मानहानि केस: राम जेठमलानी ने अरुण जेटली को कहा 'बदमाश'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल को वित्त मंत्री अरुण जेटली मानहानि मामले में 10 करोड़ से अधिक का हर्जाना देना पड़ सकता है। दरअसल आज (17 मई, 2017) कोर्ट में मुख्यमंत्री केजरीवाल की तरफ से केस लड़ रहे वकील रामजेठमलानी ने जिरह के दौरान अरुण जेटली को CROOK (बदमाश) शब्द का इस्तेमाल कर उल्लेखित किया।

इस दौरान अरुण जेटली ने कहा, ''क्या आपको इतने भद्दे शब्द का इस्तेमाल करने की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अनुमति दी है। अगर दी है तो है मैं दस करोड़ की मानहानि वाली राशि बढ़ाने वाला हूँ।''

इसके बाद जेटली ने कहा कि अपमान की भी कोई सीमा होती है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने ऊपर और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं पर लगे अपराधिक और सिविल केस के बचाव के लिए 93 साल के राम जेठमलानी को मुख्य वकील के रूप में चुना था। जिसपर कहां जा रहा था कि इसके लिए मुख्यमंत्री ने जेठमलानी को करीब चार करोड़ रुपए भुगतान किए हैं।

हालांकि मामले में चले लंबे विवाद के बाद जेठमलानी ने कहा था कि वो बिना किसी तरह की फीस लिए कोर्ट में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का प्रतिनिधित्व करेंगे।

आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केजरीवाल उपस्थित नहीं थे। वहीं अपने ऊपर लगे आरोप पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था डीडीसीए का अध्यक्ष रहने के दौरान केजरीवाल ने उनपर सार्वजनिक तौर पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए।

बता दें कि हाईकोर्ट में जिरह के दौरान केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी ने कहा, ''अरुण जेटली बदमाश हैं और ये मैं दिखाउंगा।''

जेठमलानी के इन शब्दों के बाद अरुण जेटली ने इसपर कड़ा विरोध जताया और मानहानि की कीमत बढ़ाने की चेतावनी भी दी।

इस दौरान जेटली ने कहा कि आप निजी जिंदगी को लेकर हमले कर रहे हैं, ये ठीक नहीं है।

इसपर जेठमलानी ने कहा कि मैं अपने क्लाइंट की मर्जी से मिल रहा हूँ और हमेशा अपने क्लाइंट से केस समझने के लिए मिलता हूँ।

कोर्ट में जेठमलानी ने कहा कि मैंने काला धन देश में लाने के लिए जितनी लड़ाई लड़ी, उसपर जेटली ने पानी फेर दिया।