विपक्ष ने मीरा कुमार को बनाया राष्‍ट्रपति का उम्‍मीदवार

भारत में 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी पार्टियों ने गुरुवार शाम को बैठक की। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभिन्‍न दलों के नेताओं की मौजूदगी में तय किया गया कि पूर्व लोकसभा स्‍पीकर मीरा कुमार को राष्‍ट्रपति पद का उम्‍मीदवार बनाया जाएगा। बिहार के सासाराम से जीतने वालीं मीरा कुमार 15वीं लोकसभा की अध्यक्ष रह चुकी हैं। मीरा के सामने एनडीए उम्‍मीदवार रामनाथ कोविंद होंगे जिन्‍हें कई विपक्षी दलों ने समर्थन की बात कही है।

एक दिन पहले ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (युनाइटेड) ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फैसला किया था। खड़गे ने जनता दल (युनाइटेड) द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ''नीतिश कुमार की पार्टी जनता दल (युनाइटेड) ने कोविंद को समर्थन देने का ऐलान किया है, यह उनका फैसला है।''

उन्होंने कहा, ''इससे पहले विपक्षी पार्टियों की बैठक में जनता दल (युनाइटेड) नेता शरद यादव ने राष्ट्रपति उम्मीदवार पर जल्दबाजी में फैसला नहीं करने की सलाह दी थी।''

शरद यादव राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर फैसला करने के लिए विपक्षी पार्टियों द्वारा गठित उपसमिति के सदस्य भी हैं।

सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर आम सहमति बनाने के लिए विपक्षी दलों से चर्चा करने की पहल की थी। इस संदर्भ में सोनिया गांधी से मुलाकात करने वालों में नीतीश कुमार भी थे और उनकी पार्टी के नेताओं ने समूह की सभी बैठकों में हिस्सा लिया था। वामपंथी दल कोविंद के मुकाबले उम्मीदवार उतारने के पक्ष में हैं। वे इसे 'विचारात्मक संघर्ष' कहते हैं।

राष्ट्रपति पद के लिए राजग उम्मीदवार के तौर पर अपना नाम घोषित होने के बाद से कोविंद कई शीर्ष भाजपा नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। वह पार्टी के महासचिव भी रह चुके हैं। बुधवार को उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से मुलाकात की थी। कोविंद शुक्रवार को नामांकन-पत्र दाखिल करने वाले हैं। उम्मीद की जा रही है कि इसके बाद वह अपने पक्ष में समर्थन के लिए विपक्षी दलों से भी संपर्क साध सकते हैं।