गोमांस के शक में भीड़ द्वारा हत्या के मामले में बीजेपी नेता को उम्रकैद, अन्य दोषियों को भी उम्रकैद

झारखंड के रामगढ़ की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गोमांस के शक में भीड़ द्वारा अलीमुद्दीन अंसारी की पीट-पीटकर हत्या करने के एक मामले में नौ महीने के अंदर सजा सुनाई है। कोर्ट ने मामले में आरोपी 11 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में बीजेपी का एक स्थानीय नेता नित्यानंद महतो भी शामिल है।

गोमांस के शक में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने के आरोपियों को सजा सुनाने का यह भारत का पहला मामला है। बीते साल 29 जून को गौरक्षा समिति से जुड़े लोगों की भीड़ ने रामगढ़ जिले में 55 साल के अलीमुद्दीन अंसारी पर गोमांस ले जाने का आरोप लगाकर उनकी हत्या कर दी थी। भीड़ ने अलीमुद्दीन अंसारी की गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया था। यह वाकया तब हुआ था, जब ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से गौरक्षा के नाम पर कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की थी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पिछले सप्ताह 11 आरोपियों को आई पी सी की धारा 147, 148, 427/149, 435/149, 302/149 के तहत दोषी करार दिया था और दीपक मिश्रा, संतोष सिंह और छोटू वर्मा को मुख्य अभियुक्त ठहराया था। इन्हें अन्य धाराओं के साथ-साथ 120बी के तहत भी दोषी पाया गया है। मामले में एक 12वां आरोपी भी है, जिस पर कोर्ट ने अभी फैसला नहीं लिया है क्योंकि उसके वयस्क होने पर अभी विवाद है। संभवत: उसकी उम्र 16 से 18 साल के बीच है।

यह मुकदमा झारखंड उच्च न्यायालय की निगरानी में चला। मुकदमे के दौरान अभियोजक ने 19 गवाह व 59 दस्तावेज प्रस्तुत किए। आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया गया। बीते साल बच्चों का अपहरण करने व गोमांस ले जाने के आरोप में झारखंड में दर्जन भर लोगों को पीट-पीटकर मार दिया गया था।