मध्य प्रदेश: बीजेपी के मंत्री ने महिला आईएफएस ऑफिसर को कहा ‘बाई’
मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान के एक मंत्री पर एक महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा है। एमपी के ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव पर इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) की अधिकारी वासू कन्नूजया को 'बाई' कहने का आरोप है।
यही नहीं, मंत्री पर आरोप है कि उन्होंने ना सिर्फ मौखिक रुप से महिला ऑफिसर की बेइज्जती की बल्कि गांव वालों को कहा कि अगर वन विभाग के स्टाफ उन्हें जंगल से चिरौंजी, महुआ और तेंदू पत्ता संग्रह करने से रोकते हैं तो वे उनकी हड्डियां भी तोड़ दें।
सोशल मीडिया में कथित तौर पर मंत्री गोपाल भार्गव का एक भाषण वायरल हो रहा है। इस वीडियो क्लिप में गोपाल भार्गव गांव वालों को कथित रुप से कह रहे हैं कि, ''उस रेंजर या डीएफओ ..... वो बाई जो आई है उसे कह दो ..... उन्हें बताया जाना चाहिए अगर जंगल के छोटे-मोटे उपज जो कि आदिवासी और गरीब लोग अपने जीवन यापन के लिए संग्रह करते हैं, अगर उसे सीज किया जाएगा तो उनके हाथ और पैर तोड़ दिये जाएंगे।''
अंग्रेजी वेबसाइट इंडियाटाइम्स के मुताबिक, मंत्री गोपाल भार्गव ने कथित रुप से इस भाषण को 26 अप्रैल को दिया था। तब वो मोहाली में लोगों की एक मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। मोहाली नौरादेही वाइल्डलाइफ सेंचुरी के तहत आता है।
इस भाषण में भार्गव ने वन विभाग के अधिकारियों पर करप्शन का भी आरोप लगाया था।
एक जून को नौरादेही की डीएफओ और 2010 बैच की आईएफएस ऑफिसर वासू कन्नूजया ने अपने एसोसियेशन को पत्र लिखकर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वासू कन्नूजया ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देकर अपने शिकायती पत्र में लिखा कि, ''मंत्री के बहकावे के बाद वन विभाग के स्टाफ के साथ मारपीट की घटनाएं भी हुईं हैं, मारपीट के डर से वन विभाग के कर्मचारी अब जंगल में जाने से डरने लगे हैं।''
हालांकि गोपाल भार्गव ने अपने बयान पर खुद का बचाव किया है। भार्गव ने कहा है कि जहां तक मैं जानता हूं 'बाई' शब्द महिलाओं के लिए सम्मान के साथ लिया जाता है।
गोपाल भार्गव ने कहा कि मेरे क्षेत्र में आदिवासियों के खिलाफ बेवजह की कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, वन विभाग के अधिकारी आदिवासियों को परेशान कर रहे हैं, और उन्हें जंगल से छोटी-मोटी चीजें इकट्ठा करने से भी रोक रहे हैं।
