मेघालय में कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी ने सरकार बनाने का दावा ठोका
कांग्रेस ने राज्यपाल से मिलकर पूर्व सीएम मुकुल संगमा के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा ठोका है। मेघालय में पूर्व लोकसभा स्पीकर पी ए संगमा के बेटे कोनार्ड संगमा की पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी (N P P) बीजेपी समेत दूसरे दलों के साथ मिलकर सरकार बना रही है। इस बावत कोनार्ड संगमा ने रविवार (4 मार्च) को राज्यपाल गंगा प्रसाद से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
21 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है, वहीं एन पी पी ने 19 सीटें जीती है। अन्य के खाते में 17 सीटें और बीजेपी के खाते में केवल 2 सीटें ही आ सकी हैं। मेघालय में सरकार बनाने के लिए 31 सीटें चाहिए। एन पी पी बाकी सीटें सहयोगियों के समर्थन से हासिल करने का दावा कर रही है। कोनार्ड संगमा ने 34 विधायकों के समर्थन का दावा किया है।
मेघालय में नयी सरकार का गठन 6 मार्च को सुबह 10.30 बजे होगा। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का चयन अभी तक नहीं किया गया है, लेकिन इस रेस में कोनार्ड संगमा सबसे आगे चल रहे हैं। राज्यपाल से मुलाकात के बाद कोनार्ड संगमा ने कहा कि मौजूदा सदन की अवधि 7 मार्च को खत्म हो रही है, लिहाजा उससे पहले सारी चीजें हो जानी जरूरी है, इस लिहाज से अगले दो-तीन दिन काफी अहम हैं। उन्होंने कहा कि 5 मार्च तक सारी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।
इधर बीजेपी के नेता हेमंत विस्व सरमा ने समाचार एजेंसी ए एन आई से कहा है कि कोनार्ड संगमा मेघालय के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। इस बीच कोनार्ड संगमा ने कहा कि उन्हें पता है कि गठबंधन की सरकार को चलाना आसान काम नहीं है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि जो भी विधायक उनके साथ हैं, वह राज्य और लोगों के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करेंगे। मेघालय में 6 सीटें जीतने वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (U D P) ने नेशनल पीपुल्स पार्टी को समर्थन देने की घोषणा की है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी मुखिया डोनकपूर राय ने कहा कि वह राज्य में गैर कांग्रेसी सरकार बनाने के पक्ष में हैं। वहीं 2 सीटें जीतने वाली हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (H S P D P) भी नेशनल पीपुल्स पार्टी के साथ है।
मेघालय में पहले कांग्रेस का शासन था। इस चुनाव में कांग्रेस 21 सीटें पाकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। हालांकि पार्टी सरकार बनाने के जरूरी आंकड़े से काफी पीछे रह गई। कांग्रेस ने इस राज्य में सरकार बनाने की संभावनाएं तलाशने के लिए अपने दो वरिष्ठ नेताओं को यहां भेजा था, हालांकि उन्हें कामयाबी हासिल नहीं हो सकी। कांग्रेस ने भी राज्यपाल से मिलकर पूर्व सीएम मुकुल संगमा के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा ठोका है।
