2जी घोटाले में ए राजा और कनीमोझी निर्दोष: बीजेपी ने डीएमके से डील कर ली

भारत में 2जी घोटाले में दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने आज (21 दिसंबर) को सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश ओ पी सैनी ने भारत के पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और डीएमके सांसद कनिमोझी सहित सभी आरोपियों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर दोनों मामलों में बरी कर दिया।

कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान 2008 में दूरसंचार विभाग द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस आवंटन में कथित तौर पर अनिमितता हुई थी, जिसका 2010 में कैग की रिपोर्ट के बाद व्यापक स्तर पर खुलासा हुआ।

इस फैसले की सोशल मीडिया में लोग कड़ी आलोचना कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के नेता आशोतुष ने केन्द्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि बीजेपी ने डीएमके से डील कर ली है।

आशुतोष ने लिखा, ''पिछले साढ़े तीन सालों में एजेंसियाँ मोदी सरकार के अंडर में काम कर रही है। सीबीआई ने 2G की ठीक से जाँच क्यों नहीं की? सबूत क्यों नहीं जुटायें? बीजेपी ने विपक्ष में काफ़ी हंगामा मचाया था? फिर आरोपियों को सज़ा क्यों नहीं? सरकार बनने के बाद बीजेपी ने क्या डील की? आगे उन्होने लिखा, ''मोदी जी आप देश को बताये कि 2G पर क्या डील आपकी सरकार ने की? ''

आशुतोष ने आगे लिखा, ''अजीब इत्तेफ़ाक़ है। न बोफ़ोर्स में किसी को सज़ा, न 2G में। बीजेपी विपक्ष में रहती है तो आरोप लगाती है और सरकार में आकर बचाती है। मोदी जी जवाब दो।

वहीं आम लोग भी इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और कह रहे हैं कि भारत में अमीरों और गरीबों के लिए इंसाफ के मायने अलग-अलग हैं। एक यूजर ने लिखा, ''किसी ने घोटाला नहीं किया है। सचमुच में, सच में कानून 'अँधा' होता है।'' देवारती मजूमदार ने लिखा, ''लोग कहते हैं कानून अंधा होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आपको कानून की आंखे खुली रखने के लिए सही कीमत चुकाने की जरूरत होती है।'' फातिमा आर्या नेंब लिखा, ''पीएम मोदी 6 नवंबर को करुणानिधि के घर गये, अब ज्यादा मत पूछो।'' नीरज भाटिया ने लिखा, ''ये उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो डॉ मनमोहन सिंह पर आरोप लगाते रहते थे।'' गिरीश आनंद ने लिखा, ''ये 2जी नहीं, इंवेस्टीगेशन घोटाला है।'' एक यूजर ने लिखा, ''2 जी घोटाला 2009 में फाइल किया गया, फैसला 2017 में आया, लगता है केस 1जी के स्पीड से आगे बढ़ रहा था।''