उत्तर प्रदेश में 2017 विधान सभा चुनाव के ओपिनियन पोल की भविष्यवाणियां
उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के लिए सातवें और आखिरी चरण का मतदान बुधवार (आठ मार्च) को समाप्त हुआ। जिन पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव हुए हैं उनमें सबसे ज्यादा निगाहें यूपी के नतीजों पर ही हैं। राज्य में समाजवादी पार्टी सत्ता में है जो चुनाव से पहले ही अंदरूनी कलह की वजह से सुर्खियों में रही।
साल 2012 में सपा को अकेले दम पर पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था। 2012 के विधान सभा चुनाव में सपा को 224, बसपा को 80 और भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली थी।
मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सपा ने बहुजन समाज पार्टी की मायावती की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। वहीं भारतीय जनता पार्टी करीब डेढ़ दशकों से राज्य की सत्ता से बाहर है।
चुनाव से पहले भाजपा, बसपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन तीनों ही पूर्ण बहुमत पाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन भिन्न-भिन्न ओपिनियन सर्वे अलग-अलग पार्टी को राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का अनुमान जता रहे हैं।
जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के मंत्रियों ने यूपी चुनाव में अपनी ताकत झोंकी है उससे भाजपा अच्छे प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त है।
वहीं अंदरूनी कलह से उबरी सपा को अखिलेश यादव की छवि और पार्टी की सेकुलर छवि पर भरोसा है।
बसपा प्रमुख मायावती ने इस चुनाव में सबसे ज्यादा मुसलमानों को वोट दिया है इसलिए उन्हें उम्मीद है कि दलित-मुस्लिम समीकरण के बदौलत वो दोबारा सत्ता में वापस कर सकेंगी।
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