ने समाचार चैनल सीएनन को बताया, वो यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हुआ था। उनका कहना है कि वो एजेंसियों से बात करने के बाद ही कुछ बताना चाहेंगे।

वहीं क़ानूनी एजेंसियों ने बताया कि क्रुक्स शूटिंग वाली जगह पर बिना किसी पहचान पत्र के ही गए थे। उनकी शिनाख़्त भी दूसरे तरीकों से की गई।

हालांकि अभी तक इस हमले के पीछे के मकसद का पता भी नहीं चल पाया है पर अधिकारी इसे हत्या का प्रयास ही बता रहे हैं।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति और साल 2024 में राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करने वाले थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के बारे में और जानकारी सामने आई है।

अमेरिका में बीबीसी की सहयोगी सीबीएस न्यूज़ ने 20 साल के थॉमस की तस्वीर भी साझा की है।

ये तस्वीर उनके स्कूल के ईयरबुक से ली गई है।

क्रुक्स पेंसिल्वेनिया में रैली की जगह से एक घंटे की दूरी पर स्थित बेथेल पार्क के रहने वाले थे।

इससे पहले बेथेल पार्क हाई स्कूल ने पुष्टि की थी कि थॉमस क्रुक्स ने 2022 में वहां से पढ़ाई पूरी की थी।

थॉमस क्रुक्स को सुरक्षाकर्मियों ने घटनास्थल पर ही गोली मार दी थी, उनकी मौत हो गई है।

बेथेल पार्क में मौजूद बीबीसी संवाददाता बर्न्ड डेबुस्समान जूनियर ने कहा है कि सुरक्षाकर्मियों और पुलिस ने थॉमस के घर की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है और जांच कर रही है।

बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक़ थॉमस क्रुक्स अपने घर के पास एक स्थानीय नर्सिंग होम के किचन में काम करते थे।

घटनास्थल से उनके पास से सुरक्षाकर्मियों को कोई पहचान पत्र नहीं मिला था। इसलिए उनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया गया था।

फिलहाल एफ़बीआई हमले के कारणों के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही है।

डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के बाद पत्नी मेलानिया ने क्या कहा?

रविवार, 14 जुलाई 2024

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ने कहा है कि प्यार, अलग-अलग विचारधारा, नीति और राजनीति से ऊपर है।

शनिवार, 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक रैली में डोनाल्ड ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले के बाद उनकी पत्नी मेलानिया ने एक बयान जारी कर देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की है।

मेलानिया ने ट्रंप के एक्स हैंडल पर दो पन्नों का एक बयान पोस्ट किया जिसमें मेलानिया ने लिखा, "जब मैंने देखा कि एक गोली मेरे पति डोनाल्ड ट्रंप को लगी, तो मुझे अहसास हुआ कि मेरी ज़िंदगी, हमारी ज़िंदगी एक बड़े बदलाव के मोड़ पर है।''

 मेलानिया ने लिखा, "मैं सीक्रेट सर्विस एजेंटों और लॉ एनफोर्समेन्ट अधिकारियों की शुक्रगुज़ार हूँ जिन्होंने अपनी जान जोख़िम में डालकर मेरे पति की जान बचाई है। इस घृणित कृत्य के कारण जो मासूम लोग हताहत हुए हैं मेरी संवेदना उनके परिवारों के साथ है।''

"हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि अलग-अलग विचारधारा, नीति और राजनीति क्यों न हो, ये सब प्यार से बढ़कर नहीं है।''

"हमें ये याद रखना चाहिए कि किसी दिन जब हम वामपंथ या दक्षिणपंथ, या लाल या नीले से हटकर देखेंगे तो हम सभी ऐसे परिवारों से आए हैं जिनमें एक बेहतर ज़िंदगी के लिए लड़ने का जूनून है।''


डोनाल्ड ट्रंप क्या राष्ट्रपति अभियान के तहत आगे रैलियां करते रहेंगे?

डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले पर राष्ट्रपति बाइडन ने क्या कहा?

