उन्नाव गैंगरेप: हाई कोर्ट ने कहा - सीएम योगी एक्शन लेते तो पीड़िता का पिता नहीं मरता
उत्तर प्रदेश के उन्नाव गैंगरेप मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर साल भर पहले सी एम योगी आदित्यनाथ के कार्यालय की तरफ से सख्त कार्रवाई होती तो पीड़िता का पिता नहीं मरता। इस टिप्पणी के साथ ही हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस दिलीप बी भोसले ने शुक्रवार को बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार करने का आदेश सी बी आई को दिया।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर आरोपी विधायक को संरक्षण देने के आरोप लग रहे थे। शुक्रवार को ही सी बी आई ने आरोपी विधायक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, फिर कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार कर लिया। विधायक के खिलाफ तीन केस दर्ज किए गए हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पीड़ित पक्ष द्वारा पिछले साल 17 अगस्त, 2017 को ही सी एम योगी आदित्यनाथ से आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
हालांकि, सी एम योगी के स्पेशल सेक्रेटरी की तरफ से उन्नाव के एस पी को इस बाबत चिट्ठी भेजी गई थी। इधर, सी एम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि इस मामले में उन्हें पहली जानकारी इस साल 9 अप्रैल को मिली। इसके बाद तुरंत मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एस आई टी) का गठन किया गया। फिर बाद में मामले को सी बी आई को सौंप दिया गया।
इधर, केंद्रीय गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को एक इंटरव्यू में कहा कि नाबालिग के साथ रेप के मामलों में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्नाव मामले में अब सी एम ने जांच कमेटी गठित कर दी है कि क्यों इसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी? उन्होंने इस घटना को शर्मनाक और दुखद करार दिया।
बता दें कि इस मामले में जिन लोगों के कंधों पर जांच करने और कार्रवाई करने की जिम्मेदारी थी, ऐसे लोग आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के इशारों पर नाच रहे थे। इस मामले में एक डॉक्टर भी जांच के घेरे में है, जिसने पीड़िता के पिता की मेडिकल जांच करने की जगह उसका मजाक बनाया था। पीड़िता के पिता को विधायक के भाई और गुंडों ने पीटा था, जिससे बाद में उनकी मौत हो गई थी।
RELATED NEWS
