ठाणे में 4 जनवरी तक धारा 144 लागू, बस सेवाओं पर भी असर
भारत के महाराष्ट्र में पुणे के पास स्थित भीमा-कोरेगांव में भड़की जातीय हिंसा अब पूरे महाराष्ट्र में फैल चुकी है। दलित समुदायों ने आज यानी बुधवार को राज्य में बंद का ऐलान किया है। ठाणे के कई स्कूल बंद हैं। प्रबंधन का कहना है कि वह छात्रों की सुरक्षा के लिए ऐसा कर रहे हैं। इसके अलावा जरूरी काम से यात्रा करने वालों को भी दिक्कतें आ रही हैं। पुणे के बारामती और सतारा की तरफ चलने वाली बसें अगले आदेश तक रोक दी गई हैं।
डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर डी विकास ने कहा, ''पुणे डिविजन की सभी ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं। हालात बनाए रखने के लिए सुरक्षा लगाई गई है।''
महाराष्ट्र में जगह-जगह पुलिस को तैनात किया गया है। ठाणे में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया। फिलहाल ठाणे में 4 जनवरी तक के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है।
मुंबई पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया है कि वह किसी भी तरह की अफवाहों के बहकावे में ना आएं और बिना रुके अपना काम करें। इसके साथ ही स्कूल बसें भी आज नहीं चल रही हैं। स्कूल बस मालिक एसोसिएशन के अनिल गर्ग ने कहा है कि मुंबई में आज स्कूल बसें नहीं चलाई जाएंगी। बच्चों की जिंदगी को खतरे में डालने का रिस्क नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि 11 बजे एक बार फिर इस पर विचार किया जाएगा कि सेकेंड हाफ में उन्हें स्कूल बुलाया जाए या नहीं। यह सब स्थिति पर निर्भर है। आरएसएस ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
मुंबई के वर्ली इलाके में भी प्रदर्शनकारियों ने दो बसें तोड़ी हैं। इसके साथ ही मुंबई में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डब्बावाला की सेवाएं आज के लिए बंद कर दी गई हैं। इससे हजारों लोगों तक आज खाना नहीं पहुंचेगा।
महाराष्ट्र पुलिस इस वक्त राज्य के कई इलाकों में तैनात है। इसके अलावा कई अतिरिक्त पुलिसबलों को स्टैंडबाय में रखा गया है। अगर हिंसा भड़कती है तो पुलिसबलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को भी बंद किया जा सकता है, ताकि हिंसक खबरें लोगों तक ना पहुंचे।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए डीजीपी सतीश माथुर ने कहा, ''हमने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सारी तैयारी कर ली है। अतिरिक्त बलों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को भी बंद किया जा सकता है, ताकि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की कोई अफवाह ना फैलाई जा सके।''
गौरतलब है कि पुणे के नजदीक सोमवार (1 जनवरी) को भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं वर्षगांठ मनाने जुटे लाखों दलितों की कुछ मराठा संगठनों से हिंसक झड़प होने के बाद एक शख्स की मौत हो गई थी। जिसके बाद राज्य के कई इलाकों में मंगलवार यानी 2 जनवरी के दिन हिंसा हुई। पुलिस ने फिलहाल दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के पोते और एक्टिविस्ट प्रकाश अंबेडकर ने बंद का आह्वान किया है।