रविवार, 14 जुलाई 2024

राष्ट्रपति जो बाइडन ने डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश की निंदा की है।

पेंसिल्वेनिया के बटलर में ट्रंप पर हुए हमले के बाद बाइडन ने सभी अमेरिकियों से एकजुट होकर इस तरह की हिंसा की निंदा करने की अपील की है।

हमले के एक घंटे के अंदर जारी एक बयान में, बाइडन ने कहा, "हिंसा के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है। हमें इसकी निंदा करने के लिए एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होना चाहिए। यह बहुत ग़लत है।''

बाइडन ने कहा, "हम ऐसा होने की इजाज़त नहीं दे सकते। हम इसे माफ़ नहीं कर सकते।''

बाइडन ने कहा, "यह सुनकर आभारी हूं कि वह (ट्रंप) सुरक्षित और स्वस्थ हैं। मैं उनके, उनके परिवार और रैली में मौजूद सभी लोगों के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। जिल (बाइडन की पत्नी) और मैं उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सीक्रेट सर्विस के भी आभारी हैं।''

डोनाल्ड ट्रंप के परिवार ने हमले के बाद क्या प्रतिक्रिया दी?

रविवार, 14 जुलाई 2024

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए अपने पिता पर हुए हमले पर अपनी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है।

इवांका ने अपनी पोस्ट में लिखा, "आज पेंसिल्वेनिया के बटलर में हुई बेवजह हिंसा में मेरे पिता और अन्य पीड़ितों के लिए आपके प्यार और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद।''

इवांका ने अपनी पोस्ट में लिखा, "मैं सीक्रेट सर्विस और अन्य सभी क़ानून प्रवर्तन अधिकारियों का उनके त्वरित ऐक्शन के लिए आभारी हूं।''

"मैं अपने देश के लिए लगातार प्रार्थना करती रहूंगी। मैं आपसे प्यार करती हूं पापा, आज और हमेशा।''

वहीं ट्रंप के बेटे, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने भी पिता पर हुए हमले को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए अपनी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने अपने एक्स अकाउंट से हमले के बाद की एक तस्वीर साझा की।  इस तस्वीर में ट्रंप के चेहरे पर ख़ून दिखाई दे रहा है और उनकी मुट्ठी हवा में है।

डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने इसे कैप्शन देते हुए लिखा कि वे अमेरिका को बचाने के लिए लड़ना कभी बंद नहीं करेंगे।

इसके अलावा ट्रंप की बेटी, टिफ़नी एरियाना ट्रंप ने भी अपने पिता के जीवित रहने के लिए भगवान को धन्यवाद दिया।

टिफ़नी ने कहा, "राजनीतिक हिंसा कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती।''

"जैसा कि आपने आज देखा, मेरे पिता एक योद्धा हैं और वे आपके और अमेरिका के लिए लड़ते रहेंगे।''

डोनाल्ड ट्रंप क्या राष्ट्रपति अभियान के तहत आगे रैलियां करते रहेंगे?

रविवार, 14 जुलाई 2024

डोनाल्ड ट्रंप के अभियान के एक वरिष्ठ सलाहकार स्टीफन मूर ने सीक्रेट सर्विस की तैयारियों पर सवाल खड़े किये हैं।

स्टीफन मूर का कहना है कि इस बात पर सवाल हैं कि सीक्रेट सर्विस कितनी तैयार थी?

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के कार्यक्रम 'वीकेंड' में बात करते हुए स्टीफन मूर ने ट्रंप के साथ हुई घटना को डरावना बताया। स्टीफन मूर ने कहा, "इससे हम सब सदमे में हैं।''

स्टीफन मूर ने कहा, "मुझे अपने सहयोगी से यह संदेश मिला कि ट्रंप को गोली मार दी गई है। यह ख़बर सुनकर मेरा दिल बैठ गया। मैं यह पूछने से भी डर रहा था कि क्या वे ठीक हो जाएंगे।''

स्टीफन मूर ने ट्रंप पर हुए हमले को लेकर कहा, "वीडियो से ऐसा लग रहा था कि गोली केवल उन्हें छूकर निकली है। लेकिन डरावनी बात ये है कि अगर गोली एक इंच भी उनके सिर की तरफ़ लगती तो यह एक हत्या होती."

स्टीफन मूर कहते हैं कि निश्चित रूप से ट्रंप को और भी ज़्यादा सुरक्षा की ज़रूरत है. अब इस बारे में बहुत पूछताछ हो रही है कि क्या सीक्रेट सर्विस पूरी तरह से तैयार थी।

क्या आगे रैलियां करते रहेंगे डोनाल्ड ट्रंप?

