सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: उम्मीदवारों को चुनाव के लिए नामांकन भरने के दौरान आय के स्रोत का खुलासा करना होगा

भारत में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (16 फरवरी) को कहा कि चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों को अपनी पत्नी और बच्चों सहित खुद की आय के स्रोत को भी उजागर करना होगा। न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता में पीठ ने ऐतिहासिक फैसले में कहा कि उम्मीदवारों को चुनाव के लिए नामांकन भरने के दौरान पत्नी और बच्चों की आय सहित खुद की आय के स्रोत का खुलासा करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने गैर सरकारी संस्था 'लोक प्रहरी' द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को चुनाव सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह फैसला सभी चुनावों पर लागू होगा। 2018 में होने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की काफी अहमियत है। अब तक चुनाव में हलफनामा भरने के दौरान उम्मीदवार को अपनी जीवनसाथी और आश्रितों की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा देना पड़ता था। लेकिन उम्मीदवारों को आय का स्रोत नहीं बताना पड़ता था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उम्मीदवारों को आय का स्रोत भी बताना पड़ेगा।

बता दें कि गैर सरकारी संगठन लोक प्रहरी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कहा था कि सर्वोच्च अदालत को सरकार और चुनाव आयोग को आदेश देना चाहिए कि नामांकन के वक्त प्रत्याशी अपनी और अपने परिवार की आय के स्रोत का खुलासा भी करे।

बता दें कि पिछले साल अप्रैल में अपने हलफनामे में चुनाव सुधारों को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि चुनाव के लिए पर्चा भरते वक्त प्रत्याशी द्वारा अपनी, अपने जीवन साथी और आश्रितों की आय के स्रोत की जानकारी सार्वजनिक करने संबंधी प्रस्ताव पर केंद्र तैयार है। तब केंद्र ने कहा कि काफी विचार करने के बाद इस मुद्दे पर वह नियमों में जरूरी बदलाव को तैयार है।

इससे पहले इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सांसद और विधायकों की संपत्ति में 500 गुना बढ़ोत्तरी को लेकर सवाल उठाया था। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि जनप्रतिनिधि यह भी बता दें कि उनकी आय और संपत्ति में इतनी तेजी से बढ़ोत्तरी कैसे हुई, किस बिजनेस से हुई, तो यह भी सवाल उठता है कि कोई सांसद और विधायक बिजनेस कैसे कर सकता है?