सहारनपुर बॉर्डर पर पुलिस से राहुल गांधी ने कहा, आप मुझे बॉर्डर पर नहीं रोक सकते थे

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने आज सहारनपुर के हिंसा से प्रभावित लोगों के परिजनों से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस उपाध्यक्ष के साथ मौजूद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पीएल पुनिया ने सहारनपुर से फोन पर बताया कि राहुल ने हिंसा से प्रभावित लोगों को विश्वास दिलाया कि वह उनको इंसाफ दिलाए जाने के लिए काम करेंगे।

राहुल गाँधी ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि इस जातीय हिंसा की निष्पक्ष जांच करें और इलाके में शांति और भाईचारा बहाल करने के लिये काम करें।

जिला प्रशासन ने कांग्रेस उपाध्यक्ष को जिले में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी थी। प्रशासन ने जिले की सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और राहुल को जिले की सीमा पर रोक लिया गया।

इस पर कांग्रेस नेता ने प्रशासन से पूछा कि उन्हें किस कानून के अन्तर्गत शहर में जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इसका एक वीडियो भी न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी किया है जिसमें राहुल एक पुलिस अफसर से कह रहे हैं कि आपने किस कानून के तहत मुझे रोकने की कोशिश की? आप मुझे बॉर्डर पर नहीं रोक सकते थे, लेकिन आपने रोका। इसके बाद वह नजदीक के एक ढाबे पर गए और वहाँ उन्होंने जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की।

पुनिया ने बताया कि राहुल गाँधी ने प्रशासन से कहा कि उन्हें हिंसा के शिकार अस्पताल में भर्ती लोगों से मिलने के लिए अस्पताल में जाने के इजाजत दें।

इस पर प्रशासन ने बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार रात प्रशासन ने अस्पताल में भर्ती 23 लोगों को छुट्टी दे दी गई।

पुनिया ने बताया कि हिंसा प्रभावित लोगों से बातचीत के दौरान राहुल ने जिन दलितों के घर जलाए गए उन्हें कम मुआवजा देने की बात भी उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले की समीक्षा करेंगे और इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने बताया कि राहुल बाद में दिल्ली वापस लौट गए।

इससे पहले आज सुबह राहुल गाँधी कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर के साथ दिल्ली से सहारनपुर के लिए रवाना हुए थे।

सहारनपुर में मौजूद अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आदित्य मिश्रा ने कहा था कि राहुल से अनुरोध किया जाएगा कि वह शहर न आएं और अगर उन्होंने जिद की तो उनके खिलाफ धारा 144 के तहत कार्रवाई की जाएगी।