बातों का कोई मतलब नहीं रह जाता, जब कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं होता है: राहुल गांधी

पीएम मोदी द्वारा कथित गौरक्षकों को फटकार लगाये जाने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने कहा है कि पीएम का बयान मामले की गंभीरता के हिसाब से बहुत ही छोटा और बहुत देर से आया है।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि सिर्फ शब्दों का कोई मतलब नहीं रह जाता है, जब आपकी बातों पर अमल नहीं किया जाता है।

राहुल गांधी के मुताबिक, अब गौरक्षा के नाम पर ऐसी हत्याएं करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किये जाने की जरूरत है ताकि आवाम में कड़ा से कड़ा संदेश जाए, और लोग कानून को हाथ में लेने से पहले सौ बार सोचें।

बता दें कि नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार (29 जून) को गुजरात के साबरमती में कहा कि गौरक्षा के नाम पर लोगों की हत्या देश को स्वीकार्य नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि देश में कानून को हाथ में लेने का हक किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के सबसे बड़े गौरक्षक महात्मा गांधी और विनोबा भावे इसे कभी स्वीकार नहीं करते।

एआईएमआईएम चीफ ओवैसी ने भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गौभक्ति के नाम पर गुंडागर्दी तबतक चलती रहेगी, जब तक गौरक्षक बीजेपी और आरएसएस से समर्थन पाते रहेंगे।

ओवैसी ने कहा कि जब तक देश में इंसानों से ज्यादा जानवरों की कीमत लगाई जाएगी, लोगों की हत्याएं होती रहेगी, उन्होंने कहा कि गौरक्षक बीजेपी और संघ से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष समर्थन पाते रहते हैं इसलिए पीएम के कहने के बावजूद जमीनी स्तर पर कुछ भी बदलाव नहीं होने वाला है।

बता दें कि इससे पहले पिछले साल 6 अगस्त 2016 को भी पीएम नरेन्द्र मोदी ने गौरक्षकों को चेतावनी दी थी और कहा था, ''कुछ लोग गौ रक्षा के नाम पर दुकान खोलकर बैठ गये हैं, इस पर मुझे बहुत गुस्सा आता है।'' पीएम मोदी ने ऐसे लोगों के खिलाफ राज्य सरकार से कार्रवाई करने को कहा था। मोदी ने कहा था कि, ''कुछ लोग पूरी रात गलत कामों में शामिल रहते हैं और दिन में गौरक्षक का चोला पहन लेते हैं, मैं राज्य सरकारों से कहता हूं कि वे ऐसे लोगों का डोजियर बनाएं।'' लेकिन मोदी के बयान के बाद भी गौरक्षकों द्वारा की जाने वाली हत्याओं में कोई कमी नहीं आई है। उलटे गौरक्षकों द्वारा की जाने वाली हत्याओं की संख्या में दिनों दिन बढ़ोत्तरी ही होती जा रही है।