सोनिया गांधी के घर एनडीए नेता सहित दर्जनभर दिग्गज जुटेंगे, मोदी को हराने का प्लान बनाएंगे
भारत में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों खासकर त्रिपुरा के चुनावी नतीजों ने सभी विपक्षी दलों को बेचैन कर दिया है। लिहाजा, तमाम विपक्षी पार्टियां नए सिरे से सियासी समीक्षाओं में जुट गई हैं। इस बीच, यू पी ए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मिशन 2019 के तहत महागठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा के लिए विरोधी दलों के नेताओं को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया है। हालिया उप चुनावों के नतीजों के बाद यानी 13 मार्च को सोनिया गांधी की तरफ से रात्रि भोज पर ये नेता भविष्य की रणनीति और गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह कि एन डी ए में शामिल तेलगु देशम पार्टी (टी डी पी) के नेता भी इस भोज में शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि संसद में सरकार पर हमला बोलने के लिए विपक्षी दलों द्वारा हाथ मिलाये जाने की पृष्ठभूमि में यह पहल विपक्ष को मजबूत करने तथा 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए संयुक्त मोर्चे की नींव रखने की दिशा में एक कदम है। सोनिया गांधी ने यह पहल ऐसे समय में की है, जब गैर भाजपा, गैर कांग्रेस मोर्चा की संभावनाओं को लेकर चर्चा हो रही है। इससे पहले टी आर एस प्रमुख एवं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव ने इस मामले में राष्ट्रीय स्तर पर विचार विमर्श करने का प्रस्ताव दिया था।
कांग्रेस के नजदीकी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि सोनिया गांधी का रात्रि भोज उन सभी विपक्षी दलों के साथ आने को रेखांकित करेगा जो संसद के भीतर और बाहर भाजपा का मुकाबला करेंगे। उन्होंने कहा, ''यह महज रात्रि भोज नहीं होगा बल्कि यह विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन भी होगा जो भाजपा के कुशासन के खिलाफ एकजुट होकर एक मोर्चा गठित करना पसंद कर सकते हैं।''
कांग्रेस के जानकार सूत्रों ने अधिक ब्यौरा देने से इंकार करते हुए कहा कि कई नेताओं ने इसमें शिरकत करने की पुष्टि की है। माना जा रहा है कि इस भोज में टी आर एस, टी डी पी के अलावा समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियां, डी एम के, राष्ट्रीय जनता दल समेत अन्य दल के नेता भी शामिल होंगे।
हालांकि, उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी इस बात को लेकर इच्छुक हैं कि सभी शीर्ष विपक्षी नेता इसमें आयें जिसमें तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी शामिल हों। ममता ने अभी इस बारे में पुष्टि नहीं की है कि वे इसमें शामिल होंगी अथवा नहीं। ममता ने चंद्रशेखर राव और द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन से संसद के भीतर और बाहर तालमेल के लिए बातचीत की थी।
विपक्ष के एक बड़े नेता ने अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि एन डी ए का घटक दल टी डी पी भी कांग्रेस नेता के रात्रिभोज में शामिल हो सकता है।
बता दें कि टी डी पी एनडीए का सहयोगी दल है, लेकिन तीन तलाक के मामले में उसने केन्द्र के रूख के खिलाफ संसद में विपक्षी दलों के साथ विरोध जताया था। टी डी पी ने आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज देने के मुद्दे पर भी मोदी सरकार से असहमति जतायी है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस की अगर केंद्र में सरकार बनती है तो आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज दिया जाएगा।
