भारत बंद: मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत, सैकड़ों हिरासत में

अनुसूचित जाति/जनजाति (एस सी/एस टी) अत्याचार रोकथाम अधिनियम को कमजोर करने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में आयोजित भारत बंद के दौरान देश के कई हिस्से में प्रदर्शन हिंसक हुए, जिससे 8 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

मध्‍य प्रदेश में पांच जबकि उत्तर प्रदेश मेंं दो और राजस्‍थान में एक व्‍यक्ति की मौत हुई है। इस बीच केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारी दलितों को शांत करने के लिए कहा कि उसने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है जिससे न्यायालय के 20 मार्च के फैसले की समीक्षा हो सके। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार मामले में तत्काल गिरफ्तारी नहीं हो सकेगी।

मध्‍य प्रदेश के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई है। मध्‍य प्रदेश में सर्वाधिक हिंसा ग्वालियर, मुरैना और भिंड में देखने को मिली है। ग्वालियर के कलेक्टर राहुल जैन ने जिले में तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, ''दो लोगों की मौत ग्वालियर शहर में और एक व्यक्ति की मौत डबरा कस्बे में आपसी संघर्ष के दौरान हुई है।'' जैन से साफ किया कि तीनों मौतें आपसी संघर्ष में हुई है, जिसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि जिले में कुल 62 लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है।

बिहार के जहानाबाद, दरभंगा, आरा, अररिया, सहरसा, मधुबनी जिलों में बंद समर्थक रेल पटरियों पर बैठ गए, जिससे रेलों के परिचालन पर भी प्रभाव देखा जा रहा है। बंद समर्थकों ने कई ट्रेनें रोक दी और हंगामा किया। बेतिया स्टेशन पर समर्थकों ने तोड़फोड़ की तथा पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, औरंगाबाद, मुजफरपुर, समस्तीपुर सहित विभिन्न जिलों में लोग सड़क जामकर सड़कों पर आगजनी की, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। बेतिया में बंद समर्थकों ने एक पेट्रोल पंप में तोड़फोड़ की।

दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम (एस सी/एस टी एक्ट) पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ विभिन्न दलित संगठनों के देशव्यापी आंदोलन का समर्थन किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ''अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद उत्पन्न हुई स्थिति पर आम आदमी पार्टी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय का समर्थन करती है। केंद्र सरकार को अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका के लिए प्रतिष्ठित एवं वरिष्ठ वकीलों की मदद लेनी चाहिए।

मध्‍य प्रदेश के आई जी (कानून-व्‍यवस्‍था) ने मीडिया से 4 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। उन्‍होंने घायलों की संख्‍या स्‍पष्‍ट नहीं की। आई जी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस अभी शांति स्‍थापित करने का प्रयास कर रही है। आई जी के अनुसार, शांति होने के बाद मुकदमे दर्ज होंगे और अराजकता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

एस एस पी मंजिल सैनी ने बाताया कि अब तक 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। हम उनके खिलाफ मामले दर्ज कर रहे हैं। सभी षड्यंत्रकारियों और गुंडों के खिलाफ एन एस ए के तहत मुक़दमा दर्ज किया जाएगा। अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं हैं।

बसपा सुप्रीमो मयावती ने कहा कि मैं एस सी / एस टी एक्ट के खिलाफ विरोध का समर्थन करती हूं। मुझे पता चल गया है कि विरोध के दौरान कुछ लोगों ने हिंसा फैलाई है, मैं इसकी निंदा करती हूं। हमारी पार्टी विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा के पीछे नहीं है।

हरियाणा के यमुनानगर में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है। दरअसल काफी प्रदर्शनकारी एक साथ सड़क पर आ गए थे, जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज किया।

महानिरीक्षक (कानून और व्यवस्था) मकरंद देवसकर ने बताया कि ग्वालियर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि हिंसा के दौरान भिंड और मोरेना जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। भिंड सहित तीन जिलों में कर्फ्यू लगाया गया था, जहां स्थिति को काबू में करने के लिए सेना को बुलाया गया।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बिलकुल ठीक है, क्योंकि एस सी/एस टी एक्ट को दहेज निषेध अधिनियम के समान व्यापक रुप से दुरुपयोग किया जाता है। निर्दोष लोगों को इस अधिनियम के तहत परेशान किया जाता है। एक मामला एक मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी द्वारा जांच के बाद ही पंजीकृत होना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने नई दिल्ली में गुरुग्राम एक्सप्रेस वे को ब्लॉक कर दिया है। इसके अलावा प्रदर्शनकारी गुरुग्राम के सदर बाजार में भी रैली निकाल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एस सी/एस टी एक्ट में बदलाव पर लिए गए फैसले का तत्काल रिव्यू करने से मना कर दिया है।

