कांग्रेस का ऐलान: कांग्रेस कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर की सरकार बनाने को तैयार
कांग्रेस ने जनता दल सेक्युलर को समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस ने जनता दल सेक्युलर को बाहर से समर्थन देने का ऐलान किया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्होंने देवेगौड़ा और उनके बेटे एच डी कुमार स्वामी से फोन पर बातचीत की है। उम्मीद करते हैं कि हम साथ होंगे।
जनता दल सेक्युलर को बाहर से समर्थन देने के ऐलान के बाद राज्यपाल से मिलने पहुंचा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, लेकिन नहीं मिली एंट्री।
जनता दल सेक्युलर के नेता दानिश अली ने कहा, रिजल्ट के अनुसार हम बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए सबकुछ कर रहे हैं। कांग्रेस ने समर्थन देने का ऐलान किया है और हमने उनकी बात मान ली है। शाम 5:30 बजे राज्यपाल से मिलने जाएंगे दोनों दलों के नेता।
कांग्रेस कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर की सरकार बनाने को तैयार हो गई है। कांग्रेस ने कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर की सरकार बनाने का ऐलान किया है।
इस चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पस्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे में गठबंधन सरकार बनाना ही एकमात्र विकल्प है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के जादुई अंक 113 से बहुत पीछे रह गई है। ऐसे में कर्नाटक में बीजेपी सरकार बनती नहीं दिख रही है।
कांग्रेस के मास्टर स्ट्रोक के बाद कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर की सरकार बनती दिख रही है।
भारत में कर्नाटक की 224 सीटों में से 222 सीटों पर हुई वोटिंग के बाद आज सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हो गई। शुरुआती रुझानों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को जरूर मिली, लेकिन इसके बाद बीजेपी बहुमत के आंकड़ें के नजदीक पहुंचती दिखी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका और बीजेपी बहुमत के जादुई आंकड़े से पीछे रह गई।
इस समय बीजेपी 104 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस 77 सीटों पर आगे चल रही है। जनता दल सेक्युलर 37 सीटों पर आगे चल रही है और निर्दलीय 3 सीटों पर आगे चल रहे हैं।
भले ही इस चुनाव में कांग्रेस को बीजेपी से कम सीटें मिली हो, लेकिन वोट शेयर के मामले में कांग्रेस ने बीजेपी को पछाड़ दिया है। कांग्रेस को बीजेपी से ज्यादा वोट मिले हैं। कांग्रेस को 38 प्रतिशत वोट मिला है। बीजेपी को 36 प्रतिशत वोट मिला है। वहीं जनता दल सेक्युलर को 18 प्रतिशत वोट और निर्दलीयों को 8 प्रतिशत वोट मिले हैं।
कांग्रेस नेता मोहन प्रकाश ने ई वी एम पर भी सवाल उठाए। मोहन प्रकाश ने कहा कि मैं पहले दिन से ही कह रहा हूँ कि भारत में ऐसी कोई पार्टी नहीं है, जिसने ई वी एम पर सवाल न उठाए हों। जब सभी पार्टियां ई वी एम पर सवाल उठा रही हैं तो फिर बीजेपी को क्या दिक्कत है बैलट पेपर से वोटिंग कराने में।
कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था। आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था। जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था।
