'सरकार ने बहुत गलत किया, कोई भी मां अपने बच्चे को सेना में भेजने से डरेगी'
बीएसएफ ने अपने जवान तेज बहादुर यादव को बर्खास्त कर दिया है। तेज बहादुर यादव ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर वीडियो क्ल्प्सि पोस्ट कर पाकिस्तानी सीमा से सटे इलाकों में तैनात बीएसएफ जवानों को खराब खाना दिए जाने की शिकायत की थी।
उन्हें मंगलवार (19 अप्रैल) को सांबा की समरी सिक्योरिटी फोर्स से डिसमिस कर दिया गया। तेज बहादुर यादव को फोर्स का अनुशासन तोड़ने का दोषी पाया गया है, इसके अलावा उन्होंने फोर्स के ग्रीवांस रीड्रेसल मैकेनिज्म का पालन भी नहीं किया।
इसके अलावा, तेज बहादुर यादव को सेना के सामान्य आदेशों का उल्लंघन करने का भी दोषी पाया गया। तेज बहादुर यादव ड्यूटी के दौरान दो मोबाइल फोन रखते थे जो कि एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के खिलाफ है। इसके अलावा यूनिफॉर्म में सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालकर भी निर्देशों का उल्लंघन है।
तेज बहादुर यादव ने बीएसएफ के इस फैसले पर कहा है कि वे बर्खास्तगी के खिलाफ अदालत में अपील करेंगे। हालांकि उनके पास बीएसएफ के उच्चतर मुख्यालय में अपील करने का विकल्प भी मौजूद है।
बीएसएफ द्वारा तेज बहादुर यादव को बर्खास्त किए जाने के बाद उनकी पत्नी शर्मिला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया। जिसमें उन्होंने कहा, ''उसका (यादव) कोर्ट मार्शल कर दिया गया है। उसने जवानों के हित में ये कदम उठाया था और देश को अपना खाना दिखाया था। इसके बाद कोई भी मां अपने बच्चे को फौज में भेजेगी क्या? उसने ऐसा कौन सा गुनाह किया था जो उसकी 20 साल की सर्विस हो गई थी और उसको डिसमिस कर दिया गया। सरकार को चाहिए था कि उसको बाइज्जत घर भेज दे, सरकार ने ये बहुत गलत किया है। इससे कोई भी मां अपने बच्चे को सेना में भेजने से डरेगी।''
तेज बहादुर यादव ने फेसबुक पर चार वीडियो शेयर किए थे। इन वीडियो में जली रोटी, पानी वाली दाल को दिखाया गया था।
मीडिया में मामला उजागर होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्काल मामले की जांच का आदेश दिया था। बीएसएफ ने मामले पर सफाई देते हुए खराब खाना दिए जाने से इनकार किया था।
इसके अलावा अधिकारियों ने तेज बहादुर यादव पर अपनी सेवा शर्तों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया था।
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