पाटीदार नेता ने कहा, बीजेपी मुझे एक करोड़ रुपये में खरीदना चाहती थी

गुजरात विधान सभा चुनावों से ठीक पहले हार्दिक पटेल के साथी पाटीदार नेता ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि बीजेपी उन्हें एक करोड़ रुपये में खरीदना चाहती थी और उन्हें 10 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिये गये थे।

पाटीदार अनामत समिति के संयोजक नरेंद्र पटेल रविवार (22 अक्टूबर) को हार्दिक पटेल के पू्र्व साथी वरुण पटेल के सामने बीजेपी में शामिल हुए थे। वरुण पटेल भी रविवार को ही बीजेपी में शामिल हुए थे।

नरेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने उन्हें वरुण पटेल के माध्यम से उसमें शामिल होने पर एक करोड़ रुपये देने का वादा किया था।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, वरुण पटेल ने इन आरोपों से इनकार किया है।

गुजरात में 18 दिसंबर से पहले चुनाव होने हैं क्योंकि उस दिन गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधान सभा चुनाव के नतीजे आने की चुनाव आयोग पहले ही घोषणा कर चुका है।

नरेंद्र पटेल ने मीडिया से कहा, ''वरुण पटेल ने मेरे लिए बीजेपी के साथ एक करोड़ रुपये की डील की। उन्होंने मुझे 10 लाख रुपये एडवांस दिए। बाकी 90 लाख रुपये वो मुझे कल देने वाले थे, लेकिन वो मुझे पूरा रिजर्व बैंक भी दे दें तो वो मुझे खरीद नहीं पाएंगे।''

नरेंद्र पटेल ने मीडिया के सामने नोटों के बंडल भी पेश किए जो उन्हें कथित तौर पर एडवांस के रूप में मिले थे।

नरेंद्र पटेल ने दावा किया कि उन्होंने एडवांस रुपये इसलिए लिये ताकि मीडिया के सामने वरुण पटेल और बीजेपी को बेनकाब कर सकें।

वरुण पटेल और उनकी साथी रेशमा पटेल रविवार सुबह बीजेपी में शामिल हुए थे। दोनों ही पाटीदार आंदोलन के नेता थे। दोनों नेताओं ने बीजेपी में शामिल होते समय आरोप लगाया कि हार्दिक पटेल कांग्रेस से मिल गये हैं।

नरेंद्र पटेल के आरोपों के बाद वरुण पटेल ने कहा कि ये आरोप कांग्रेस के कहने पर लगाए जा रहे हैं।

हार्दिक पटेल के नेतृत्व में पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग ने उग्र रूप ले लिया था। माना जाता है कि नरेंद्र मोदी की जगह गुजरात की मुख्यमंत्री बनने वाली आनंदीबेन पटेल की कुर्सी जाने में पाटीदार आंदोलन पर काबू नहीं कर पाना बड़ी वजह थी। आनंदीबेन की जगह गुजरात के मौजूदा सीएम विजय रूपानी ने ली थी।