रविवार, 14 जुलाई 2024

ब्रिटेन के सुधारवादी नेता और लंबे समय तक डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी रहे निजेल फ़राज से पूछा गया कि इस घटना का राष्ट्रपति पद की रेस पर क्या असर पड़ेगा?

निजेल फ़राज ने कहा, "ट्रंप बड़ी रैलियों के ज़रिये ही जीते हैं और सांस लेते हैं। कभी-कभी वे यह कहते भी हैं कि उनकी रैलियों में कभी 10 हज़ार की भीड़ आती है तो कभी 50 हज़ार लोग शामिल होते हैं।''

"यह वो ऊर्जा है जो लोगों में फ़ैलती है और इससे ट्रंप को वोट मिलता है।''

जब फ़राज से पूछा गया कि क्या ट्रंप आगे भी रैलियां करते रहेंगे? उन्होंने कहा, "जितना मैं जानता हूं, ट्रंप बिना किसी परवाह के आगे बढ़ते रहेंगे।''

इससे पहले फ़राज ने ट्रंप को लेकर बयान दिया था कि वे उनपर हुए हमले से चिंतित ज़रूर हैं लेकिन हैरान नहीं है।

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का प्रयास किया गया: एफ़बीआई

डोनाल्ड ट्रंप ने रैली में गोलियां चलने पर प्रतिक्रिया दी, कान से ख़ून निकलने पर क्या कहा?

रविवार, 14 जुलाई 2024

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंसिल्वेनिया की अपनी रैली में गोलीबारी की घटना के बाद कहा है कि उनके दाएं कान के ऊपरी हिस्से पर गोली लगने से वो घायल हुए हैं।

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर कहा, “एक सरसराहट की आवाज़, और गोलियों की आवाज़ सुनकर मैं तुरंत समझ गया था कि कुछ ग़लत हुआ है और तुरंत गोली मेरी त्वचा को छूकर निकल गई।''

''बहुत सारा ख़ून निकल गया था तो मुझे एहसास हुआ कि क्या कुछ हो रहा है।''

इस घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीक्रेट सर्विस और दूसरी क़ानूनी एजेंसियों का शुक्रिया कहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट में लिखा, "सबसे ख़ास बात यह है कि मैं रैली में मारे गए व्यक्ति के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं और बुरी तरह घायल हुए एक अन्य व्यक्ति के परिवार के प्रति भी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं।''

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ''यह अविश्वसनीय है कि हमारे देश में इस तरह की हरकतें हो सकती हैं। शूटर के बारे में इस समय कुछ भी पता नहीं है, जो अब मर चुका है।

उन्होंने अपनी पोस्ट के आख़िर में लिखा, "गॉड ब्लेस अमेरिका!"

ट्रंप की रैली पर गोलियां चलाने वाले हमलावर के बारे में सीक्रेट सर्विस ने क्या बताया?

रविवार, 14 जुलाई 2024

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक चुनावी रैली में गोलीबारी पर सीक्रेट सर्विस ने एक बयान जारी किया है।

इस बयान में बताया गया है कि हमलावर ने "रैली की जगह से बाहर एक ऊंची जगह से" मंच की ओर कई राउंड फ़ायर किए।

बयान में कहा गया है कि उन्होंने (संदिग्ध हमलावर) दर्शकों में से एक व्यक्ति को मार दिया और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। एजेंटों ने हमलावर को घटनास्थल पर ही मार दिया।

पूरा बयान कुछ इस तरह से है:

"पेंसिल्वेनिया के बटलर में पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की चुनावी अभियान रैली के दौरान, 13 जुलाई 2024 की शाम लगभग 6:15 बजे, एक संदिग्ध शूटर ने रैली की जगह से बाहर एक ऊंची जगह से मंच की ओर कई गोलियां चलाईं।"

''अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के कर्मियों ने हमलावर को नाकाम कर दिया है जो अब मारा जा चुका है। यूएस सीक्रेट सर्विस ने सुरक्षात्मक उपायों के साथ तुरंत प्रतिक्रिया दी और पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप सुरक्षित हैं।''

''एक दर्शक की मौत हो गई, और दो दर्शक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। फ़िलहाल इस घटना की जांच की जा रही है, और सीक्रेट सर्विस ने एफ़बीआई को सूचित कर दिया है।''

मेरे दोस्त डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले से बेहद चिंतित हूं: मोदी

रविवार, 14 जुलाई 2024

अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक रैली के दौरान गोलीबारी की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निंदा की है।

