विदेश

अमरीका ने रूस के 35 राजनयिकों को निकाला

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रूस पर साइबर हमलों से अमरीकी चुनावों के साथ छेड़छाड़ करने के कथित आरोपों के बाद देश से 35 राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है।

वहाँ दो रूसी परिसरों को बंद किया जा रहा है और कुछ लोगों के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएँगे।

ओबामा ने कहा कि रूस अमरीकी अधिकारियों को परेशान कर रहा था और इसके बाद और भी क़दम उठाए जाएँगे।

ओबामा का कहना था कि अमरीका को रूसी हरकतों से सावधान रहना चाहिए।

ये एक तरह से उनके उत्तराधिकारी डोनल्ड ट्रंप के इस बयान का जवाब था कि सब लोगों को अपना-अपना काम करना चाहिए।

वहीं रूसी सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है कि रूस अमरीका के इस क़दम का समुचित जवाब देगा।

इस बीच यूक्रेन ने कहा है कि उसे पिछले दो महीनों में साढ़े छह हज़ार साइबर हमलों का निशाना बनाया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको ने कहा कि जाँच से पता चला है कि हैकिंग की इन घटनाओं से रूस सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से लिप्त था।

मॉस्को ने हैकिंग में अपना हाथ होने के आरोपों से इनकार किया है। 

रोमानिया के प्रेजिडेंट का मुस्लिम महिला को पीएम बनाने से इनकार

नई दिल्ली, रोमानिया को उसकी पहली महिला प्रधानमंत्री मिलने वाली थी, लेकिन उसका यह सपना अभी पूरा नहीं हो सकेगा। रोमानिया के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री पद के लिए पहली मुस्लिम और पहली महिला उम्मीदवार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। इसके बाद से ही देश में नए सिरे से राजनीतिक उठा-पटक शुरू हो गई है।

रोमानिया की वाम पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए पहली बार किसी महिला और मुस्लिम सेविल शायदेह का नाम प्रस्तावित किया था। हालांकि राष्ट्रपति क्लॉस लोहानिस ने पीएम पद के लिए सोशल डेमोक्रेट की ओर से नामित उम्मीदवार के नाम को ठुकराने की कोई वजह नहीं बताई, लेकिन ऐसी अटकलें हैं कि सेविल के सीरियाई पति की पृष्ठभूमि की वजह से ऐसा किया गया है।

रोमानिया के राष्ट्रपति ने मीडिया से कहा, 'मैंने पक्ष और विपक्ष दोनों की दलीलों का अध्ययन किया और इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया।' उन्होंने वाम पार्टी से किसी और नाम का प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है।

सेविल के पास मंत्री के तौर पर पांच महीने का अनुभव है। उनका मुस्लिम होना भी उनके नाम को ठुकराने की वजह नहीं माना जा रहा है।

असल में उनके पति का सीरियाई होना सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। सेविल के पति ने सीरिया के कृषि मंत्रालय में 20 साल तक काम किया और वह साल 2011 में रोमानिया आए। उसी साल दोनों ने शादी भी की। उनके पति को सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल असद का समर्थक भी माना जाता है।

रूसी विमान क्रैश: '92 में से कोई भी यात्री नहीं बचा'

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि काला सागर में क्रैश हुए रूस के सैन्य विमान में सवार सभी 92 यात्री मारे गए हैं। ये विमान सीरिया जा रहा था।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे का कुछ हिस्सा सोची तट से डेढ़ किलोमीटर दूर काला सागर में 165-230 फीट की गहराई में मिला है।

रूस के सैन्य जहाज़, हेलिकॉप्टर व ड्रोन अब भी विमान के बाकी हिस्से को तलाशने में लगे हैं। साथ ही शवों को भी ढूंढा जा रहा है।

रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूसी सेना का यह विमान सोची के एडलर हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद काला सागर में क्रैश हो गया था।

