इमरान खान कभी भी हो सकते हैं गिरफ्तार

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने विपक्ष के नेता इमरान खान की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वॉरंट जारी किया है। चुनाव आयोग ने पूर्व क्रिकेटर द्वारा उस पर पक्षपात का आरोप लगाए जाने को लेकर यह कार्रवाई की है।

जियो न्यूज की खबर के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त की अगुवाई वाली पांच सदस्यी पीठ ने 64 वर्षीय इमरान खान के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 26 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के लिए पेश करने का आदेश दिया।

पाकिस्तान में चुनाव आयोग गिरफ्तारी वॉरंट जारी कर सकता है।

इस बीच इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने कहा कि वह फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी।

इससे पहले 14 सितंबर को पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने मामले में इमरान खान की मौजूदगी को सुनिश्चित करने के लिए इमरान खान के खिलाफ जमानती वॉरंट जारी किया था।

हालांकि, उनकी पार्टी ने 20 सितंबर को इस्लामाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, जिसने जमानती वॉरंट को खारिज कर दिया था।

इस प्रकार से इमरान की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पाकिस्तान की प्रमुख राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की नेता आयशा गुलालाई ने पार्टी प्रमुख इमरान खान पर गंभीर आरोप लगाते इस्तीफा दे दिया था।

आयाशा ने इमरान खान को चरित्रहीन बताते हुए कहा था कि वो उन्हें और पार्टी की दूसरी महिलाओं को अश्लील मैसेज भेजेते हैं। इस्तीफा देते हुए आयशा ने यह भी कहा था, ''मेरी इज्जत मेरी लिए ज्यादा मायने रखती है और मैं अपनी अस्मत और गैरत से समझौता नहीं कर सकती।''

आयशा ने इमरान खान के साथ ही पीटीआई पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। आयशा ने पाकिस्तानी दैनिक डॉन से बातचीत में कहा था कि पीटीआई में महिला कार्यकर्ताओं का कोई सम्मान नहीं है और गैरतमंद महिलाएं इमरान खान की पार्टी में काम नहीं कर सकतीं।''

हालांकि, पीटीआई नेता शिरीन मजारी ने आयशा के लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी ने चुनाव में टिकट नहीं दिया, इसलिए वो ऐसे आरोप लगा रही हैं।

मजारी ने कहा था कि इमरान खान सभी महिलाओं की इज्जत करते हैं।