जे डे मर्डर केस: छोटा राजन समेत नौ को उम्रकैद

पत्रकार ज्योतिर्मय डे हत्याकांड में सात साल बाद बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाया। मुंबई की विशेष मकोका अदालत ने गैंगस्टर छोटा राजन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में सभी आठ अन्य दोषियों को भी ताउम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 26-26 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

वहीं, इस मामले में आरोपी पत्रकार जिग्ना वोरा और पॉलसन जोसेफ को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्तियों ने वर्ष 2011 में मुंबई के पवई में 56 वर्षीय डे की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह अपने घर लौट रहे थे।

तिहाड़ जेल में बंद माफिया डॉन छोटा राजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुंबई की विशेष मकोका अदालत में सुनवाई में शामिल हुआ। न्यायाधीश समीर अदकर ने उसे दोषी करार दिए जाने पर पूछा कि क्या वह कुछ कहना चाहता है तो उसके जवाब में उसने कहा, ठीक है।

छोटा राजन पर आरोप है कि उसने अपने खिलाफ लिखे गए लेख से गुस्साकर पत्रकार जेडे की हत्या करवाई थी। 2011 में मुंबई के पवई इलाके में अंग्रेजी अखबार मिड डे के लिये काम करने वाले वरिष्ठ पत्रकार ज्योति डे की अंडरवर्ल्ड के शूटरों ने 5 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। साल 2015 में इंडोनेशिया के बाली में गिरफ्तारी के बाद जेडे मर्डर केस पहला ऐसा मामला है, जिसमें छोटा राजन के खिलाफ मुकदमा चला।

विशेष मकोका अदालत ने जून 2015 में वोरा समेत बाकी 10 आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय किए थे। छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने डे हत्याकांड की जांच दोबारा शुरू की और अपने पूरक आरोप-पत्र में उसे एक आरोपी बनाया।

जे डे 'खल्लास - एन ए टू जेड गाईड टू द अंडरवर्ल्ड' और 'जीरो डायल : द डेंजरस वर्ल्ड ऑफ इनफोरमर्स' के लेखक थे। वे मौत से पहले अपनी तीसरी किताब 'चिंदी : राग्स टू रिचेस' लिख रहे थे।

जे डे ने कथित रूप से अपनी आने वाली किताब में माफिया डॉन राजन की चिंदी (तुच्छ) के रूप में छवि गढ़ी थी, जिसने संभवत: छोटा राजन को उकसाने का काम किया।

इस मामले के आरोपियों में मुंबई के पत्रकार जिगना वोरा शामिल हैं। कोर्ट ने उन्हें इस मामले में बरी कर दिया है। इस मामले के 11वें आरोपी विनोद आसरानी उर्फ विनोद चेंबुर की एक निजी अस्पताल में अप्रैल 2015 में मौत हो गई थी। आसरानी कथित रूप से इस पूरे अभियान का मुख्य सह-साजिशकर्ता और धन प्रबंधक था।

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन फर्जी पासपोर्ट केस में इन दिनों तिहाड़ जेल में 7 साल की सजा काट रहा है।

छोटा राजन का असली नाम राजेंद्र सदाशिव निखलजे है। उसे प्यार से 'नाना' या 'सेठ' कहकर भी बुलाते हैं। उसका जन्म 1960 में मुंबई के चेम्बूर की तिलक नगर बस्ती में हुआ था।