रूसी सैन्य विमान टीयू-154 ने स्थानीय समयनुसार सुबह 05:20 मिनट पर उड़ान भरी। बीस मिनट बाद रडार से यह विमान लापता हो गया। विमान में 92 लोग सवार थे। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रूस के चर्चित और सेना के आधिकारिक बैंड एलेक्सेंड्रोफ़ एनसेंबल के 64 सदस्य इसमें शामिल थे।

साथ ही विमान में 9 पत्रकार और चालक दल के 8 सदस्य सवार थे। इस विमान ने सीरिया के लटाकिया प्रांत के लिए उड़ान भरी थी। रूसी सेना के प्रवक्ता के मुताबिक़, विमान सीरिया में तैनात रूसी सेना के जवानों के नए साल के कार्यक्रम के लिए लोगों को ले जा रहा था।

रूसी टेलिविजन ने कुछ आवाज़ें भी जारी की हैं जिनमें एयर ट्रैफ़िक कंट्रोलरों और दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान के संचालकों के बीच की बातचीत को सुना जा सकता है। इन आवाज़ों से यह साफ हो जाता है कि रडार से गायब होने से पहले तक विमान में किसी किस्म की कोई हलचल नहीं थी।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों के नाम शोक संदेश भेजा है।

बांग्लादेश में छापे के दौरान एक महिला ने खुद को धमाके में उड़ाया

बांलादेश की राजधानी ढाका में एक बांग्लादेशी महिला ने धमाके में ख़ुद को उड़ा लिया है। बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज़्ज़मान ख़ान ने बताया कि महिला का संबंध एक प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन जमीअतुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के साथ था।

इसे बांग्लादेश में महिला आत्मघाती हमले की पहली घटना माना जा रहा है।

ढाका में शनिवार को हुए शूट-आउट में इस महिला के साथ एक आदमी के मारे जाने की भी ख़बर है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की इस छापेमारी में दो अन्य महिलाओं और दो बच्चों ने पुलिस के आगे आत्मसमर्पण भी किया था। इस कार्रवाई में मारे गए दोनों लोगों की और गिरफ़्तार किए लोगों की पहचान अभी तक नहीं की जा सकी है।

सरकार ने इस पुलिस कार्रवाई को चरमपंथियों के छिपने के ठिकाने पर किया गया 'ऑपरेशन' बताया है।

जुलाई में कुछ बंदूकधारियों ने ढाका के एक कैफ़े पर गोलीबारी कर 22 लोगों की हत्या कर दी थी। अधिकारियों के अनुसार इन हमलावरों का भी संबंध जेएमबी से था।

हालाँकि तथाकथित इस्लामिक स्टेट ने दावा किया था कि हमले के पीछे उनका हाथ था।

अमेरिका इजरायली बस्तियों की निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र के वोट पर अनुपस्थित

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क्या राष्ट्रपति ओबामा विक्टिम कार्ड खेल रहे हैं?

क्या राष्ट्रपति ओबामा विक्टिम कार्ड खेल रहे हैं? ये सबसे बड़ा सवाल है जिसकी हम जाँच कर रहे है।

बर्लिन ट्रक हमले के संदिग्ध को पुलिस ने गोली मारी

इतालवी मीडिया के अनुसार, बर्लिन के क्रिसमस बाज़ार में ट्रक से हमला करने वाले संदिग्ध ट्यूनीशियाई शरणार्थी अनीस आमरी को पुलिस ने मिलान शहर में गोली मार दी है।

रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने मिलान के सेस्टो सैन जियोवानी इलाक़े में पुलिस गश्त के दौरान संदिग्ध की पहचान की थी।

मृतक के फिंगरप्रिंट भी अनीस आमरी से मेल खा रहे हैं।

जर्मनी की केंद्रीय पुलिस ने अनीस आमरी की दो तस्वीरें भी जारी की हैं।

जर्मनी की राजधानी बर्लिन के क्रिसमस बाज़ार में ट्रक से हमला किया गया था जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी और कुल 49 लोग घायल हुए थे।