मोदी ने कहा है कि वो ‘पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले से चिंतित हैं।'

उन्होंने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर लिखा, ''मेरे दोस्त और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले से बेहदचिंतित हूं। घटना की कड़ी निंदा करता हूं।''

"राजनीति और लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। हमारी प्रार्थनाएं मृतकों के परिवार, घायलों और सभी अमेरिकी लोगों के साथ हैं।''

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास से बहुत चिंतित हूं: राहुल गांधी

रविवार, 14 जुलाई 2024

भारतीय संसद के निचले सदन लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली में गोलीबारी की घटना में घायल हुए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

उन्होंने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर लिखा, ''मैं पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास से बहुत चिंतित हूं। इस तरह की हरकतों की कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करता हूं।''

ट्रंप ने नहीं बदला प्लान, रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में होने जा रहे शामिल

रविवार, 14 जुलाई 2024

पेंसिल्वेनिया की एक चुनावी रैली में कान पर गोली लगने के बाद बाल-बाल बचे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। बीबीसी के अमेरिका में न्यूज़ पार्टनर सीबीएस न्यूज़ को दो सूत्रों ने इसके बारे में बताया है।

ये अभी तक साफ़ नहीं है कि ट्रंप कहां गए हैं, लेकिन चुनावी रैली के बाद उनकी योजना न्यू जर्सी में अपने घर जाने की थी।

इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति की योजना रविवार, 14 जुलाई 2024 को विस्कॉन्सिन के मिलवौकी में होने वाले रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में भी जाने की थी।

उनके चुनावी अभियान ने पुष्टि की है कि वो योजना के अनुसार, मिलवौकी जाएंगे।

उनको कन्वेंशन में रिपब्लिकन पार्टी का राष्ट्रपति पद के लिए आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया जाना है।

सोमवार, 15 जुलाई 2024 से शुरू हो रहे इस कन्वेंशन में ट्रंप की योजना अपने उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को चुनने की भी है।

ट्रंप के चुनावी अभियान कार्यालय ने बताया है कि ट्रंप ‘बेहतर महसूस कर रहे हैं’ और हमले के बाद 'क़ानूनी एजेंसियों और इस पर पहली प्रतिक्रिया देने वालों के शुक्रगुज़ार हैं'।

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का प्रयास किया गया: एफ़बीआई

रविवार, 14 जुलाई 2024

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पेंसिल्वेनिया की एक रैली में गोली चलने के बाद पुलिस और एफ़बीआई की ओर से आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज़्यादा जानकारी दी गई।

एफ़बीआई के फ़ील्ड ऑफ़िसर केविन रोजेक ने पुष्टि करते हुए कहा था कि इस घटना को जानलेवा हमले की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

केविन रोजेक ने कहा, "आज शाम हमारे पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का प्रयास किया गया।''

वहीं, पुलिस ने बताया है कि एक शूटर की पहचान 'कमोबेश' कर ली गई है।

पुलिस ने कहा है कि वो अगले कुछ घंटों में संदिग्ध शूटर का नाम जारी कर सकती है।

पुलिस ने बताया कि गोली चलने की घटना में एक पुरुष की मौत हो गई और दो अन्य घायल हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के लोग नहीं थे। एफ़बीआई के स्पेशल एजेंट केविन रोजेक ने कहा कि सीक्रेट सर्विस के लोग इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं आ पाए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप पर गोली चलाने वाले हमलावर की पहचान एफ़बीआई ने सार्वजनिक की

रविवार, 14 जुलाई 2024

अमेरिका की संघीय जांच ब्यूरो (एफ़बीआई) के मुताबिक़, डोनाल्ड ट्रंप को मारने की कोशिश करने वाला शख्स 20 वर्षीय थॉमस मैथ्यू क्रुक्स है।

एफ़बीआई का कहना है कि उसकी पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए और बायोमेट्रिक्स टेस्ट कराया जाएगा।

एफ़बीआई का कहना है कि क्रुक्स पेंसिल्वेनिया के बेथेल पार्क का रहने वाला था। यह उस जगह से 70 किलोमीटर दूर है जहां ट्रंप की हत्या करने की कोशिश की गई है।

