भारत

बलात्कार केस में मौलाना मसूद मदनी को जमानत मिली

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवबंद के मौलाना मसूद मदनी की जमानत मंजूर कर ली है। इन पर झाड़ फूँक के बहाने बलात्कार करने का आरोप है।

यह आदेश न्यायमूर्ति ए के त्रिपाठी ने दिया है।

मदनी उत्तराखंड सरकार से दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री थे। इनका कहना है कि उन्हें हनी ट्रैप में झूठा फँसाया गया है।

राज्य सरकार की तरफ से बताया गया कि मोनिका ने फर्जी नाम से पैसे ऐंठने के लिए जाल बिछाया था। हरक सिंह रावत को फँसाने में भी इसी गैंग का हाथ था।

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने भी हनी ट्रेप में फँसाकर पैसे ऐंठने के गिरोह का खुलासा किया है। यही गिरोह लोगों को फँसाकर रूपये ऐंठना है।

विवेचना अधिकारी ने बताया कि मोनिका अपने पति के साथ मदनी के पास मजार पर गयी।

उसने कहा कि उसे औलाद नही है जिस पर मदनी ने झाड़ फूँक की और रात में बलात्कार किया और कहा कि औलाद हो जायेगी। इस आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई।

विवेचना के दौरान खुलासा हुआ कि मोनिका असली नाम नही है जिसे वह पति बता रही, वह उसका पति नही है जिसको अपना पिता बताया वह असली पिता नही है। गैंग लीडर नेत्रपाल है जो जाल बिछाता है और लोगो को फँसा कर रुपये ऐंठना है।

मदनी की तरफ से कहा गया कि उन्हें फँसाया गया है। कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

डी रतन की रिपोर्ट।

राहुल ने आरोप लगाया, बीजेपी भारत को समझती ही नहीं है

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आजकल हिन्दू धर्मग्रन्थों का अध्ययन कर रहे हैं। राहुल गांधी ने रविवार (4 जून) को कहा कि वे भगवद गीता और उपनिषद का अध्ययन कर रहे हैं।

चेन्नई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ''आजकल मैं उपनिषद और गीता पढ़ता हूं, क्योंकि मैं आरएसएस और बीजेपी से लड़ रहा हूं।''

कांग्रेस के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राहुल ने आरएसएस की चर्चा करते हुए कहा, ''मैं उनसे पूछता हूं, (आरएसएस से) मेरे दोस्तों तुम ऐसा करते हो, लोगों को तंग करते हो, लेकिन तुम्हीं कहते हो कि सभी लोग बराबर हैं, तुम अपने ही धर्म में लिखी बात को कैसे नकार सकते हो''?

रविवार को राहुल गांधी ने डीएमके प्रमुख करुणानिधि से मिलकर उन्हें उनके 94वें जन्मदिन की बधाई दी।

रविवार को ही राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, जेडीयू नेता शरद यादव और सीपीआई के डी राजा के साथ मिलकर गुंटूर में एक रैली की।

राहुल ने आरोप लगाया कि बीजेपी भारत को समझती ही नहीं है, बीजेपी सिर्फ नागपुर 'आरएसएस के मुख्यालय' को समझती है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग समझते हैं कि दुनिया का सारा ज्ञान पीएम मोदी से ही निकलता है।

पहले भी बीजेपी-आरएएसएस पर अपनी विचारधारा थोपने का आरोप लगा चुके राहुल ने कहा कि देश के हर व्यक्ति को, चाहे वह तमिलनाडु का हो या फिर उत्तर प्रदेश का, विरोध का अधिकार है, अगर वो अपने-आप को पीड़ित समझता है।

राहुल ने कहा कि किसी भी विचारधारा को जबरन थोपना स्वीकार्य नहीं है।

चेन्नई में राहुल गांधी ने तमिल कला, संस्कृति और साहित्य की तारीफ की। राहुल ने कहा कि उन्होंने फैसला किया है कि अब वो तमिल फिल्में देखेंगे और तमिल साहित्य के बारे में पढ़ेंगे।

राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कहा, ''मैंने अपनी बहन को एक SMS भेजा और कहा कि मुझे तमिलनाडु आना अच्छा लगता है, मुझे पता नहीं, लेकिन मैं यहां के लोगों से जुड़ा हुआ महसूस करता हूं।''

