त्रिपुरा में बीजेपी प्रभारी सुनील देवधर ने कहा, यहां हिंदू भी बीफ खाते हैं, नहीं होना चाहिए बीफ पर बैन

त्रिपुरा के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर भारतीय जनता पार्टी ने आई पी एफ टी के साथ मिलकर सरकार बना ली है। बिप्लब देब को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है। इससे पहले 25 सालों तक कम्युनिस्ट पार्टी के मानिक सरकार सत्ता पर काबिज थे।

इन चुनावों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सरकार बनाई है। बीजेपी की इस जीत के पीछे जिस नेता का नाम सबसे ज्यादा उछला, वो नाम है त्रिपुरा में बीजेपी के चुनाव प्रभारी सुनील देवधर का। अब सरकार बनने के बाद सुनील देवधर ने कहा है कि यहां राज्य में हिंदू भी बीफ खाते हैं इसलिए इस पर बैन नहीं लगना चाहिए।

बता दें कि केंद्र में एनडीए की सरकार बनने के बाद से ही बीफ को लेकर काफी हो-हल्ला मचा हुआ है। बीजेपी की तरफ से कई बार बीफ बैन के पक्ष में बातें कही जाती रही हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी ने भी बीफ बैन की वकालत की थी।

बीफ बैन को लेकर जहां विरोधी दल बीजेपी पर ये कहते हुए हमला करते रहे हैं कि 'कई राज्यों में अभी भी लोग बीफ खाते हैं। ऐसे में बीजेपी कानून लाकर पूरे देश में बीफ को क्यों नहीं बैन कर देती।'

मंगलवार को त्रिपुरा में बीजेपी प्रभारी सुनील देवधर ने कहा, ''किसी राज्य में अगर बहुसंख्यक लोग नहीं चाहते हैं तो वहां की सरकार बीफ पर बैन लगाएगी? नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में बहुसंख्यक लोग उसे खाते हैं तो वहां की सरकार उस पर प्रतिबंध नहीं लगाती।''

सुनील देवधर ने त्रिपुरा में बीफ बैन के मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि, ''यहां पर ज्यादातर मुसलमान और क्रिश्चियन हैं। कुछ हिंदू भी ऐसे हैं जो ये मांस खाते हैं तो मुझे लगता है कि उसपर कोई बैन नहीं होना चाहिए। इसलिए वहां बैन नहीं है।''