भारत में एससी/एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन, एक की मौत
भारत में सुप्रीम कोर्ट ने एस सी/एस टी एक्ट में बदलाव को लेकर फैसला सुनाया था। अब कई दलित संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। साथ ही भारत बंद का आह्वान किया है। बंद को कई राजनीतिक पार्टियों और कई संगठनों ने समर्थन भी दिया है। हिंदी बेल्ट के राज्यों में बंद का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। संगठनों की मांग है कि अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पहले की तरह लागू किया जाए।
दरअसल, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एस सी/एस टी एक्ट का गलत इस्तेमाल होने पर चिंता जाहिर करते हुए इसमें कुछ बदलाव किए थे। कोर्ट के इस फैसले पर दलित संगठन कानून को कमजोर करने की दलील दे रहे हैं और लगातार विरोध में आवाज उठा रहे हैं। इस बंद को देखते हुए पंजाब में सभी शिक्षण संस्थान, ट्रांसपॉर्ट बंद रखने का फैसला किया गया है। पंजाब में आज होने वाली 10वीं और 12वीं के सी बी एस ई परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
जयपुर में प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। जयपुर में एक शोरूम में प्रदर्शनकारियों ने तोड़ फोड़ की है। शोरूम का शीशा तोड़ दिया गया। इसके आलावा जयपुर में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोककर उसके सामने खडे़ होकर और ट्रेन के इंजन पर चढ़कर प्रदर्शन किया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने मध्यप्रदेश के मुरैना में भी रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर के चार थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लग गया है। वहीं मेरठ में भी प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस चौकी फूंक दी है।
मेरठ में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पीटा। पहले पुलिसवाले एक प्रदर्शनकारी को लेकर आए। उसके बाद एक गली में से कई और प्रदर्शनकारियों को पकड़कर लाए और उनकी खूब पिटाई की।
रांची में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं। कुछ प्रदर्शनकारी सड़क जाम कर रहे थे। पुलिस उन्हें ऐसा करने से रोक रही थी। इसी को लेकर दोनों के बीच भिडंत हो गई।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अब राजस्थान में भी विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है। गाड़ियों समेत दूसरी प्रॉपर्टी फूंक दी हैं। इसके अलावा राजस्थान के ही भरतपुर में महिलाएं लाठी डंडे लेकर सड़क पर उतर गई हैं।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारत बंद को लेकर रोड पर तोड़फोड़ की गई। रोड पर जा रही होंडा सिटी और i20 कार के शीशे तोड़े गए। लोगों को चोट भी आई।
एस सी/एस टी एक्ट में बदलाव को लेकर दिल्ली के मंडी हाउस पर भी विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
एस सी/एस टी एक्ट में बदलाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। पंजाब के पटियाला में महिलाएं हाथों में झंडे लेकर रेलवे ट्रैक पर आ गई और ट्रेन रोक दी। इसके बाद लोगों ने ट्रेन के ऊपर चढ़कर और इंजन के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया।
एस सी/एस टी एक्ट को लेकर उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाया। इसके अलावा राजस्थान के भरतपुर में महिलाएं लाठी डंडे लेकर सड़क पर उतर गई हैं। वह लाठी डंडों के साथ सड़क पर बैठी हैं।
एस सी/एस टी एक्ट के बदलाव के विरोध में पंजाब के अमृतसर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री थावर चंद्र गहलोत ने कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तब तक एस सी/एस टी और अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों से कोई खिलवाड़ नहीं हो सकता।
एस सी/एस टी एक्ट को लेकर दलितों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एस सी/एस टी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार सोमवार ( 2 अप्रैल) को पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।
एस सी/एस टी एक्ट को लेकर बिहार के आरा में CPIML समेत कई संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक दी। इसके रेलवे फाटक पर टायर डालकर आगजनी भी की। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने बिहार के सोनापुर में रोड ब्लॉक कर दी।
एस सी/एस टी एक्ट में बदलाव के फैसले पर भारत बंद का भोजपुर में भी असर दिख रहा है। यहां सड़कों पर सन्नटा पसरा हुआ है। सभी दुकानें बंद हैं और परिचालन भी ठप हो गया है।
एस सी/एस टी एक्ट को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि एस सी/एस टी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निश्चित तौर पर रिव्यू पिटिशन डाला जाना चाहिए। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने ठीक से पक्ष क्यों नहीं रखा, इसकी जांच होनी चाहिए।
पंजाब बोर्ड ने कहा कि केंद्र शासित चंडीगढ़ और भारत के अन्य हिस्सों में परीक्षाएं शेड्यूल के मुताबिक होंगी। पंजाब में परीक्षा की अगली तारीख जल्द घोषित की जाएगी। पंजाब सरकार ने राज्य में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं। बिहार के आरा, अररिया और जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोक दी हैं। ओडिशा के सम्बलपुर जिले में भी दलित संगठनों ने ट्रेनें रोक दीं।