मध्य प्रदेश: बीजेपी के मंत्री ने महिला आईएफएस ऑफिसर को कहा ‘बाई’

मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान के एक मंत्री पर एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा है। एमपी के ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव पर इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) की अधिकारी वासू कन्नूजया को 'बाई' कहने का आरोप है।

यही नहीं, मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने ना सिर्फ मौखिक रुप से महिला ऑफिसर की बेइज्जती की बल्कि गांव वालों को कहा कि अगर वन विभाग के स्टाफ उन्हें जंगल से चिरौंजी, महुआ और तेंदू पत्ता संग्रह करने से रोकते हैं तो वे उनकी हड्डियां भी तोड़ दें।

सोशल मीडिया में कथित तौर पर मंत्री गोपाल भार्गव का एक भाषण वायरल हो रहा है। इस वीडियो क्लिप में गोपाल भार्गव गांव वालों को कथित रुप से कह रहे हैं कि, ''उस रेंजर या डीएफओ ..... वो बाई जो आई है उसे कह दो ..... उन्हें बताया जाना चाहिए अगर जंगल के छोटे-मोटे उपज जो कि आदिवासी और गरीब लोग अपने जीवन यापन के लिए संग्रह करते हैं, अगर उसे सीज किया जाएगा तो उनके हाथ और पैर तोड़ दिये जाएंगे।''

अंग्रेजी वेबसाइट इंडियाटाइम्स के मुताबिक, मंत्री गोपाल भार्गव ने कथित रुप से इस भाषण को 26 अप्रैल को दिया था। तब वो मोहाली में लोगों की एक मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। मोहाली नौरादेही वाइल्डलाइफ सेंचुरी के तहत आता है।

इस भाषण में भार्गव ने वन विभाग के अधिकारियों पर करप्शन का भी आरोप लगाया था।

एक जून को नौरादेही की डीएफओ और 2010 बैच की आईएफएस ऑफिसर वासू कन्नूजया ने अपने एसोसियेशन को पत्र लिखकर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वासू कन्नूजया ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देकर अपने शिकायती पत्र में लिखा कि, ''मंत्री के बहकावे के बाद वन विभाग के स्टाफ के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुईं हैं, मारपीट के डर से वन विभाग के कर्मचारी अब जंगल में जाने से डरने लगे हैं।''

हालांकि गोपाल भार्गव ने अपने बयान पर खुद का बचाव किया है। भार्गव ने कहा है कि जहां तक मैं जानता हूं 'बाई' शब्द महिलाओं के लिए सम्मान के साथ लिया जाता है।

गोपाल भार्गव ने कहा कि मेरे क्षेत्र में आदिवासियों के खिलाफ बेवजह की कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, वन विभाग के अधिकारी आदिवासियों को परेशान कर रहे हैं, और उन्हें जंगल से छोटी-मोटी चीजें इकट्ठा करने से भी रोक रहे हैं।

मैंने जेटली से पहले ही कहा था कि आप कश्‍मीर को आग लगाने जा रहे हैं: राहुल गांधी

कश्मीर में लगातार जारी हिंसा को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। रविवार (4 मई, 2017) को न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ''एक महीने पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मेरी चेतावनी को नजरअंदाज किया। मैंने उनसे कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर को आग लगाने की तरफ बढ़ रही है। करीब 6-7 महीने पहले अरुण जेटली मुझसे मिलने आए। उनसे तब भी कहा कि आपकी सरकार कश्मीर के साथ दुर्व्यवहार कर रही है। कश्मीर आग में जल रहा है।''

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आगे कहा कि अरुण जेटली ने मेरी बात नजरअंदाज करते हुए कहा कि कश्मीर में शांति हैं। लेकिन सच्चाई ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कश्मीर जल रहा है। केंद्र सरकार ने सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए कश्मीर का इस्तेमाल किया है।

उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत की ताकत है,  लेकिन केंद्र सरकार इसे हमारी कमजोरी बना रही है।

बता दें कि कांग्रेस उपाध्यक्ष का बयान भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अशांत कश्मीर का समधान किसी भी कीमत पर निकाला जाएगा और कश्मीर के बेहतर भविष्य के लिए आने वाली सभी बाधाओं को हटा दिया जाएगा।