भिंड के पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने कहा कि भिंड जिले में सेना को बुलाया गया, जहां प्रदर्शनकारियों द्वारा गोलीबारी में छह लोग घायल हो गए। सेना और अर्धसैनिक बलों को पंजाब में एहतियाती तौर पर स्टैंडबाय पर रहने के लिए कहा गया है।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में भी प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस को आग के हवाले कर दिया। पहले बस में तोड़ फोड़ की गई। बस के सारे शीशे तोड़ दिए और फिर बस में आग लगा दी।

भारत बंद से जुड़े प्रदर्शन हिंसक होते जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अब तक 19 लोग घायल हो चुके हैं, जिसमें दो की स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है। शाम छह बजे तक के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एस सी/एस टी प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर हो रहे प्रदर्शन के दौरान गोलियां चल गईं। बीच बाजार में एक शख्स पिस्तौल से गोली चलाता देखा गया, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

गुजरात के कच्छ स्थित गांधीधाम में भी आगजनी की गई। भारी संख्या में जुटकर दलित महिला ने भारत बंद का समर्थन किया। कच्छ में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ कर दी है। कच्छ में महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं। वह सडकों पर ही बैठ गई हैं। इसके अलावा कच्छ के गांधीधाम में ही प्रदर्शनकारियों ने आग लगाकर भी विरोध प्रदर्शन किया है।

भारत के केंद्रीय होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा कि ''हमने सर्वोच्च न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर की है। मैं सभी राजनीतिक दलों और समूहों से शांति बनाए रखने और हिंसा नहीं भड़काने के लिए अपील करता हूं।''

गाजियाबाद में भी प्रदर्शन का असर देखने को मिल रहा है। यहां प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कार फूंकी। इसके अलावा उत्तराखंड के देहरादून में प्रदर्शनकारियों ने जबरदस्ती लोगों की दुकानें बंद कराईं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के चार थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लग गया है। वहीं मेरठ में भी प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस चौकी फूंक दी है। मध्य प्रदेश में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर बरसाए।

जयपुर में प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। जयपुर में एक शोरूम में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोक कर दी। शोरूम का शीशा तोड़ दिया। इसके आलावा जयपुर में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोककर उसके सामने खडे़ होकर और ट्रेन के इंजन पर चढ़कर प्रदर्शन किया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने मध्यप्रदेश के मुरैना में भी रेलवे ट्रेक को ब्लॉक कर दिया है।

मेरठ में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पीटा। पहले पुलिसवाले एक प्रदर्शनकारी को लेकर आए। उसके बाद एक गली में से कई और प्रदर्शनकारियों को पकड़कर लाए और उनकी खूब पिटाई की।

रांची में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं। कुछ प्रदर्शनकारी सड़क जाम कर रहे थे। पुलिस उन्हें ऐसा करने से रोक रही थी। इसी को लेकर दोनों के बीच भिडंत हो गई।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अब राजस्थान में भी विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है। गाड़ियों समेत दूसरी प्रॉपर्टी फूंक दी हैं। इसके अलावा राजस्थान के ही भरतपुर में महिलाएं लाठी डंडे लेकर सड़क पर उतर गई हैं।

मेरठ में हिंसक हुआ एस सी/एस टी एक्ट को लेकर विरोध प्रदर्शन। यूपी के मेरठ में भारत बंद को लेकर रोड पर तोड़फोड़। रोड पर जा रही होंडा सिटी और आई 20 कार के शीशे तोड़े। लोगों को चोट भी आई। दिल्ली के मंडी हाउस पर भी हो रहा भारत बंद को लेकर विरोध प्रदर्शन।

यूपी के आगरा में प्रदर्शनकारियों ने लगाया जाम। पंजाब के अमृतसर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री थावर चंद्र गहलोत ने कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं तब तक एस सी/एस टी और अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों से कोई खिलवाड़ नहीं हो सकता।

एस सी/एस टी एक्ट को लेकर बिहार के आरा में सी पी आई एम एल समेत कई संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक दी। इसके रेलवे फाटक पर टायर डालकर आगजनी भी की। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने बिहार के सोनापुर में रोड ब्लॉक कर दी। भारत बंद का भोजपुर में भी असर दिख रहा है। यहां सड़कों पर सन्नटा पसरा हुआ है। सभी दुकानें बंद हैं और परिचालन भी ठप हो गया है।