असम के एनआरसी सूची से 40 लाख लोगों को हटाया गया

भारत के असम में कड़ी सुरक्षा के बीच सरकार ने असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के दूसरे एवं अंतिम मसौदा को जारी कर दिया है, ताकि अवैध तौर पर वहां पर रह रहे लोगों का पता लगाया जा सके। इसे कड़ी सुरक्षा के बीच जारी किया गया है।

हालांकि, सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अभी लोगों को इसमें अपना नाम शामिल कराने के लिए पर्याप्त मौका दिया जाएगा और फिलहाल किसी को नहीं निकाल जाएगा।

रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया शैलेख ने सोमवार को कहा, ''2 करोड़ 89 लाख 83 हजार छह सौ सात लोगों को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में योग्य पाकर उन्हें शामिल किया गया है।''

करीब 3 करोड़ 29 लाख लोगों ने इस सूची के लिए एप्लाई किया था। शैलेश ने कहा कि जिन लोगों का नाम इस सूची में शामिल नहीं है उन्हें पर्याप्त मौका दिए जाएगा ताकि वह अपने दावे और विरोध दर्ज करा सकें।

उधर, इस रिपोर्ट के बाद भारत के केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग बेवजह भय का वातावरण पैदा कर रहे हैं। यह एक निष्पक्ष रिपोर्ट है। गलत जानकारियों को नहीं फैलाया जाना चाहिए। यह एक ड्राफ्ट है ना कि अंतिम सूची।

उधर, तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने राज्यसभा में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर जमकर बवाल किया। जिसके चलते राज्यसभा को 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। टीएमसी नेता एस एस रॉय ने कहा, ''केन्द्र सरकार जानबूझकर करीब 40 लाख लोगों को धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों के आधार पर एनआरसी सूची से हटा रहा है। इसके गंभीर भौगोलिक नतीजे असम में हो सकते हैं। प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर सदन में आकर सफाई देनी चाहिए।

आवेदक अपने नामों को सूची में देख सकते हैं। इसमें आवेदकों का नाम, पता और तस्वीर शामिल होगा। एनआरसी में उन सभी भारतीय नागरिकों के नामों को शामिल किया गया है जो 25 मार्च, 1971 से पहले से असम में रह रहे हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बहरहाल, सुरक्षा कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए समूचे राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। असम एवं पड़ोसी राज्यों में सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए केंद्र ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 220 कंपनियों को भेजा गया।

असम की राज्य सरकार ने कहा कि मसौदा में जिनके नाम उपलब्ध नहीं होंगे, उनके दावों की गुंजाइश होगी। उन्हें (महिला/पुरूष) संबंधित सेवा केन्द्रों में निर्दिष्ट फॉर्म को भरना होगा। ये फॉर्म सात अगस्त से 28 सितंबर के बीच उपलब्ध होंगे। इसके बाद अगले कदम के तहत उन्हें अपने दावे को दर्ज कराने के लिए अन्य निर्दिष्ट फॉर्म भरना होगा, जो 30 अगस्त से 28 सितंबर तक उपलब्ध रहेगा। एनआरसी उच्चतम न्यायालय की निगरानी में अपडेट किया जा रहा है।