इस दौरान गृहमंत्री ने कहा कि हम कश्मीर समस्या का स्थाई समाधान निकालेंगे। दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पहले की तुलना में कश्मीर की स्थिति में सुधार आया है। हम आश्वस्त कर सकते है कि कश्मीर की स्थिति सरकार के नियंत्रण में आ जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि दुनिया का सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस भारतीय मुस्लिमों के बीच अपनी पकड़ बनाने में नाकामयाब रहा है।

दलित संगठन योगी आदित्य नाथ को 16 फीट लंबा साबुन देगा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने हाल ही में कुशीनगर जिले की मुसहर बस्ती का दौरा किया था। इस दौरे को लेकर काफी विवाद उठा था।

डेक्कन हेराल्ड ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि जिला प्रशासन ने सीएम के दौर से पहले मुसहर समुदायों के लोगों को साबुन-शैम्पू बांटे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुसहर समुदायों के लोगों को नहाने और सेंट (इत्र) लगाने की सलाह दी गई थी। वहीं इसी बात का विरोध करने के लिए दलित समुदाय ने योगी आदित्य नाथ को साबुन भेंट करने का फैसला लिया है।

गुजरात के एक दलित संगठन डॉ. अंबेडकर वचन प्रतिबद्धता समिति ने बीते गुरुवार (1 जून) को यह घोषणा की थी। वहीं संगठन का दावा है कि यह कोई छोटा सा साबुन नहीं होगा बल्कि यह 16 फीट लंबा साबुन होगा। सीएम आदित्य नाथ को देने के लिए खास तौर पर यह 16 फीट का साबुन बनवाया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर की मुसहर बस्ती में पांच बच्चों को टीका लगाकर इंसेफलाइटिस टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी।

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, मुसहर समुदाय के एक बुजर्ग ने बताया था कि अधिकारियों ने उन्हें खुशबुदार साबुन, शैंपू और सेंट भी दिया और कहा कि मुख्यमंत्री से मिलने से पहले इनसे नहा लेना और सेंट लगा लेना।

खबरों के मुताबिक, इसी के विरोध में संगठन ने कहा है कि योगी आदित्य नाथ का यह व्यवहार जातिवादी है। संगठन के किर्ती राठौड़ और कांतिलाल परमार ने कहा, ''उन्हें अपनी अशुद्धियों को साफ करने की जरूरत है।''

किर्ती राठौड़ और कांतिलाल परमार दोनों की अहमदाबाद स्थित एनजीओ नवसर्जन से जुड़े हैं जो दलित अधिकारों की बात करता है। वहीं साबुन अहमदाबाद में डिसप्ले के लिए 9 जून को लगाया जाएगा।

इसके अलावा किर्ती और कांतिलाल का दावा है कि साबुन को दलित समाज की वाल्मीकि की एक महिला तैयार करेंगी।

वहीं दोनों ने इस बात का खुलासा अभी तक नहीं किया है कि क्यों साबुन की लंबाई 16 फीट की होगी।

बता दें इससे पहले भी सीएम योगी तब विवादों से घिर गए थे जब सीमा सुरक्षा बल के शहीद जवान के घर पर सीएम के दौरे से पहले देवरिया जिला प्रशासन ने शहीद के घर में सोफा, एसी और कारपेट लगवाया था और उनके जाते ही सारा साजोसामान हटवा लिया था।

जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना के काफिले पर आतंकी हमले में दो जवान शहीद, 9 जख्मी

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को सेना के काफिले पर किए गए हमले में दो जवान शहीद हो गए, जबकि तीन घायल हैं।

रक्षा सूत्रों के अनुसार, हमले में गंभीर रूप से घायल दो जवानों ने दम तोड़ दिया। अन्य घायलों को इलाज के लिए श्रीनगर ले जाया गया। यह हमला हिल्लार क्षेत्र में उस समय हुआ, जब सेना का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। हमले के बाद 300 किलोमीटर लंबे राजमार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। इस वर्ष की शुरुआत में इसी तरह के हमले हुए थे जिसमें शोपियां में तीन जवान शहीद हो गए थे।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को सेना के वाहन पर किए गए हमले में पाँच जवान घायल हो गए।

पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों ने कुलगाम जिले के हिल्लार (काजीगुंड) में सेना के वाहन पर गोलियां बरसाईं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि घायलों में से एक की हालत गंभीर है।

कश्मीर मुद्दे पर नरेन्द्र मोदी की बोली बोल रहे हैं आर्मी चीफ बिपिन रावत: सीपीआई (मार्क्‍सवादी)

