हुर्रियत कांफ्रेंस और आतंकियों के बीच के संबधों की हुई पुष्टि
भारत के जम्मू-कश्मीर में हुर्रियत कांफ्रेंस और आतंकियों के बीच के संबधों की एक बार फिर से पुष्टि हुई है। अनंतनाग में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ढेर आतंकी ईसा फाजली की हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गीलानी के साथ एक तस्वीर सामने आई है। अनंतनाग मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया गया, जिसमें ईसा भी एक था।
श्रीनगर के डाउन-टाउन इलाके सोहरा का रहने वाला ईसा राजौरी में स्थित बाबा गुलाम शाह बादशाह यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईसा फाजली ने पिछले साल सितंबर में अचानक से पढ़ाई छोड़ दी थी और आतंकी संगठन में शामिल हो गया था। वह लंबे समय से लापता था।
बता दें कि हुर्रियत नेताओं पर अक्सर ही आतंकियों से साठगांठ करने के आरोप लगते रहे हैं। भारत की जाँच एजेंसी एन आई ए आतंकियों को धन मुहैया कराने के मामले में अलगाववादी संगठन के कई नेताओं की जांच भी कर रही है। जांच एजेंसी छानबीन के दौरान आई एस आई-हुर्रियत-लश्कर के बीच के संबंधों का पहले ही पता लगा चुकी है।
एन आई ए द्वारा फरवरी में दाखिल चार्जशीट में यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (कश्मीर में सक्रिय आतंकी गुटों का संगठन), जमात-उद-दावा, कश्मीर के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आई एस आई का डेडिकेटेड सेल और हुर्रियत नेताओं के साथ मिलकर काम करने की बात कही गई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, ये सब मिलकर भारत विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं।
भारतीय सेना के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद ईसा फाजली के शव को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया था। आतंकी के घर पर बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हो गए थे। वहां उसके घर पर इस्लामिक स्टेट (आई एस) का झंडा भी फहराया गया। स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एस पी वैद्य ने बताया कि अनंतनाग मुठभेड़ में मारे गए आतंकी पुलिसकर्मियों की हत्या और हथियार छीनने की घटनाओं में संलिप्त थे।
आतंकी ईसा के पिता नईम फाजली बेटे के गायब होने से बहुत चिंतित थे। मुठभेड़ से कुछ दिनों पहले ही उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट डालकर ईसा से घर लौटने का आग्रह किया था। उन्होंने लिखा था, ''ईसा तुम्हारी मासूमियत का कुछ निहित स्वार्थों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। तुम्हें कठपुतली या पोस्टर ब्वॉय बनाया जा रहा है। मैं कसम खाकर कहता हूं कि कुरआन के तहत तुम सही रास्ते पर नहीं हो। कृपा करके आग से मत खेलो। जितना जल्द हो सके, तुम लौट आओ। तुम्हारी मां अपने हाथों में तुम्हारा सामान लेकर यहां-वहां भटकती रहती है। विश्वास करो, माता-पिता के आशीर्वाद और प्रार्थना के बिना कोई भी कभी भी सफल नहीं हो सकता है।''
