यदि किसी को मेरे शब्दों से कोई आपत्ति है तो मैं खेद प्रकट करता हूं: विक्रम सैनी
गाय को मां न मानने वालों के हाथ-पैर तोड़ने की बात करने वाले भारतीय जनता पार्टी के विधायक विक्रम सैनी का कहना है कि उन्होंने 'ठीक बयान दिया है'।
बीबीसी से बातचीत में उत्तर प्रदेश के खतौली से भाजपा विधायक और मुजफ्फरनगर दंगों में अभियुक्त रह चुके विक्रम सैनी ने कहा कि उन्हें अपने बयान पर कोई अफ़सोस नहीं है।
विक्रम सैनी ने एक कार्यक्रम में कहा था, ''जिन लोगों को 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' कहने में दिक्कत है और जो लोग गाय को अपनी माता नहीं मानते हैं और उनका वध करते हैं उनके हाथ-पैर तोड़ने का मैंने वादा किया था। हम अपना वादा पूरा करने के लिए तैयार हैं। हमारे पास युवा कार्यकर्ताओं की टीम है जो ऐसे व्यक्तियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी।''
अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए विक्रम सैनी ने कहा, ''मैंने ठीक बयान दिया है।'' उन्होंने सवाल किया, ''मेरे कहने का मतलब है कि जो गाय काटेगा या बहू-बेटी का अपमान करेगा उसके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज करवाकर जेल भिजवाया जाएगा।''
उन्होंने कहा, ''सपा सरकार में गुंडागर्दी हो रही थी। गायों का कटान हो रहा था। मैंने लोगों से वादा किया था कि मैं ये नहीं होने दूंगा और मैं अपना वादा पूरा करूंगा?''
अपने बयान का बचाव करते हुए विक्रम सैनी ने कहा, ''जो हमारी मां का अपमान करेगा हम उसका क्या करें? जब बात मां के अपमान की आती है तो कोई क़ानून थोड़े ही देखा जाता है?''
इस सवाल पर कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अपने नेताओं और मंत्रियों से भाषा में संयम बरतने के लिए कहा है तो विक्रम सैनी ने कहा, ''मेरे कहने का मतलब था कि मेरी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। मैंने गांव की भाषा बोली। मेरे कहने का मतलब था कि ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाकर जेल भेजा जाएगा। यदि किसी को मेरे शब्दों से कोई आपत्ति है तो मैं खेद प्रकट करता हूं।''
जब उनसे पूछा गया कि यूपी में मीट का संकट है और लोगों को मुर्गे-बकरे का मांस भी नहीं मिल पा रहा है तो उन्होंने कहा, ''जिन्हें मुर्गा या बकरा खाना हो वो हमारे गांव आ जाएं यहां बहुत मुर्गे-बकरे हैं।''
विक्रम सैनी ने ये भी कहा कि अब वो मंच से संभल कर बोलेंगे।
RELATED NEWS