हमले में इस्तेमाल किए गए ट्रक पर पोलैंड की नंबर प्लेट थी और ट्रक के कैबिन से संदिग्ध अनीस आमरी के फिंगरप्रिंट प्राप्त हुए थे।

माल्टा विमान हाईजैक: अपहरणकर्ताओं ने किया सरेंडर

माल्टा में विमान हाईजैक करने वाले सभी अपहरणकर्ताओं ने सरेंडर कर दिया। इसके साथ ही सभी 118 यात्री को सुरक्षित छुड़ाया जा चुका है। यह जानकारी माल्टा के प्रधानमंत्री जॉसेफ मस्कट ने ट्वीटर पर ट्वीट करके जानकारी दी।

इससे पहले टाइम्स ऑफ माल्टा की खबर के अनुसार, विमान हाईजैक करने वाले अपहरणकर्ता ने खुद को गद्दाफी समर्थक बताया था। उन्हीं में से एक अपहरणकर्ता के पास हैंड ग्रेनेड होने की खबर थी। जिस वजह से यात्रियों को डराकर उन्होंने एयरबस ए320 विमान को हाईजैक किया।

माल्टा के प्रधानमंत्री जॉसेफ मस्कट ने लीबियन पीएम फैज-अल-सेराज से भी बातचीत की थी। माल्टा के सुरक्षा एजेंसियों के स्थानीय अधिकारी ने अपहरणकर्ताओं से बातचीत करके विमान में फंसे हुए लोगों को छुड़ाया। अपहरणकर्ताओं से बातचीत करने के बाद सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों को यात्रियों को छुड़ाने में सफलता मिली।

माल्टा के प्रधानमंत्री जॉसेफ मस्कट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कुल 118 यात्रियों को छुड़ा लिया गया है। माल्टा के पीएम मस्कट ने ट्वीटर के जरिए विमान हाईजैक से जुड़ी सभी जानकारी दे रहे थे।

विमान दक्षिण-पश्चिम लीबिया में सेभा से त्रिपोली जा रहा था। इस दूरी को पूरी करने में करीब दो घंटे का समय लगता है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि माल्टा में जबरन विमान उतारा गया क्योंकि अपहरणकर्ताओं ने उसे उड़ाने की धमकी दी थी।

अपहरणकर्ताओं का कहना था कि यदि उनकी मांगें मान ली जाए तो वे 111 यात्रियों को छोड़ देंगे। हालांकि उनकी मांगें क्या थी, अभी तक पता नहीं चल सका है। अपहरणकर्ताओं ने सात क्रू सदस्य समेत सभी यात्रियों को छुड़ा लिया गया है।

विमान के हाईजैक की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल एयरपोर्ट पहुंच गए थे। सुरक्षाकर्मियों ने विमान को चारों ओर से घेर रखा था। माल्टा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अन्य उड़ानों को या तो रद्द कर दिया गया था या फिर डायवर्ट कर दिया गया।

मुअम्मर गद्दाफी लीबिया के राष्ट्रपति थे। उन्हें 2011 में उनके पद से अमेरिकी मदद से विद्रोहियों ने हटा दिया था। इसके बाद से उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसा होती रहती है। देश के अलग-अलग हिस्सों पर अलग-अलग गुटों का कब्जा है।

माल्टा यूरोप का एक छोटा-सा देश है जो लीबिया की उत्तरी सीमा से करीब 500 किलोमीटर दूर है। इस देश को ऐतिहासिक स्थलों के लिए जाना जाता है।

मास्को में सीरिया वार्ता के लिए अमेरिका आमंत्रित नहीं

रिच एडसन की वाशिंगटन डी.सी. से रिपोर्ट

ट्यूनीशियाई शरणार्थी पर बर्लिन ट्रक आतंकी हमले का शक

लन्दन से ग्रेग पालकोट की रिपोर्ट