छत्तीसगढ़ के बीजेपी मंत्री को बचाने के लिए पुलिस ने पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया
पत्रकार विनोद वर्मा की उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तारी के मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने गिरफ्तारी से जुड़ी तमाम डिटेल्स पत्रकारों से शेयर की।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने बताया कि गाजियाबाद में विनोद वर्मा के घर से 500 सीडियां बरामद की गई हैं। पुलिस ने इस सीडी में अश्लील कंटेंट होने की आशंका तो जताई, लेकिन इस सीडी में असल में क्या है, इस बात की जानकारी पुलिस ने नहीं दी।
पुलिस ने कहा है कि वह इस सीडी को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सीडी छत्तीसगढ़ सरकार के एक रसूखदार मंत्री की है, जिसमें वह एक लड़की के साथ आपत्तिजनक हालात में नजर आ रहे हैं।
विनोद वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने देशबंधु, बीबीसी और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। वह फिलहाल कांग्रेस के मीडिया सेल का काम देख रहे थे।
बताया जा रहा है कि विनोद वर्मा की गिरफ्तारी जिस शख्स की शिकायत पर हुई है, उसका नाम प्रकाश बजाज है।
पुलिस के मुताबिक, शिकायकर्ता ने बताया था कि उसे कुछ वक्त से कॉल करके धमकी दी जा रही थी। धमकी यह कि अगर उनकी शर्तों को नहीं माना गया तो उसके 'आका' की सीडी सार्वजनिक कर दी जाएगी।
हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि इस मामले में 'आका' कौन है? पुलिस के मुताबिक, गुरुवार दोपहर शिकायत दर्ज किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की गई।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता को धमकी देते हुए कहा गया था कि सीडी में क्या है, वह चाहे तो आकर जांच सकता है। उसे एक पता भी दिया गया था। शिकायतकर्ता के बताए गए पते पर पुलिस ने जांच की तो पाया कि वहां एक शख्स सीडी की कॉपी तैयार करने का काम करता है।
उस शख्स ने बताया कि उसे एक सीडी के 1 हजार कॉपी बनाने का ऑर्डर मिला था।
पुलिस के मुताबिक, इस व्यक्ति के कॉल रिकॉर्ड से विनोद वर्मा से बातचीत के बारे में जानकारी मिली। फिर नंबर के गाजियाबाद में होने के बारे में पता चला। इसके बाद, छत्तीसगढ़ पुलिस ने गाजियाबाद और दिल्ली पुलिस की मदद से विनोद वर्मा के घर पर छापा मारा।
पुलिस के मुताबिक, उसे वहां से 500 सीडी मिली है। पुलिस का कहना है कि दिल्ली में भी जिसने सीडी की कॉपियां तैयार की है, उसने भी इस बात की पुष्टि की है कि सीडी विनोद वर्मा ने बनवाई है।
पुलिस ने यह माना कि शिकायतकर्ता को विनोद वर्मा द्वारा धमकी दिए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ता को किसने फोन करके धमकी दी, यह तुरंत इसलिए नहीं पता चल सका क्योंकि उसके पास लैंडलाइन था।
पुलिस के मुताबिक, वह लैंडलाइन पर आने वाले कॉल्स की डिटेल्स जुटा रही है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि सीडी किसने बनाई, यह भी पता नहीं चल सका है। उसका कहना है कि विनोद वर्मा को पूछताछ के लिए अब छत्तीसगढ़ लाया जाएगा। इसके लिए उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश करके ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दी जाएगी।
