भीम सेना के सैकड़ों लोगों ने फूँके वाहन, पुलिस चौकी जलाने की कोशिश
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मंगलवार (नौ मई) को दोबारा हिंसा भड़क उठी। पिछले हफ्ते शब्बीरपुर गांव में दलितों के संग हुई हिंसा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी।
पुलिस के अनुसार, करीब 1000 लोगों की 'भीम सेना' के झंडे तले इकट्ठा हुए थे। हिंसा में सहारनपुर के दो गांवों में एक प्राइवेट बस, 10 मोटरसाइकिलें और एक कार जला दी गयीं। हिंसा में पुलिस के तीन जवान और एक पत्रकार भी घायल हो गये।
पुलिस के अनुसार, भीड़ ने पुलिस चौकी को भी जलाने की कोशिश की। हिंसा में शामिल होने के आरोप में उत्तर प्रदेश पुलिस ने 22 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मंगलवार की हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने राज्य के प्रधान सचिव (गृह) देबाशीष पंडा, पुलिस डीजीपी सुलखान सिंह और पुलिस एडीजी (कानून-व्यवस्था) आदित्य मिश्रा को तलब किया।
सूत्रों के अनुसार, सीएम योगी ने अधिकारियों को उपद्रवकारियों से कड़ाई से निपटने के लिए कहा है। उत्तर प्रदेश के केबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।
पांच मई को सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में तब हिंसा भड़क उठी जब दलितों ने ठाकुरों द्वारा निकाली जा रही एक शोभायात्रा में तेज आवाज में संगीत बजाने पर आपत्ति की। दोनों पक्षों में इस बात को लेकर विवाद हो गया और बाद में हिंसा भड़क उठी।
हिंसा में एक ठाकुर की मौत हो गयी और दलितों के 25 घर जला दिए गए।
पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर 'भीम सेना' नामक संगठन द्वारा नौ मई को सहारनपुर में इकट्ठा होने के मैसेज वितरित किए जा रहे थे। साथ ही 'महा पंचायत' और शब्बीरपुर में दलितों के खिलाफ हिंसा पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
सहारनपुर के डीएम एनपी सिंह के अनुसार, सोशल मीडिया पर भेजे गये मैसेज में कहा जा रहा है कि ''न्याय नहीं मिला तो सहारनपुर शहर को जला दिया जाएगा।''
डीएम एनपी सिंह के अनुसार, विरोध प्रदर्शन करने वाले जिले के दलित बहुल गांवों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मलहीपुर में गाड़ियों को जला दिया और पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया।
सहारनपुर के डीआईजी जीतेंद्र शाही के अनुसार, 'भीम सेना' बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती के मुख्यमंत्रीकाल से सक्रिय है।
लोगों को सहारनपुर में इकट्ठा होने की अपील करने वाले राहुल भारती ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि ''दलितों के खिलाफ अत्याचार सोची-समझी रणनीति का परिणाम था और हम इसके खिलाफ लड़ेंगे।''