एफ़बीआई के बयान में कहा गया है, "अभी जांच चल रही है, जिस किसी के पास भी जांच से संबंधित कोई जानकारी है जो जांच में सहायता कर सकते हैं वो उसकी तस्वीरें या वीडियो ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं।''

डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के बाद सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

रविवार, 14 जुलाई 2024

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पेंसिल्वेनिया की रैली में गोलीबारी की घटना के बाद अब सीक्रेट सर्विस पर भी उंगलियां उठ रही हैं।

ट्रंप पर हुए इस हमले को सुरक्षा में हुई स्पष्ट चूक बताया जा रहा है।  हालांकि पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने ख़ुद सीक्रेट सर्विस को गोलीबारी की घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए शुक्रिया कहा।

लेकिन इसके बाद भी सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं। कुछ लोग इस घटना को सीक्रेट सर्विस की नाकामी भी बता रहे हैं।

वहीं अमेरिकी संसद के स्पीकर माइक जॉनसन ने वादा किया है कि सदन घटना की पूरी जांच करेगा।

स्पीकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "अमेरिकी लोगों को सच्चाई जानने का पूरा हक़ है।''

"हम सीक्रेट सर्विस डायरेक्टर किम्बर्ली चीटल, डीएचएस और एफ़बीआई के दूसरे अधिकारियों को जल्द से जल्द हमारी समितियों के सामने सुनवाई के लिए पेश करेंगे।''

वहीं एक प्रवक्ता ने द हिल को बताया कि सीक्रेट सर्विस ने हमले के बारे में सदन की निगरानी समिति को जानकारी देने पर सहमति जताई है।

रिटायर्ड सीक्रेट सर्विस सुपरवाइज़र बॉबी मैकडोनाल्ड ने रॉयटर्स को बताया, "ट्रंप के साथ हमेशा मज़बूत सुरक्षा व्यवस्था रहती है, लेकिन हो सकता है कि उन्हें सभी उपलब्ध संसाधनों तक पहुंच न हो।''

उनका मानना ​​है कि घटना के कुछ पहलुओं की जांच की जाएगी.

बॉबी मैकडोनाल्ड ने आगे कहा, "सीक्रेट सर्विस अब देखेगी कि क्या हुआ और कैसे वे फिर से अपने सुरक्षात्मक तरीक़ों को और बेहतर बना सकते हैं ताकि यह तय किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों।'' 

भारत-ऑस्ट्रिया संबंध पर मोदी और कार्ल नेहमर ने क्या कहा?

भारत-ऑस्ट्रिया संबंध पर मोदी और कार्ल नेहमर ने क्या कहा?

ऑस्ट्रिया दौरे पर गए भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा?

बुधवार, 10 जुलाई 2024

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 9 जुलाई 2024 को ऑस्ट्रिया दौरे पर पहुंचे। उन्होंने ऑस्ट्रिया के चांसलर कार्ल नेहमर से राजधानी वियना में मुलाक़ात की और यूक्रेन युद्ध समेत कई मुद्दों पर बात की।

नरेंद्र मोदी ने कहा, "सबसे पहले मैं गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए चांसलर नेहमर का आभार प्रकट करता हूं। मुझे ख़ुशी है कि मेरे तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही ऑस्ट्रिया आने का अवसर मिला।''

"मेरी यह यात्रा ऐतिहासिक भी है और विशेष भी। 41 सालों बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रिया का दौरा किया है। यह भी सुखद संयोग है कि ये यात्रा उस समय हो रही है जब हमारे आपसी सहयोग के 75 साल पूरे हुए हैं।''

मोदी ने कहा, "आज मेरे और चांसलर नेहमर के बीच बहुत सार्थक बातचीत हुई। हमने आपसी सहयोग को और मज़बूत करने के लिए नई संभावनाओं की पहचान की है। हमने निर्णय लिया है कि संबंधों को रणनीतिक दिशा प्रदान की जाएगी। आने वाले दस सालों के सहयोग के लिए खाका तैयार किया गया है।''

मोदी ने कहा, "मैंने और चांसलर ने यूक्रेन समेत दुनिया में चल रहे सभी विवादों पर बात की है। मैंने पहले भी कहा कि ये युद्ध का समय नहीं है।  समस्याओं का समाधान रणभूमि में नहीं हो सकता। कहीं भी हो मासूम लोगों की जान की हानि स्वीकार नहीं है।''

ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने क्या कहा?

