कासगंज में फिर माहौल बिगाड़ने की कोशिश, धार्मिक स्थल का दरवाजा जला मिला, जांच में जुटी पुलिस
सांप्रदायिक हिंसा की आंच से झुलसे कासगंज में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो ही रही थी कि सोमवार (5 फरवरी) को दोबारा से माहौल बिगड़ने के हालात पैदा हो गए। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार (5 फरवरी) को यहां एक धार्मिक स्थल का दरवाजा जला मिला, जिसके बाद भीड़ इकट्ठी हो गई। यह घटना गंजडुंडवारा कस्बे में हुई। सब्जी मंडी के नजदीक स्थित इस धार्मिक स्थल का दरवाजा आग से जल गया।
जानकारी के मुताबिक, सुबह पांच बजे गंजडूंडवारा कस्बे में स्थित धार्मिक स्थल के लकड़ी के दरवाजे में आग लगने की खबर मिली। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने आग को बुझाया। घटना की सूचना मिलते ही डीएम, एसपी और कई बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। घटना के बाद इलाके में ऐहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षाबल की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि दरवाजे में आग कैसे लगी? अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की जांच हो रही है।
यूपी के राज्यपाल राम नाइक ने कासगंज सांप्रदायिक दंगा को उत्तर प्रदेश के लिए कलंक बताया था। मामले को लेकर राजनीति भी जारी है। विपक्षी पार्टियों ने इस मामले को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार की तीखी आलोचना की है। वहीं, सरकार के एक मंत्री ने विवादास्पद बयान देकर सरकार को ही बैकफुट पर ला दिया। मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि कासगंज में हुई हिंसा 'छोटी-मोटी घटना' थी। उन्होंने कहा था, ''ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं अक्सर होती रहती है ..... हर जगह होती हैं। ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।''
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