सरकार मॉब लिंचिंग रोके, किसी भी सूरत में ऐसी घटनाएं ना हों : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने भारत में हो रही मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर सख्ती दिखाई है। मंगलवार को इन घटनाओं से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि लिंचिंग की घटनाएं रोकी जाएं।
मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, ''लिंचिंग की घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी सरकार की है। ऐसी घटनाएं देश में नहीं होनी चाहिए। हम यह नहीं कह रहे कि नहीं होनी चाहिए, बल्कि हम कह रहे हैं कि ये घटनाएं होनी ही नहीं चाहिए।''
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए एक विस्तृत फैसला देंगे। कोर्ट ने कहा, ''ऐसी घटनाएं किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए।''
सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि मॉब लिंचिंग को रोकने के लिए दिए जाने वाले फैसले में मॉब लिंचिंग पीड़ितों को मुआवजे का भी इंतजाम होगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को इस मामले में सुझाव देने के लिए तीन दिन का वक्त दिया है।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर कहा, ''मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार को एडवाइजरी जारी करने से ज्यादा भूमिका निभानी होगी।'' उन्होंने कहा कि अधिकतर ऐसी घटनाएं रेलवे और हाईवे के पास हुई हैं और दोनों ही केंद्र सरकार के अधीन हैं।
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