योगी आदित्य नाथ ने भीम राव अंबेडकर की मूर्ति पर नहीं किया माल्यार्पण, दलित हुए उग्र
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सीएम पद की शपथ लेने के बाद मेरठ का पहला दौरा किया। योगी के दौरे के दौरान मेरठ के शेरगढ़ी और उसके आस-पास के इलाकों के दलितों ने जमकर हंगामा किया और शराब के ठेके में तोड़फोड़ की।
दरअसल दलित योगी आदित्य नाथ द्वारा अंबेडकर की मूर्ति पर माला नहीं डालने के कारण नाराज हो गए और इसके बाद उनका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साई भीड़ ने तोड़फोड़ और नारेबाजी के साथ शराब के ठेके को लूट लिया।
यही नहीं, कई जगहों पर योगी आदित्यनाथ के बैनर और पोस्टरों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अपनी यात्रा के दौरान मेरठ के शेरगढ़ी स्थित मलिन बस्ती का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां स्थित भारत के संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर योगी द्वारा माला नहीं चढ़ाई गई जिससे दलित नाराज हो गए।
दलितों को उम्मीद थी कि सीएम योगी आदित्य नाथ अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण जरुर करेंगे। मूर्ति पर माल्यार्पण न किए जाने से नाराज दलितों ने योगी मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
यही नहीं, हंगामा कर रहे लोगों ने योगी के पोस्टरों और बैनरों को भी फाड़ दिया और सड़क जाम कर दी। हंगामा कर रहे लोगों ने सड़क के पास स्थित शराब के ठेके को भी निशाना बनाया। प्रदर्शन कर रहे उग्र दलितों ने शराब की दुकान पर धावा बोतले हुए तोड़फोड़ की और शराब लूट ली।
दलितों का उग्र प्रदर्शन काफी देर तक ऐसे ही चलता रहा। बाद में पुलिस फोर्स मौक-ए-वारदात पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को बल प्रयोग करके वहां से खदेड़ा।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब के ठेके को हटाने की काफी समय से मांग की जा रही थी, लेकिन उनकी इस मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था।
उग्र दलितों ने हंगामे के दौरान कुछ वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया।
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