अखिलेश को झटका: तीन एमएलसी ने दिया इस्तीफा
समाजवादी पार्टी के एमएलसी भुक्कल नवाब, यशवंत सिंह और मधुकर जेटली ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। शनिवार (29 जुलाई) को लखनऊ में इस्तीफा देते हुए नवाब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ भी की।
याद रहे कुछ लोग सत्ता के साथी होते, सत्ता जाते ही पलटी मारने में देर नहीं लगती।
नवाब राष्ट्रीय शिया समाज के संस्थापक भी हैं। उत्तर प्रदेश में पहले समाजवादी पार्टी की ही सरकार थी। इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को हराकर बीजेपी सत्ता में आई है।
बीजेपी ने गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाया। इसका कई लोगों ने विरोध भी किया था। योगी का विरोध करने की मुख्य वजह मुसलमानों को लेकर दिए गए उनके कुछ बयान थे। इसके अलावा माना जाता है कि मुसलमान बीजेपी और नरेंद्र मोदी को पसंद नहीं करते।
लेकिन याद रखे भुक्कल नवाब शिया मुसलमान है, सुन्नी मुसलमान नहीं। शिया और सुन्नी मुसलमानों की विचारधारा में फर्क है, इसलिए भुक्कल नवाब जो शिया मुसलमान हैं, के बीजेपी में शामिल होने पर ताज्जुब नहीं होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनते ही भुक्कल नवाब ने इसी साल मई में राम मंदिर की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि भव्य राम मंदिर बनना चाहिए। इतना ही नहीं, भुक्कल ने राम मंदिर के लिए 15 करोड़ दान देने की भी बात की थी। भुक्कल नवाब का राम मंदिर की वकालत तो सिर्फ बहाना है, वास्तव में अपने-आप को बचाना है।
भुक्कल नवाब पर इससे पहले गोमती नदी को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे।
भुक्कल नवाब पर आरोप था कि उन्होंने नदी की जमीन के नाम पर करोड़ों रुपए का मुआवजा लिया था। ऐसे में भुक्कल नवाब के बीजेपी में शामिल होने पर ताज्जुब नहीं होना चाहिए। आख़िरकार सजा से बचने के लिए सत्ता का सहारा तो चाहिए ही।
इस बीच अमित शाह भी लखनऊ पहुंच चुके हैं। सीएम योगी उनको लेने पहुंचे थे। MLC के इस्तीफे पर जब उत्तर प्रदेश के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ही इस बात का सही जवाब दे पाएंगे कि ऐसा क्यों हो रहा है?
इसपर कांग्रेस नेता अखिलेश सिंह ने ट्वीट किया, धनादेश के बल पर सत्ता के कारोबारी के लखनऊ पहुँचते ही MLC की ख़रीद फ़रोख़्त शुरू।