बुधवार, 10 जुलाई 2024

ऑस्ट्रियाई चांसलर कार्ल नेहमर ने कहा, "भारत और ऑस्ट्रिया के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। यह विश्वास का रिश्ता है जो 1950 के दशक में शुरू हुआ था। भारत ने ऑस्ट्रिया की मदद की और 1955 में ऑस्ट्रियाई राज्य संधि बातचीत के साथ सकारात्मक निष्कर्ष पर पहुंची। भू-राजनीतिक स्थिति के विकास भारत और ऑस्ट्रिया को एकजुट करती है।''

कार्ल नेहमर ने कहा, "अपनी ऑस्ट्रिया यात्रा से पहले, पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात की है। इसलिए, शांति प्रगति के संबंध में रूस के इरादों के बारे में प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत मूल्यांकन के बारे में सुनना मेरे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण था।''

"हमारा साझा उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप एक व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति प्राप्त करना है।''

कार्ल नेहमर ने कहा, "मेरा मंत्रिमंडल लगातार यूरोपीय यूनियन के संपर्क में है। कल मेरी कैबिनेट ने इस संदर्भ में संभावित दृष्टिकोण और मुद्दों के बारे में चार्ल्स मिशेल से टेलीफोन पर बात की थी। महत्वपूर्ण बात यह है कि ऑस्ट्रिया एक स्वतंत्र और समृद्ध यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।''

यूक्रेन युद्ध में रूस की तरफ़ से लड़ रहे भारतीयों को वापस भेजने पर पुतिन सरकार राज़ी हुई

यूक्रेन युद्ध में रूस की तरफ़ से लड़ रहे भारतीयों को वापस भेजने पर पुतिन सरकार राज़ी हुई

बुधवार, 10 जुलाई 2024

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान रूस ने अपनी सेना में लड़ रहे भारतीयों को वापस उनके देश भेजने का वादा किया है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मॉस्को दौरे के अंत में की गई।

इस दौरे में ही राष्ट्रपति पुतिन के आगे इस मुद्दे को उठाया गया था। दिल्ली ने भारतीयों को वापस भेजने की अपील की थी।

इन भारतीयों का कहना है कि उन्हें सेना में लड़ाई से अलग यूनिटों में काम करने के नाम पर भर्ती किया गया था लेकिन बाद में उन्हें यूक्रेन की सक्रिय लड़ाई में भेज दिया गया।

यूक्रेन युद्ध में अब तक कम से कम चार भारतीय मारे गए हैं।

मंगलवार, 9 जुलाई 2024 को विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा कि मोदी ने उन 'भारतीयों को वापस लाने का मुद्दा ज़ोर शोर' से उठाया, जो 'गुमराह करके रूसी सेना में भर्ती' किए गए थे।

विनय क्वात्रा ने कहा कि रूसी सेना में 35-40 के क़रीब भारतीय हैं, जिनमें 10 को वापस लाया जा चुका है। बाक़ी लोगों को लाने के लिए बातचीत चल रही है।

रूस में फंसे भारतीयों ने कहा कि उन्हें अच्छा ख़ासा पैसा और रूसी पासपोर्ट के बदले भर्ती होने के लिए फुसलाया गया था।

इनमें से अधिकांश लोग ग़रीब परिवारों से हैं, जिन्हें रूसी सेना में हेल्पर के तौर पर नौकरी की पेशकश की गई थी।

इसराइली सेना ने फ़लस्तीनियों से ग़ज़ा शहर खाली करने के लिए कहा

इसराइली सेना ने फ़लस्तीनियों से ग़ज़ा शहर खाली करने के लिए कहा

बुधवार, 10 जुलाई 2024

इसराइली सेना ने उत्तर में तेज सैन्य अभियानों के बीच, ग़ज़ा शहर के सभी निवासियों को दक्षिण से मध्य ग़ज़ा पट्टी तक खाली करने को कहा है।

विमान से गिराए गए पर्चे में सभी निवासियों को सुरक्षित मार्ग से ख़तरनाक युद्ध क्षेत्र को छोड़ने के लिए कहा गया है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि ग़ज़ा में दिए जा रहे निकासी आदेशों को लेकर वह बेहद चिंतित है। युद्ध शुरू होने के बाद यह दूसरी बार है जब ग़ज़ा शहर को पूरी तरह से खाली करने के लिए कहा गया है।