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्‍सवादी) ने कहा है कि भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत जम्मू एवं कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से सुर में सुर मिला रहे हैं और मोदी सरकार मुद्दे से जिस तरीके से निपट रही है, वह गलत है।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्‍सवादी) की पत्रिका 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' में 'डैमेजिंग द आर्मी इमेज' के नाम से संपादकीय में एक कश्मीरी युवक को जीप से बांधकर मानव ढाल की तरह इस्तेमाल करने के सेना के मेजर के फैसले को लेकर जनरल बिपिन रावत की खिंचाई की गई है।

जनरल रावत ने हाल में दिए गए एक साक्षात्कार में मेजर नितिन गोगोई की कार्रवाई का बचाव किया और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया, जबकि इस मामले की जांच चल रही है।

संपादकीय के मुताबिक, ''सेना प्रमुख ने इस कार्रवाई की सराहना कर सेना के उच्च पेशेवर मानकों को नीचा दिखाया है।''

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्‍सवादी) के मुताबिक, ''कुछ पूर्व जनरलों ने नागरिक को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल करने की कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने साफ इशारा किया है कि सेना अपने लोगों से इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकती।''

संपादकीय में कहा गया है, ''रावत मोदी सरकार के दृष्टिकोण को दर्शा रहे हैं जिसका मकसद कश्मीर के लोगों को दबाना है जो अपने राजनीतिक विरोध की आवाज बुलंद कर रहे हैं।''

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्‍सवादी) ने कहा, ''नागरिकों के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई के सरकार के फैसले का अंध तरीके से अनुपालन करने से न केवल कश्मीर के लोगों बल्कि खुद सेना को भी अपूरणीय क्षति का सामना करना पड़ेगा।''

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों से निपटने के लिए सैन्य ऑफिसर मेजर गोगोई ने एक शख्स को सेना के जीप के सामने बांध दिया था। दरअसल जम्मू-कश्मीर में एक जगह पत्थरबाजी हो रही थी, सेना की ओर से कई बार समझाने के बाद भी वहां के लोगों ने बात नहीं मानी और पत्थबाजी जारी रखी।

इस हालात से निपटने के लिए मेजर गोगोई ने एक स्थानीय शख्स को जीप के सामने बांध दिया था। उनके इस कदम के बाद पत्थरबाजों ने पत्थर फेंकना बंद कर दिया था। हालांकि मेजर गोगोई के इस कदम की कई लोगों ने कड़ी आलोचना की थी।

ह्यूमैन राइट्स वॉच ने कश्‍मीर में 'मानव ढाल' के इस्‍तेमाल की आलोचना की

मानवाधिकार संगठन ह्यूमैन राइट्स वॉच ने कश्मीर में मानव ढाल के रूप में एक नागरिक का इस्तेमाल करने वाले सैन्य अधिकारी को सम्मानित करने के लिए भारतीय सेना की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह के कानून विरोधी कदम का समर्थन करना सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों को भविष्य में भी इस तरह के कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा।

ह्यूमैन राइट्स वॉच ने कल एक बयान में कहा, ''भारतीय सेना द्वारा एक अधिकारी को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन समेत ऐसे कदमों के लिए ईनाम देना सेना की जवाबदेही और उसके कद को कमतर करता हैं।''

ह्यूमैन राइट्स वॉच ने मेजर नितिन लीतुल गोगोई का हवाला दिया जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में उग्र भीड़ से सुरक्षाकर्मियों और चुनाव कर्मियों को बचाने के लिए वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति को गैर कानूनी तरीके से मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था और उन्हें इसके लिए सम्मानित किया गया।

भारतीय सेना ने गोगोई के कदम का बचाव किया। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक साक्षात्कार में इस प्रकरण का बचाव करते हुए कहा था कि सेना कश्मीर में घृणित युद्ध का सामना कर रही है जिससे नए तरीकों से निपटा जाना चाहिए।

बहरहाल, ह्यूमैन राइट्स वॉच की दक्षिण एशिया की निदेशक मीनाक्षी गांगुली ने कहा, ''कश्मीर में सैनिकों का काम मुश्किल है और उन्हें लोगों की जिंदगी बचाने के लिए पुरस्कृत करना चाहिए, लेकिन जानबूझकर दूसरों की जान दांव पर लगाकर और उनके अधिकारों का उल्लंघन करके नहीं।''

