हेलिकॉप्टर हादसा: प्लास्टिक की बोरियों में लाए गए भारतीय सैनिकों के शव
भारत में अरुणाचल प्रदेश के तवांग में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में सात सैन्यकर्मियों की मौत के दो दिन बाद इन सैनिकों का शव प्लास्टिक की बोरियों में लपेटे होने और कार्डबोर्ड में बंधे होने की तस्वीरें रविवार को सामने आई।
इसको लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया।
इसके बाद सेना ने एक ट्वीट में कहा कि स्थानीय संसाधनों से शवों को लपेटना भूल थी।
सेना ने कहा कि मृत सैनिकों को हमेशा पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया है।
उत्तरी सैन्य कमान के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एच एस पनाग ने शवों की तस्वीर के साथ अपने ट्वीट में कहा, ''सात युवा अपनी मातृभूमि भारत की सेवा करने के लिए कल दिन के उजाले में निकले। और इस तरह से वे अपने घर आए।''
इसके बाद प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सेना के अतिरिक्त सूचना महानिदेशालय ने अपने ट्वीट में कहा कि शवों का बॉडी बैग्स, लकड़ी के बक्से और ताबूत में लाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा, ''मृत सैनिकों को हमेशा पूर्ण सैन्य सम्मान दिया जाता है। शवों का बॉडी बैग्स, लकड़ी के बक्से, ताबूत में लाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।''
प्रवक्ता ने कहा कि शवों को स्थानीय संसाधनों में लपेटना भूल थी।
एक अधिकारी के मुताबिक, तस्वीरें उस वक्त ली गईं, जब शव गुवाहाटी में थे।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) पनाग ने कहा कि जब तक ताबूत उपलब्ध नहीं हों, तब तक शवों को अग्रिम स्थानों से ले जाने में उचित सैन्य बॉडी बैग्स का अवश्य इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
तस्वीरों के सामने आने के बाद ट्विटर पर कई लोगों ने रोष जाहिर किया।
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में शुक्रवार की सुबह टी-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में दो पायलटों समेत पांच वायु सेनाकर्मियों और थल सेना के दो सैनिकों की मौत हो गई थी।
सवाल उठता है कि क्या मोदी शासन काल में प्लास्टिक की बोरियों में इसी तरह से शहीद भारतीय सैनिकों के शव को लाकर उनको पूर्ण सैन्य सम्मान दिया जाता रहेगा!
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