राष्ट्रपति और पीएम ने घंटी बजाकर पूरे देश में जीएसटी लागू किया

जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स (वस्तु एवं सेवा कर) आज (30 जून) की मध्यरात्रि से देश भर (जम्मू-कश्मीर को छोड़कर) में लागू हो चुका है।

नरेंद्र मोदी ने सेंट्रल हॉल में संबोधन के दौरान कहा कि '20 लाख तक का व्यापार करने वालों को जीएसटी से मुक्ति मिलेगी। साथ ही 75 लाख तक के व्यापारी को जीएसटी में राहत मिलेगी।'

जीएसटी भारत की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में बदलाव लाते हुए एकल बाजार में 2,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था और 1.3 अरब लोगों को जोड़ेगी।

बता दें कि इस समारोह में भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे एस खेहर, वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा तमाम केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। कांग्रेस सहित विपक्ष ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया।

पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने घंटी बजाकर पूरे देश में जीएसटी लागू किया।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि जीएसटी मेरे लिए भी ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि वित्त मंत्री रहते हुए मैंने इसके लिए काफी पहल की थी।

पीएम मोदी ने कहा कि 'जीएसटी पर संसद में पहले के सांसदों और मौजूदा सांसदों ने लगातार चर्चा की और उसी का परिणाम रहा कि आज हम इसे साकार रूप में देख पा रहे हैं।'

नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज देश आगे का रास्ता तय करने जा रहा है। जीएसटी हमारी सांझी विरासत है। ये किसी दल की सिद्धी नहीं है।

अरुण जेटली ने बताया कि जीएसटी से 17 टैक्स समेत 23 सेस खत्म होंगे।

अरुण जटली ने इसे भारत के लिए नई राह की शुरुआत बताई। जेटली ने कहा, ''एक राष्ट्र, एक टैक्स हमारा उद्देश्य। राज्य और केंद्र सरकार एक दिशा में काम करेंगे।''