दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई अरनब गोस्वामी को फटकार, कहा- भाषणबाजी कम करो और तथ्यों को दिखाओ

रिपब्लिक टीवी और उसके एडिटर इन चीफ अरनब गोस्वामी को दिल्ली हाइकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। सोमवार (29 मई) को कोर्ट ने अरनब गोस्वामी को निर्देश देते हुए कहा है कि आप भाषणबाजी कम करो और अपने तथ्यों को दिखाओ।

साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि आप अपने चैनल पर इस तरह से किसी का नाम (थरूर) को नहीं ले सकते।

आपको बता दें कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा दायर एक मानहानि मामले में सुनवाई के दौरान अरनब गोस्वामी और हाल ही में शुरू हुए न्यूज चैनल रिपब्लिक टीवी को दिल्ली हाइकोर्ट ने नोटिस जारी किया।

दरअसल अरनब गोस्वामी के चैनल रिपब्लिक टीवी ने अपने विशेष प्रोग्राम में सुनंदा पुष्कर हत्याकांड को लेकर खुलासा किया था। प्रोग्राम में दावा किया गया था कि सुनंदा पुष्कर की मौत के बाद कांग्रेस नेता शशि थरूर कमरे में वापस आए थे।

एंकर अरनब गोस्वामी ने स्पेशल प्रोग्राम के जरिए कहा कि शशि थरूर के कमरे में आने के बाद सबूतों से छेड़छाड़ की गई थी। यहां तक की सुनंदा पुष्कर की लाश को भी हटाया गया था।

प्रोग्राम में दावा किया गया था इन रिकॉर्डिंग को पहले कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। हमारे पास पुख्ता सबूत हैं कि सुनंदा पुष्कर की हत्या के बाद शशि थरूर रूम नंबर 309 में सुबह और शाम को वापस आए थे।

इस प्रोग्राम के बाद 27 मई को शशि थरूर ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अरनब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। थरूर ने उनके खिलाफ कथित रूप से मानहानिकारक टिप्पणियों के लिए दो करोड़ रूपए के मुआवजे की याचिका में मांग की थी।

बता दें कि शशि थरूर की पत्नी सुनंद पुष्कर दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में मृत पाई गई थी। हत्या के बाद से अब तक इस मर्डर मिस्ट्री को लेकर खुलासा नहीं हो सका है। इस दौरान शशि थरूर खुद अपनी पत्नी की हत्या के शक के दायरे में बने रहे।

हालांकि कई महीने तक जांच और फोरिंसिक रिपोर्ट के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। मामले की जांच अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई तक भी पहुंची, लेकिन वहां से भी कुछ खास जानकारी निकलकर सामने नहीं आई।

बाद में खुलासा किया गया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद थरूर और सुनंदा के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।