पिछले दो हफ्तों में, इसराइली सेना ने ग़ज़ा शहर के कई ज़िलों में फिर से प्रवेश किया है। सेना का मानना ​​​​है कि हमास और फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद साल 2024 की शुरुआत से फिर से संगठित हो गए हैं।

इस पर हमास का कहना है, "इसराइल की नई गतिविधि से संभावित युद्धविराम और बंधक रिहाई समझौते पर बुधवार, 10 जुलाई 2024 को क़तर में फिर से शुरू हुई बातचीत के पटरी से उतरने का ख़तरा है।''

अनुमान है कि ग़ज़ा शहर में अभी भी ढाई लाख से अधिक लोग रह रहे हैं और कुछ लोगों को दक्षिण की ओर पलायन करते हुए देखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला: तलाक़शुदा मुस्लिम महिलाएं भी गुज़ारा भत्ता की हक़दार

सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला: तलाक़शुदा मुस्लिम महिलाएं भी गुज़ारा भत्ता की हक़दार

बुधवार, 10 जुलाई 2024

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 10 जुलाई 2024 को एक फ़ैसला देते हुए कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की सेक्शन 125 के तहत मुस्लिम महिला गुज़ारा भत्ता की मांग कर सकती है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना की अगुवाई वाली दो जजों की बेंच ने इस सेक्शन के तहत गुज़ारा भत्ता की मांग करने वाली एक मुस्लिम महिला के केस की सुनवाई करते हुए यह फ़ैसला दिया।

दस हज़ार रुपये गुज़ारा भत्ता देने के तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश को एक मुस्लिम व्यक्ति ने चुनौती दी थी।

उसके वकील की दलील थी कि चूंकि मुस्लिम महिला (तलाक़ मामले में अधिकारों का संरक्षण) क़ानून 1986 लागू है, इसलिए सेक्शन 125 के तहत उन्हें गुज़ारा भत्ता नहीं मिल सकता।

दोनों जजों ने एकमत से यह फ़ैसला दिया है। अभी आदेश लिखा जाना बाक़ी है।

1985 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेक्शन 125 एक सेक्युलर क़ानून है जो सभी महिलाओं पर लागू होता है।

जिसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।

इसके बाद 1986 में भारत सरकार ने मुस्लिम महिला (तलाक़ मामले में अधिकारों का संरक्षण) क़ानून पास किया था।

तलाक़शुदा मुस्लिम महिलाओं को गुज़ारा भत्ता देने के मामले पर मुस्लिम धर्मगुरु ने क्या है?

बुधवार, 10 जुलाई 2024

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 10 जुलाई 2024 को एक फ़ैसला देते हुए कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता के सेक्शन 125 के तहत मुस्लिम महिला गुज़ारा भत्ता की मांग कर सकती है।

इस पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के संस्थापक सदस्य मोहम्मद सुलेमान ने प्रतिक्रिया दी है।

मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि "शाह बानो केस में सुप्रीम कोर्ट ने साल 1985 में जो फ़ैसला सुनाया था। उसके ख़िलाफ़ पर्सनल बोर्ड ने आंदोलन चलाया। इसके बाद एक क़ानून वजूद में आया। उस क़ानून की व्याख्या सुप्रीम कोर्ट करता है।''

"उस वक्त ही सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया था। जो लोग धारा 125 के तहत राहत चाहेंगे उनको राहत दी जाएगी। इसमें मुस्लिम समुदाय भी शामिल है।''

मोहम्मद सुलेमान ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय की ये मान्यता रही है कि जो महिलाओं के अधिकार के लिए धार्मिक गारंटी है वो पर्याप्त नहीं है।''

"हालिया फ़ैसले पर मुझे यही कहना है कि जो हमारी बहनें हैं, तलाक़ या किसी वजह से अलग हो जाने पर वो इस्लामिक कानून के मुताबिक न्याय चाहती हैं तो यह उनके लिए बेहतर है। जिन बहनों को यह लगता है कि धारा 125 के तहत भरण पोषण मिलना चाहिए वो कोर्ट जा सकती हैं।''

"लेकिन इसमें एक मसला है कि अलग होने के बाद भी वो रिश्ता ख़त्म नहीं होता और महिला दूसरी शादी नहीं कर सकती क्योंकि भरण पोषण लेने की वजह से दोनों के बीच वो ताल्लुक बना रहता है। इसलिए ये अप्राकृतिक अमल है।''