पीएनबी घोटाला: नीरव मोदी को 2017-18 में ही ज्यादातर एलओयू मिले
भारत में पंजाब नेशनल बैंक (पी एन बी) के 11400 करोड़ के घोटाला मामले में बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, उधर सीबीआई ने कहा है कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने ज्यादातर घोटाला 2017-18 में जारी किए गए लेटर ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एल ओ यू) के जरिये अंजाम दिया।
सीबीआई ने गुरुवार (16 फरवरी) को कहा कि नीरव मोदी और उनके परिवार वाले एलओयू के जरिये हेराफेरी कर रहे थे, इसलिए 2017 में पुराने एलओयू भी रिन्यू हो गए। सीबीआई ने गुरुवार को मेहुल चोकसी, नीरव मोदी के मामा और उसकी तीन कंपनियों के खिलाफ यह दावा करते हुए केस दर्ज किया कि इन लोगों ने 2017-18 में ही 143 एलओयू जारी करवाते हुए पीएनबी को 4,886.72 करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाया। इस मामले में 31 जनवरी को दर्ज की गई पहली एफआईआर में बताया गया कि 2017 में 8 एलओयू के जरिये 280.7 करोड़ की हेराफेरा हुई। एफआईआर में सीबीआई ने बुधवार को पीएनबी की तरफ से दी गई जानकारी जोड़ी और पहली एफआईआर में कुल नुकसान 6,498 करोड़ का बताया।
हर तरह से पीएनबी को कुल 11400 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सीबीआई ने यह भी कहा कि जब से इस मामले के आरोपी नीरव मोदी और उनके रिश्तेदार एलओयू को रिन्यू करवाकर हेराफेरी कर रहे थे, उस दौरान 2017 में कई पुराने एलओयू भी रिन्यू कर दिए गए। सीबीआई ने मामले में शुक्रवार को पीएनबी के चार अधिकारियों से पूछताछ की। इन अधिकारियों के द्वारा 2014 से लेकर 2017 के बीच मोदी और उनकी कंपनियों के बीच डील कराने को लेकर जांच की जा रही है।
इनमें मुंबई के नरीमन प्वॉइंट शाखा के मुख्य प्रबंधक बेचू बी तिवारी ने फरवरी 2015 से अक्टूर 2017 के बीच डील करवाई, पीएनबी के मौजूदा डीजीएम और तत्कालीन ब्रैंडी हाउस ब्रांच के एजीएम संजय कुमार प्रसाद ने मई 2016 से मई 2017 के बीच डील कराई, तत्कालीन समवर्ती लेखा परीक्षक मोहिंदर के शर्मा ने नवंबर 2015 से 2017 के बीच डील कराई और तत्कालीन सिंगल विंडो ऑपरेटर मनोज खारात (उस समय ऑफिस चला रहे थे) ने नवंबर 2014 से दिसंबर 2017 के बीच डील करवाई। इन सभी अधिकारियों से सीबीआई पीएनबी घोटाला के बारे में पूछताछ कर रही है।
गुरुवार को चोस्की के खिलाफ दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि आरोपी बैंक अधिकारी गोकुलनाथ शेट्टी और मनोज खारात ने आरोपी कंपनियों और निर्देशकों के लिए 2017-18 के दौरान 4886.72 करोड़ रुपये के घोटाले के लिए प्रश्रय दिया। एफआईआर में चोस्की समेत 16 आरोपियों के नाम शामिल हैं।