गांगुली ने कहा, ''कानून विरोधी कदम के लिए वरिष्ठ सैन्य और सरकारी अधिकारियों द्वारा समर्थन किया जाना सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों को भविष्य में ऐसे ही गैरकानूनी कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है।''

उन्होंने कहा, ''आक्रोश व्यक्त करने वाली क्रूरतापूर्ण कार्रवाई की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खुले तौर पर प्रशंसा करना इस भरोसे को कम करता है कि सरकार गंभीर उल्लंघनों के लिए सुरक्षाबल की जवाबदेही तय करने के लिए गंभीर है।''

बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ मंच साझा करेंगे अख‍िलेश

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि वे 27 अगस्त को पटना में होने वाली रैली में बीएसपी सुप्रीमो मायावती के साथ मंच साझा करेंगे।

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ आगामी 27 अगस्त को पटना में एक विशाल रैली करने वाले हैं।

लालू प्रसाद यादव ने इस रैली में शामिल होने के लिए कई महीने पहले ही देश के प्रमुख विपक्षी दलों को न्यौता दिया है।

अखिलेश यादव ने कहा, ''मैं 27 अगस्त को लालू यादव की बिहार रैली में शामिल रहूंगा। इस रैली में मायावती भी रहेंगी, अगर वहां पर केन्द्र सरकार के खिलाफ कोई गठबंधन होता है तो इसका वहीं पर ही ऐलान किया जाएगा।''

हालांकि इस रैली में बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती शामिल होंगी या नहीं। इस पर अभी संशय बरकरार है।

इस रैली के बहाने ही उत्तर प्रदेश में बीएसपी और एसपी को एक मंच पर लाने की कोशिश हो रही है। इससे पहले लालू यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भी अखिलेश और मायावती को मिलाकर बीजेपी के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी।

इस मोर्चे में बसपा-सपा के अलावा जेडीयू समेत दूसरी विपक्षी पार्टियां भी शामिल होने वाली थीं, लेकिन तब ये राजनीतिक गठबंधन परवान नहीं चढ़ सका।

बता दें कि लालू प्रसाद यादव बार-बार कहते आए हैं कि बीजेपी को पटखनी देने के लिए विपक्षी दलों का एक मंच पर आना जरूरी है।

लालू यादव ने इस रैली के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी न्यौता दिया है। लालू ने ट्वीट कर लिखा था कि वे बीजेपी के खिलाफ रैली के लिए सभी गैर भाजपाई दलों को 27 अगस्त को पटना आमंत्रित करते हैं।

लालू के निमंत्रण को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने तुरंत स्वीकार कर लिया और कहा था कि वे इस रैली में मौजूद रहेंगी।

लालू इस रैली के लिए वामपंथी दलों से भी संपर्क साध रहे हैं।

चुनाव के दौरान बीजेपी ने जो वादे किये, वो महज 'लॉलीपॉप' साबित हुए हैं: शिवसेना

बीजेपी पर निशाना साधते हुए इसकी सहयोगी शिवसेना ने बुधवार (31 मई) को कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी ने जो वादे किये वो महज 'लॉलीपॉप' साबित हुए हैं।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा, ''अगर वादे सिर्फ चुनावी जुमलों के तौर पर किये जायें तो जनता जन सभाओं और नेताओं पर भरोसा नहीं करेगी।''

शिवसेना ने बीजेपी नीत केंद्र एवं महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ''लोग अब यह जानकर हैरत में पड़ सकते हैं कि कर्ज माफी (किसानों की) और नौकरियां पैदा करने के वादे सिर्फ लॉलीपॉप थे।''

शिवसेना महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार का हिस्सा है।

इसमें लिखा है, ''नितिन गडकरी (बीजेपी नेता एवं केंद्रीय मंत्री) ने हाल में कहा था कि कर्जमाफी संभव नहीं होगा।''

शिवसेना ने कहा, ''जब हमलोग विपक्ष में थे तो कर्जमाफी की मांग करते थे, लेकिन यह अब संभव नहीं है।''

इसमें उन बातों को याद करते हुए कहा गया कि जब बीजेपी और शिवसेना विपक्ष में थे तो उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे के उस बयान की आलोचना की थी जिसमें शिंदे ने कहा था कि हर चुनावी वादे को पूरा नहीं किया जा सकता है।