उत्तर प्रदेश में मांस कारोबारियों की हड़ताल खत्म होगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद मांस कारोबारियों के रुख में नरमी आई है। आल इंडिया जमीयतुल कुरैश के प्रतिनिधिमंडल ने मांस कारोबारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की मंशा एक ही है। दोनों ही चाहते हैं कि मांस का अवैध कारोबार नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुरुवार की शाम को मुख्यमंत्री के साथ उनके सरकारी आवास पर मांस के कारोबार से जुड़े कई प्रदेशों के लोगों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली व मुंबई के मांस निर्यातक भी शामिल थे।

लगभग 30 मिनट तक चली बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार सबकी है। वह किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहती। सरकार की मंशा सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का पालन कराना है। यह कार्य पिछली सरकार को ही कर लेना चाहिए था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अधिकारी को चेहरा या जाति देखकर काम करने की छूट नहीं दी गई है। अगर कोई ऐसा कृत्य करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए उनकी इन बातों की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे आल इंडिया जमीयतुल कुरैश के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैशी ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात सफल रही। वह मांस के कारोबारियों से हड़ताल खत्म करके वैध तरीके से कारोबार शुरू करने की अपील करेंगे। जिन कारोबारियों के पास लाइसेंस नहीं है वे सबसे पहले लाइसेंस के लिए आवेदन करें।

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि ज्यादातर मामलों में छोटी-मोटी कमियों के कारण कारोबार बंद कराया गया है। वह उम्मीद करते हैं कि प्रदेश सरकार के ताजा निर्देशों के बाद अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि यदि किसी अधिकारी ने अति उत्साह में कोई नियम विरुद्ध कार्रवाई की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।