लव जिहाद केस: हादिया बोली- मैं मुस्लिम हूँ, किसी ने मुझे धर्म बदलने के लिए दबाव नहीं डाला है

भारत में तथाकथित केरल 'लव जिहाद' की पीड़िता हादिया उर्फ अखिला ने कहा है कि वह मुस्लिम है और वो अपने पति के पास जाना चाहती है।

हादिया ने कहा कि उसे किसी ने धर्म बदलने को मजबूर नहीं किया है। हिन्दू धर्म से ताल्लुक रखने वाली अखिला (24) ने पिछले साल इस्लाम धर्म कबूल कर शफीन जहां नाम के मुस्लिम व्यक्ति से शादी कर ली थी। इसके बाद उसने अपना नाम हादिया रख लिया था।

हादिया शनिवार (25 नवबर) को केरल के कोच्चि से दिल्ली के लिए रवाना हुई। 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने हादिया के पिता अशोकन को हादिया को सुप्रीम कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था।

हादिया सोमवार (27 नवंबर) को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ के सामने उपस्थित होंगी और शादी के बारे में अपने विचार रखेंगी।

कोच्चि से रवाना होते वक्त हादिया ने मीडिया से कहा, ''मैं एक मुस्लिम हूं, मैं अपने पति के साथ जाना चाहती हूं, किसी ने मुझे धर्म बदलने के लिए दबाव नहीं डाला है।''

इस शादी को हादिया के पिता ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उसके पति का आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साथ संबंध है। इसके बाद उच्च न्यायालय ने इस शादी को अमान्य कर दिया था।

यह मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां 20 सितंबर को हादिया के पति शफीन ने याचिका दायर की और सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की जांच एनआईए से नहीं कराने की मांग की। इस मामले में एनआईए टीम ने शफीन जहां का बयान भी दर्ज किया है। जांच एजेंसी एनआईए से 27 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।