पीएम मोदी का काम सबसे ज्यादा खराब रहा है: कांग्रेस
भारत में नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार से पहले कांग्रेस ने बीजेपी और पीएम मोदी की कड़ी आलोचना की है।
शनिवार (2 अगस्त) को कांग्रेस ने कहा कि अगर कैबिनेट में फेरबदल परफॉर्मेंस के आधार पर किया जा रहा है तो पीएम मोदी को सबसे पहले जाना चाहिए क्योंकि उनका काम सबसे खराब रहा है।
राज्य सभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ''यदि फेरबदल काम के आधार पर किया जा रहा है तो इसमें पीएम मोदी को भी शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि पीएम का काम सबसे घटिया रहा है, चाहे वह रोजगार पर उनका किया गया वादा हो, किसान के मुद्दे हों, जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति हो या फिर नोटबंदी, मोदी हर जगह फेल साबित हुए हैं।
इस बीच इस फेरबदल में अन्नाद्रमुक और जनता दल के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। तमिलनाडू की अन्नाद्रमुक में चल रही आंतरिक कलह इसके सरकार में शामिल होने की राह में एक बड़ा रोड़ा साबित हो सकती है।
अन्नाद्रमुक के भीतर के संकट को दूर करने में जुटी अन्नाद्रमुक टी टी वी दिनाकरण की बगावत से जूझ रही है।
उधर, जनता दल सूत्रों ने कहा है कि उन्हें अब तक सरकार में शामिल होने की जानकारी नहीं दी गई है।
जनता दल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''हमारे सांसद दिल्ली में हैं। सरकार में शामिल होने को लेकर पार्टी में कोई विवाद नहीं है, लेकिन कल फेरबदल होने के बावजूद अब तक कोई संवाद नहीं किया गया है।''
बीजेपी के सूत्रों ने इन दोनों पार्टियों के सरकार में शामिल होने को लेकर चल रही उलझन को खारिज करते हुए कहा कि चीजें ठीक हो जाएंगी।
ऐसा माना जा रहा है कि मोदी की ओर से योग्यता और व्यवहारिक राजनीति पर दिए जाने वाले जोर के बीच संतुलन के तहत छह से ज्यादा मंत्रियों को नए चेहरों के लिए अपने पद छोड़ने पड़े हैं।
जिन केंद्रीय मंत्रियों ने फेरबदल से पहले कल इस्तीफा दिया था, उनके नाम हैं- कलराज मिश्र, बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी, संजीव कुमार बाल्यान, फग्गन सिंह कुलस्ते और महेंद्र नाथ पांडे।
उमा भारती ने भी इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन भाग्य संभवत: उनके पक्ष में है।
हालांकि ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कई अन्य लोगों का इस्तीफा हो सकता है। कैबिनेट में फेरबदल की खबरों के बीच पश्चिमी दिल्ली के सांसद परवेश वर्मा ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की है।
बीजेपी के बीच संभावित मंत्रियों के तौर पर बीजेपी के महासचिव भूपेंद्र यादव, बीजेपी के उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे, प्रहलाद पटेल, सुरेश अंगदी, सत्यपाल सिंह, हिमंता बिस्वा सरमा, अनुराग ठाकुर, शोभा करंदलाजे, महेश गिरी और प्रहलाद जोशी का नाम चर्चा में है।
बीजेपी के एक नेता ने कहा कि बिजली मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा को सरकार में अच्छा प्रदर्शन करने वाले नेताओं के रूप में देखा जाता है। इनमें से कुछ लोगों को पदोन्नत भी किया जा सकता है।
