टॉटेम इंफ्रा ने आठ बैंको को ठगा, 1394 करोड़ का फर्जीवाड़ा किया

बैंकों को ठगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। हीरा कारोबारी नीरव मोदी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक को ठगने के बाद लगातार ऐसे मामले आ रहे हैं। नया मामला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यू बी आई) के साथ ही सात अन्य बैंकों के एक कंसोर्टियम से जुड़ा है। टॉटेम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने आठ बैंकों के समूह से कुल 1,394.43 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। 30 जून, 2012 में इसे एन पी ए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) घोषित कर दिया गया था।

यू बी आई की इंडस्ट्रियल ब्रांच ने टॉटेम इंफ्रा को अकेले 313 करोड़ रुपये का लोन दिया था। यू बी आई ने गुरुग्राम स्थित कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रमोटर और डायरेक्टर सलालिथ टॉट्टेमपुड़ी और कविता टॉट्टेमपुड़ी के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दी थी। जांच एजेंसी ने इस मामले में एफ आई आर दर्ज कर ली है। कंपनी के प्रमोटर और डायरेक्टर से पूछताछ की जा रही है।

बता दें कि कंपनी द्वारा कर्ज की अदायगी नहीं करने पर इनको दिए लोन को एन पी ए में डाल दिया गया था।

मालूम हाे कि पी एन बी घोटाला सामने आने के बाद वित्तीय फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आ चुके हैं। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से विभिन्न कंपनियों द्वारा बैंकों को ठगने का मामला सामने आ चुका है।

दिल्ली स्थित द्वारका दास सेठ इंटरनेशनल ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के 390 करोड़ रुपये का  फर्जीवाड़े किया।

वहीं, तमिलनाडु में कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर भूपेश कुमार जैन ने 13 बैंकों का 824 करोड़ रुपये ठग लिया। बैंकों के कंसोर्टियम की अगुआई एस बी आई ने की थी। भूपेश ने बैंक अधिकारियों को पत्र लिखकर फर्जी दस्तावेज के आधार पर लोन लेने की बात भी स्वीकार की थी। शुरुआत में उसने आठ बैंकों को ब्याज का भुगतान नहीं किया था। बाद में सभी 13 बैंकों का भुगतान रोक दिया गया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भूपेश अपनी पत्नी नीता जैन के साथ मॉरिशस में है। एस बी आई ने 25 जनवरी को भूपेश और उसकी पत्नी नीता के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दी थी। इससे पहले एस बी आई ने उसके खातों को फर्जी करार दे दिया था। बाद में सभी बैंकों को यह कदम उठाना पड़ा था। आर बी आई को भी इसकी सूचना दी गई थी।