राहुल गांधी ने कहा, 2019 में जीतने पर मैं पीएम क्यों नहीं बनूंगा?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद की दावेदारी ठोंक दी है। उन्होंने मंगलवार (आठ मई) को कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान साफ कहा कि 2019 में जीतने पर मैं पी एम क्यों नहीं बनूंगा? राहुल गांधी ने यह जवाब तब दिया, जब उनसे प्रधानमंत्री पद को लेकर लोगों ने सवाल किया था।

कर्नाटक में राहुल गांधी ने कहा कि आप लोग मेरे बयान पर हंसेंगे, मगर 2019 में भाजपा सरकार नहीं बनाएगी। वजह कि विपक्ष की एकजुटता के कारण बीजेपी को 2019 के लोकसभा चुनाव में सरकार बनाने में बहुत परेशानी होगी। लोगों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पद के सवाल पर कहा कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आती है तो वह पी एम क्यों नहीं बनेंगे। राहुल ने साफ कहा कि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनती है तो वह प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस राज्यों में अपनी विशेष रणनीति पर काम करे तो फिर 2014 की तरह पार्टी को नतीजे नहीं झेलने पड़ेंगे। राहुल ने दावा किया कि 2019 में उनका राजनीतिक विश्लेषण सही साबित होगा और नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनने में सफल नहीं होंगे।

राहुल ने इस दौरान कर्नाटक में महिला उम्मीदवारों की कम संख्या पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि हम और ज्यादा संख्या में महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारना चाहते थे, मगर 15 को ही टिकट दे पाए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब राजनीतिक विचारधारा की लड़ाई होती है तो सभी को इस मुद्दे पर एकजुट होना पड़ता है। राहुल गांधी ने कहा कि अगर देश के तीन प्रमुख दल एकजुट हो गए तो बीजेपी को पांच सीट भी नहीं नसीब होने वाली।

हालांकि राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला होगा, वहीं पर मुख्य राजनीतिक लड़ाई देखने को मिलेगी।

बता दें कि राहुल गांधी ने इससे एक दिन पहले सोमवार (आठ मई) को कोलार में रोड शो के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा था कि मोबाइल में तीन मोड होते हैं, वर्क, स्पीकर और एयरप्लेन। मोदी जी सिर्फ एयरप्लेन और स्पीकर मोड में ही काम करते हैं। कभी वर्क मोड में नहीं दिखते हैं।

राहुल गांधी ने किसानों से वादा करते हुए कहा कि 2019 में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के 10 दिन के भीतर उनके कर्ज को माफ कर दिया जाएगा। बता दें कि 12 मई को कर्नाटक में मतदान के बाद 15 मई को परिणाम घोषित होंगे।